बिहार में ऐतिहासिक फैसला: अब हर महीने की 10 तारीख को मनेगा 'पेंशन दिवस', सीधे खाते में आएंगे ₹1100

Historic decision in Bihar: 'Pension Day' to be observed on the 10th of every month; ₹1,100 to be credited directly to accounts.

पटना। बिहार के करीब एक करोड़ बुजुर्गों, दिव्यांगों और जरूरतमंदों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को घोषणा की कि अब राज्य में हर महीने की 10 तारीख को 'बिहार पेंशन दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। इस तय तारीख को राज्य की सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की राशि सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से बिना किसी देरी के क्रेडिट कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संकल्प' सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के 97.84 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खातों में एकमुश्त 1,423.94 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि डिजिटल रूप से हस्तांतरित की। इस राशि में राज्य सरकार की तीनों सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत जून 2026 की पेंशन तथा राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम की तीनों पेंशन योजनाओं के मई और जून 2026 की बकाया राशि शामिल है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा हमारी सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर सीधे 1,100 रुपये किया है। इस बढ़ोतरी से राज्य के गरीबों, बुजुर्गों, दिव्यांगों और बेसहारा महिलाओं के जीवन में एक बड़ा सकारात्मक और सम्मानजनक बदलाव आया है। राज्य सरकार समाज के सबसे कमजोर और वंचित वर्गों की सामाजिक सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है और इसे आगे भी जारी रखेगी। मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि बिहार का कोई भी पात्र व्यक्ति इस सामाजिक सुरक्षा कवच से वंचित न रहे। इसके लिए हर पंचायत में विशेष 'सहयोग शिविर' और 'पंचायत विकास दिवस' के दौरान छूटे हुए असली हकदारों की पहचान कर उन्हें तत्काल योजनाओं से जोड़ा जाएगा। पेंशन वितरण की पूरी प्रक्रिया को भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी लाभार्थियों के बैंक खातों की आवश्यक लिंकिंग का कार्य जल्द से जल्द पूरा कराया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर बिचौलियों की गुंजाइश न रहे। इस ऐतिहासिक घोषणा और पेंशन हस्तांतरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के साथ मंच पर दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता तथा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत शासन के कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा, बिहार के सभी जिलों के जिलाधिकारी (डीएम) और हजारों पेंशन लाभार्थी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम से लाइव जुड़े, जिन्होंने सरकार के इस समयबद्ध कदम की जमकर सराहना की।