इंदौर हाई कोर्ट में चीनी मांझे का लाइव सबूत: पेंसिल काटकर दिखाया गया जानलेवा खतरा! “पेंसिल कट सकती है तो इंसान भी नहीं बचेगा”
इंदौर। चीनी मांझे से होने वाले जानलेवा हादसों का मुद्दा एक बार फिर गंभीर रूप से सामने आया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई के दौरान चीनी मांझे के खतरनाक प्रभाव को लेकर ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने न सिर्फ अदालत बल्कि पूरे सिस्टम को झकझोर कर रख दिया। दरअसल, कोर्ट में एक पतंग के धागे (चीनी मांझे) से एक साधारण पेंसिल को काटकर दिखाया गया। यह प्रयोग अदालत में मौजूद जजों के सामने किया गया, जिसमें साफ नजर आया कि बेहद पतला दिखने वाला यह धागा कितनी आसानी से पेंसिल जैसी सख्त चीज़ को काट सकता है। इस दृश्य ने चीनी मांझे की घातक प्रकृति को बिना किसी बहस के साबित कर दिया।
सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर चीनी मांझा पेंसिल को काट सकता है, तो इंसान की त्वचा, नसों और गर्दन के लिए यह कितना खतरनाक होगा, इसकी कल्पना करना मुश्किल नहीं है। अदालत ने यह भी माना कि चीनी मांझे से अब तक देश के अलग-अलग हिस्सों में कई निर्दोष लोग, राहगीर और बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं, यहां तक कि कई लोगों की जान भी जा चुकी है। कोर्ट ने सरकारों और प्रशासन पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि चीनी मांझे पर प्रतिबंध के बावजूद उसका खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है, जो कानून व्यवस्था और प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। जजों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकारें और संबंधित एजेंसियां इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पाईं, तो भविष्य में पतंग उड़ाने जैसी गतिविधियों पर ही पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर विचार करना पड़ सकता है।
अदालत ने यह भी कहा कि परंपरा और त्योहारों के नाम पर किसी की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। चीनी मांझे के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर सख्ती से रोक लगाने के साथ-साथ इसके खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। यह मामला सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। हाई कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद अब निगाहें राज्य सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे चीनी मांझे के खिलाफ कितनी सख्ती से कार्रवाई करते हैं, ताकि भविष्य में किसी और को इसकी कीमत अपनी जान से न चुकानी पड़े।