किशाऊ बांध परियोजना का विवाद खत्म: गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप से माना हिमाचल,उत्तराखंड को बड़ी राहत

Kishau Dam project dispute resolved: Himachal agrees following Home Minister Amit Shah's intervention; major relief for Uttarakhand.

देहरादून। वर्षों से अधर में लटकी टोंस नदी पर प्रस्तावित ‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार पूरी तरह समाप्त हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक के बाद सभी हितधारक राज्यों के बीच सहमति की नई राह निकल आई है। गृह मंत्री के सीधे हस्तक्षेप के बाद हिमाचल प्रदेश इस परियोजना को हरी झंडी देने के लिए तैयार हो गया है। अब जल्द ही सभी 6 संबंधित राज्यों के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन साइन होगा, जिसके बाद इस भव्य परियोजना को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) के समक्ष भेजा जाएगा। इस महा-परियोजना के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय भार को लेकर राज्यों के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी, जिसे इस बैठक में सुलझा लिया गया है। नए फॉर्मूले के तहत परियोजना के जल घटक के कुल कार्य का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय सहायता के रूप में दिया जाएगा। शेष 10 प्रतिशत राशि का वित्तीय भार सभी 6 राज्यों (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान) द्वारा आपस में साझा किया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती विद्युत घटक के अपने हिस्से की लागत को वहन करने की थी। बैठक में इस बात पर सर्वसम्मति बनी कि हिमाचल के हिस्से आने वाले इस खर्च के बदले उसके लिए आवंटित पानी को दिल्ली और राजस्थान को दे दिया जाएगा। यानी हिमाचल के हिस्से का खर्च अब दिल्ली और राजस्थान उठाएंगे। यह दूरदर्शी निर्णय स्वच्छ और निर्मल यमुना की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा, क्योंकि इससे यमुना नदी में शुद्ध जल का निरंतर प्रवाह काफी बढ़ जाएगा। इस ऐतिहासिक बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उत्तराखंड को इस परियोजना से न सिर्फ पानी और बिजली मिलेगी, बल्कि वित्तीय स्तर पर भी बड़ी राहत दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि 'राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना' के अंतर्गत उत्तराखंड को केंद्र सरकार की तरफ से ब्याजमुक्त ऋण मुहैया कराया जाएगा। इससे उत्तराखंड सरकार पर परियोजना की लागत का बोझ न के बराबर हो जाएगा। नई दिल्ली में आयोजित इस हाई-लेवल बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ-साथ केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित गृह मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय और दोनों राज्यों के मुख्य सचिव व वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। किशाऊ डैम प्रोजेक्ट एक महत्वाकांक्षी बहुउद्देशीय परियोजना है, जिसे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर बहने वाली टोंस नदी पर बनाया जाना तय हुआ है। टोंस नदी यमुना की प्रमुख सहायक नदी है। इस राष्ट्रीय महत्व के प्रोजेक्ट को लेकर मुख्य विवाद पानी के बंटवारे, भारी-भरकम वित्तीय बोझ को वहन करने और स्थानीय विस्थापन की समस्याओं को लेकर था, जो अब केंद्र के दखल से पूरी तरह सुलझ गया है।