उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: नैनीताल जिले में आज कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
नैनीताल। उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में मानसूनी बारिश का कहर लगातार जारी है। मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी और रेड अलर्ट के मद्देनजर नैनीताल जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन ने 5 सितंबर 2026 (शनिवार) को जिले के सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय, निजी विद्यालयों (कक्षा 1 से 12 तक) और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित कर दिया है।
प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की आशंका और अलर्ट जारी किए जाने के बाद नैनीताल जिला प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। जिला प्रशासन ने 5 सितंबर 2026, शनिवार को जिले के कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। इसके साथ ही जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र भी शनिवार को बंद रहेंगे। जिला मजिस्ट्रेट एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के दौरान तेज दौर आने का पूर्वानुमान है। ऐसे मौसम में बच्चों की आवाजाही जोखिम भरी हो सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। प्रशासन के आदेश के अनुसार 5 सितंबर को नैनीताल जिले में कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षण कार्य बंद रहेगा। इसमें सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालय शामिल हैं। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से शिक्षक दिवस के अगले दिन यानी शनिवार को जिले के अधिकांश स्कूलों में पढ़ाई नहीं होगी। छात्र-छात्राओं को मौसम के खतरे के बीच घर से बाहर निकलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि प्रशासन ने आदेश में कुछ संस्थानों को छूट भी दी है। नैनीताल शहर क्षेत्र में संचालित आवासीय शैक्षणिक संस्थानों और उन विद्यालयों पर यह आदेश लागू नहीं होगा, जहां छात्र-छात्राओं के लिए उसी परिसर में आवासीय सुविधा उपलब्ध है। ऐसे संस्थानों में विद्यार्थियों के परिसर में ही रहने की व्यवस्था होने के कारण सामान्य स्कूलों की तरह आवागमन की स्थिति नहीं रहती। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संभावित आपदा या किसी अप्रिय घटना को देखते हुए सभी से सतर्क रहने की अपील की गई है। प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए घरों की खिड़कियां और दरवाजे अच्छी तरह बंद रखने तथा बिजली के उपकरणों को स्विच ऑफ रखने की सलाह दी गई है। नालियों और गटर को साफ रखने से जलभराव की स्थिति को कम किया जा सकता है। जरूरी काम से बाहर निकलना पड़े तो पानी भरे इलाकों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। लोगों को निचले इलाकों, नदी-नालों और पुलों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने और पानी से भरी सड़कों पर वाहन न ले जाने को कहा गया है। तेज बारिश और आंधी के दौरान बिजली के तार, खंभों और टूटे हुए पेड़ों के पास जाना खतरनाक हो सकता है। इसलिए लोगों को इनसे दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। बाहर निकलना जरूरी हो तो छतरी या रेनकोट साथ रखने को कहा गया है। मौसम के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।