उत्तर बिहार में बागमती का हाहाकार: नेपाल की बारिश से मुजफ्फरपुर में बाढ़ का कहर, तेज बहाव में बही 50 फीट मुख्य सड़क,गांवों का संपर्क टूटा

Havoc caused by the Bagmati River in North Bihar: Rains in Nepal trigger devastating floods in Muzaffarpur; a 50-foot stretch of the main road washed away by strong currents, severing connectivity to

मुजफ्फरपुर। नेपाल और तराई के इलाकों में पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश अब उत्तर बिहार के मैदानी इलाकों के लिए आफत बन चुकी है। सीमा पार से आ रहे पानी के कारण उत्तर बिहार की नदियां उफान पर हैं, जिससे मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड में बाढ़ का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सबसे खौफनाक मंजर प्रखंड के माधोपुर गांव के पास देखने को मिला, जहां उफनती बागमती नदी के तेज बहाव ने सोनपुर से गंगिया को जोड़ने वाली मुख्य सड़क को करीब 50 फीट तक बहा दिया। इस भीषण कटाव के कारण दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बागमती नदी के जलस्तर में मामूली कमी जरूर दर्ज की गई है, लेकिन नदी की रफ्तार और कटाव का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। जो सड़क पानी के तेज बहाव में विलीन हुई है, वह क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए आने-जाने का एकमात्र सहारा (लाइफलाइन) थी। सड़क टूटने के बाद से ग्रामीणों के सामने दैनिक राशन, चिकित्सा और आवाजाही का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बारी पंचायत के उपमुखिया संजीव कुमार सिंह ने व्यवस्था पर रोष जताते हुए कहा इस क्षेत्र के लोग वर्षों से हर साल बाढ़ और कटाव की इस भयानक त्रासदी को झेलने को मजबूर हैं। सोनपुर-गंगिया मुख्य मार्ग पर पानी का दबाव इतना ज्यादा था कि सड़क ओवरफ्लो होकर पूरी तरह कट गई। इस एकमात्र संपर्क मार्ग के ध्वस्त होने से हजारों ग्रामीणों की मुसीबतें कई गुना बढ़ गई हैं। सड़क कटने की भयावह सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों और अभियंताओं की टीम ने प्रभावित इलाके का दौरा किया। आवागमन को जल्द से जल्द आंशिक रूप से बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। कटाव वाले बड़े गड्ढे में गिट्टी और बोल्डर डलवाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही, पैदल यात्रियों और आवश्यक सेवाओं के लिए तुरंत बांस का अस्थायी पुल (चचरी) बनाने की तैयारी की जा रही है, ताकि लोग किसी तरह अपनी जरूरतें पूरी कर सकें। कटरा प्रखंड के राजस्व पदाधिकारी श्याम नारायण मंडल ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और बाढ़ प्रभावित सभी संवेदनशील इलाकों की चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। जिन क्षेत्रों का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका है, वहां ग्रामीणों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सरकारी नावों का परिचालन शुरू कराया जा रहा है। संकट की इस घड़ी में किसी भी ग्रामीण को बेसहारा नहीं छोड़ा जाएगा। फिलहाल, बागमती नदी के रौद्र रूप को देखते हुए प्रशासन ने तटबंधों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है, जबकि ग्रामीण अपने भविष्य और टूटते रास्तों को लेकर रात-रात भर जागकर निगरानी कर रहे हैं।