नेपाल में नए युग की शुरुआतः सबसे युवा प्रधानमंत्री के तौर पर बालेन शाह ने ली शपथ! हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुआ कार्यक्रम, जानिए रैपर से राजनीति में आने तक का सफर

A new era begins in Nepal: Balen Shah takes oath as the youngest Prime Minister! The ceremony was held according to Hindu customs. Learn about his journey from rapper to politician.

नई दिल्ली। नेपाल में आज शुक्रवार से बालेन युग की शुरुआत हो गई है। 35 साल के बालेंद्र शाह उर्फ बालेन नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने पीएम पद की शपथ ले ली है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान के नियमों के तहत बालेन को नेपाल के नए प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा कि नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने शुक्रवार को काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी के पूर्व मेयर शाह बालेन शाह को संविधान के आर्टिकल 76(1) के तहत इस पद पर नियुक्त किया। शपथ समारोह राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में हुआ। बालेन के साथ उनके मंत्रिमंडल का भी शपथ ग्रहण हुआ। बता दें कि बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 5 मार्च को हुए चुनाव में 275 में से 182 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। अब उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। इस दौरान बालेन शाह ने नेपाली टोपी लगाई हुई थी। मंच पर बालेन शाह के पास वाली कुर्सी पर नेपाल की कार्यकारी पीएम सुशला कार्की बैठी हुई थीं। शपथ ग्रहण समारोह में मंच पर कई अन्य खास मेहमान भी नजर आए। यह शपथ ग्रहण समारोह हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर सात शंखनादकों ने शंख ध्वनि के साथ मांगलिक शुरुआत की।

रामनवमी के खास दिन बालेन शाह का शपथ ग्रहण
नेपाल की राजनीति में बालेन शाह एक नायक के तौर पर उभरे। जेन-जी आंदोलन में भी उनकी अहम भूमिका रही। यूथ बालेन को प्रधानमंत्री बनाए जाने की मांग कर रहा था। उनकी ये मुराद अब पूरी हो गई है। रामनवमी के खास दिन बालेन ने नेपाल के पीएम पद दी शपथ ली है। शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें सबसे ज्यादा ध्यान खींचा एक तस्वीर ने, जो कि उनकी बेटी की है। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान बालेन की पत्नी सबीना और बेटी भी मंच पर ही मौजद थे। इस दौरान बालेन ने अपनी बेटी को अपनी गोद में उठा लिया। 

युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं बालेंद्र
काठमांडू में 27 अप्रैल 1990 को जन्मे बालेंद्र शाह इससे पहले 2022 से 2026 तक काठमांडू के मेयर रह चुके हैं और युवाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।बालेेंद्र शाह का जन्म एक नेवार बौद्ध परिवार में हुआ। उनके पिता आयुर्वेद के चिकित्सक थे। उन्होंने काठमांडू के हिमालयन व्हाइटहाउस इंटरनेशनल कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक हासिल किया। इसके बाद भारत आकर 2018 में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित निट्टे मीनाक्षी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की। राजनीति में आने से पहले शाह नेपाल के अंडरग्राउंड हिप-हॉप (नेफहॉप) संगीत जगत में सक्रिय थे। उनका गीत 'सड़क बालक' 2012 में रिलीज हुआ और 2013 में 'रॉ बार्ज़' रैप-बैटल मंच के माध्यम से उन्हें व्यापक पहचान मिली। उनके गीतों में भ्रष्टाचार, असमानता और युवाओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। लोकप्रिय होने के बाद बालेंद्र शाह ने राजनीति का रुख किया और दिसंबर 2021 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर पद के लिए चुनाव लड़ने की घोषणा की। श्री शाह के गीतों के मुद्दे उनकी राजनीति में भी हूबहू आ गये। उन्होंने अपने चुनाव अभियान में पारंपरिक प्रचार के तरीकों के बजाय सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग करते हुए भ्रष्टाचार विरोध, पारदर्शिता, शहरी सुधार, कचरा प्रबंधन और यातायात व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जोर दिया। इस नए रास्ते के जरिये वह युवाओं से बेहतर तरीके से जुड़ सके और 2022 में काठमांडू के पहले निर्दलीय मेयर निर्वाचित हुए।