Holi मान्यता:पहली होली क्यों मनाई जाती है मायके में?क्या होता है अगर लड़की पहली होली ससुराल में मनाए?लंबे समय से चली आ रही इस परंपरा के पीछे क्या है रहस्य?

Holi Recognition: Why is the first Holi celebrated at the maternal home? What happens if a girl celebrates the first Holi at her in-laws' house? What is the secret behind this long-standing tradition

होली का त्यौहार रंगों और खुशियों का त्यौहार है,जो गिले शिकवे मिटा कर भाईचारे को बढ़ाता है, चारों तरफ सिर्फ मुस्कुराहट बिखेरता है। रंगों के इस त्यौहार में बच्चों से लेकर बड़े और बुजुर्ग हर कोई इसके उमंग में सराबोर हो जाता है।

 

 

हर तरफ गुलाल पानी की बौछार गुजिया की बहार छाई रहती है लेकिन  ऐसी क्या वजह है जो नई नवेली दुल्हन के लिए ससुराल में पहली होली देखना अशुभ माना जाता है?

जी हां, शादी के बाद पहली होली बहु के लिए ससुराल में शुभ नही मानी जाती इसीलिए होली पर बहु को उसके मायके भेज दिया जाता है। शायद आपने भी इस परंपरा के बारे में सुना भी होगा और देखा भी होगा, लेकिन इसके पीछे क्या मान्यता है ये बहुत कम ही लोग जानते हैं।आज यहां हम आपको विस्तारपूर्वक बतायेंगे कि आखिर क्या कारण है कि शादी के बाद नई-नवेली दुल्हन ससुराल में पहली होली  नही मना पाती हैं?, तो आइए जानते हैं क्या कहते शास्त्र और क्या है ये परंपरा 

दरअसल, नई दुल्हन की पहली होली मायके में मनाए जाने के पीछे सदियों से एक मान्यता चली आ रही है। माना जाता है कि नई बहू और उसकी सास को एक साथ जलती हुई होली को देखना बेहद अशुभ माना जाता है। ऐसा होने से दोनों के बीच कलह हो सकती है या फिर दोनों के लिए व्यक्तिगत तौर पर ये अशुभ फलदायी होता है। मान्यता है कि अगर कोई लड़की पहली होली अपने ससुराल में सास ससुर और ससुराल वालों के साथ मनाती है होलिका दहन देखती है तो उसके ससुराल वालों के साथ रिश्तों में खटास आने लगती है,बिन बात लड़ाई झगड़े होने लगते है।
सिर्फ नई नवेली दुल्हन ही नहीं बल्कि दामाद को भी पहली होली बीवी के मायके में ही करनी होती है। पहली होली पिहर के आंगन में खेलने से नये जोड़े का वैवाहिक जीवन सुखमय व सौहार्द पूर्ण बीतता है। वैसे इसके बहुत फायदे होते हैं। एक तो शादी के बाद पहली होली मायके में करने से नई नवेली दुल्हन अपने पति के साथ खूब एंजॉय करती हैं, इससे दोनो के बीच प्यार बढ़ता है। साथ ही दामाद का भी अपने ससुराल पक्ष के साथ बॉन्ड स्ट्रॉन्ग करने का मौक मिलता है। 

इतना ही नही गर्भवती महिला को भी ससुराल में होली खेलना मना किया जाता है. शादी के बाद नई दुल्हन के लिए पहली होली मायके में खेलना शुभ माना जाता है. पहली होली मायके में खेलने से संतान सुंदर और स्वस्थ होती है. धर्म शास्त्रों में इसका तर्क दिया गया है कि जब पहली बार नवविवाहिता गर्भवती होती है तो मायके में उसका विशेष ख्याल रखा जाता है, और विवाह के बाद कुछ समय तक नई दुल्हन ससुराल में सहज महसूस नहीं करती इसलिए पहली होली मायके में मनाने की परंपरा चली आ रही है।


वैसे अगर आप भी शादी के बाद पहली होली है और मायके वाला रिवाज आपके यहां भी माना जाता है तो यकीन मानिए ये होली आपकी वाकई यादगार होने वाली है। हर परिवार के त्यौहार को लेकर कस्टम्स अलग-अलग होते हैं। हो सकता है आपके यहां मायके में पहली होली मनाने का रिवाज न हो लेकिन अगर एक ही शहर में मायका और ससुराल है तो फिर आपकी होली तो बहुत जबरदस्त होने वाली है। हमारी तरफ से आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएं।