उत्तराखंड:देवभूमि में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की संख्या! पर्यटन विभाग ने जारी की रिपोर्ट, कुमाऊं की तुलना में गढ़वाल मंडल आगे
देहरादून। यूं तो उत्तराखण्ड की हसीन वादियां हर किसी के दिल में बसती हैं और यही वजह है कि यहां हर रोज भारी तादात में पर्यटक पहुंचते हैं। देश ही नहीं विदेशों से भी लोग देवभूमि की वादियों के दीदार को पहुंचते हैं। आज उत्तराखण्ड आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसको लेकर पर्यटन विभाग की ओर से एक रिपोर्ट जारी की गयी है, जिसके अनुसार बीते वर्ष प्रदेश में 5.96 करोड़ पर्यटक व श्रद्धालु पहुंचे। हांलाकि रिपोर्ट में कुमाऊं की तुलना में गढ़वाल मंडल में पर्यटकों की संख्या अधिक दर्ज की गई, जिसको लेकर कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं, कि क्या उत्तराखंड पयर्टन को जानबूझकर दो भागो में बांटा जा रहा? क्या जानबूझकर गढ़वाल को पर्यटन के लिहाज से बेहतर बताया जा रहा है?
यूं तो पर्यटन और तीर्थाटन उत्तराखंड के अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। चारधाम यात्रा में केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या हर साल बढ़ रही है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2023-24 में चारधाम यात्रा में 56 लाख श्रद्धालुओं में दर्शन किए।
इस साल यह आंकड़ों अब तक 35 लाख पहुंच गया है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, बीते वर्ष प्रदेश में कुल 5.96 करोड़ पर्यटक आए। इसमें गढ़वाल मंडल में 5.39 करोड़ और कुमाऊं मंडल में 57 लाख पर्यटक पहुंचे। पर्यटकों की संख्या अधिक होने से गढ़वाल मंडल में कारोबार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों को भी पर्यटन से रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। देहरादून में हर साल 86 लाख पर्यटक आते हैं, जबकि टिहरी में 37 लाख, हरिद्वार में 3.70 करोड़, रुद्रप्रयाग में 23 लाख, चमोली में 28 लाख, उत्तरकाशी में 16 लाख पर्यटक पहुंचते हैं। नैनीताल 12.90 लाख, अल्मोड़ा में 3.63 लाख, पिथौरागढ़ में 1.27 लाख, बागेश्वर 82 हजार, चंपावत 2.27 लाख, ऊधमसिंह नगर में 2.50 लाख पर्यटक पहुंचते हैं।