Good Morning India: लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकाण्ड, लालच और लापरवाही में बुझ गए 15 घरों के चिराग, एक ही सवाल- असली गुनहगार कौन? ट्रंप की धमकी पर फिर भड़का ईरान! गंगा के बीचों-बीच बीजेपी पार्षद की नाव पर बना चिकन, परोसी गई शराब! मसूरी नगर पालिका को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

Good Morning India: Lucknow coaching center fire—greed and negligence snuff out lives in 15 households; the only question remains—who is truly to blame? Iran lashes out again following Trump's threat

नमस्कार दोस्तों, आवाज 24x7 अपना खास कॉलम ‘गुड मॉर्निंग इंडिया’ लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आईए आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, गृह मंत्री अमित शाह आज NAFED पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। वहीं महिला टी20 विश्वकप में आज तीन मुकाबले खेले जाएंगे। 

अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को हुए एक दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। यहां हुए एक भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। इस हादसे के पीछे जो सच सामने आया है वह सिस्टम की लापरवाही और जिम्मेदार लोगों के लालच की कहानी बयां करता है। जो बिल्डिंग जलकर खाक हुई, वह कभी रेसिडेंशियल यानी रहने के मकसद से बनाई गई थी, लेकिन 2014 में बिना सही नियम-कानून के इसे कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बदल दिया गया। हाउस टैक्स के रिकॉर्ड में आज भी यह बिल्डिंग रेसिडेंशियल प्लान के तौर पर दर्ज है। इतना ही नहीं, इस बिल्डिंग के मालिकों ने कभी फायर डिपार्टमेंट से एनओसी लेने की जरूरत ही नहीं समझी और नियमों में मौजूद एक खामी का फायदा उठाकर वे इससे आसानी से बच गए। जब बिल्डिंग धू-धू कर जल रही थी, तो अंदर फंसे बच्चे मदद के लिए चिल्लाते रहे, बाथरूम में छिपते रहे, खिड़कियों से कूदते रहे, लेकिन बाहर निकलने का रास्ता सिर्फ एक ही था, जो आग की लपटों में घिर चुका था। हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को सस्पेंड किया गया, छह नामजद आरोपियों समेत कई जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और चार गिरफ्तारियां भी हुई हैं। दरअसल, अलीगंज में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत हो गई, जबकि कई छात्र घायल भी हैं। कई छात्र जान बचाने के लिए उपरी मंजिल से नीचे कूदे। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की 14 गाड़ियां मौके पर पहंची और आग पर काबू पाने की कोशिश की। सूचना मिलते ही डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंच गए। सीएम योगी अलीगढ़ का दौरा बीच में ही छोड़ लखनऊ पहुंचे और घटनास्थल पर मौका मुआयना किया। इसके बाद सीएम अस्पताल में घायलों से मिलने पहुंचे। शुरूआती जानकारी में आग लगने का कारण ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप में शार्ट सर्किट से आग लगना बताया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते सीएम योगी अलीगढ़ का दौरा रद्द कर लखनऊ पहुंच रहे हैं।

इधर लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को हुई भीषण आग की घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इमारत में न तो कोई कोचिंग सेंटर था और न ही लाइब्रेरी चल रही थी। ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप थी और ऊपर की मंजिल पर एनिमेशन सेंटर संचालित था, जहां कर्मचारी काम कर रहे थे। स्थानीय चश्मदीद ने बताया कि आग लगने के बाद हालात बेहद भयावह हो गए थे। उनके अनुसार दमकल की गाड़ियां करीब आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। इस दौरान इमारत के अंदर फंसे लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए इमारत के कांच पत्थरों से तोड़ दिए। प्रत्यक्ष दर्शियों के मुताबिक जैसे ही कांच टूटे, कई युवक और युवतियां छज्जों और खुले हिस्सों से कूदकर बाहर निकलने लगे और किसी तरह अपनी जान बचाई। इस हादसे की भयावह और डरा देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। पहले और बाद की तस्वीरें तो दिल दहला देने वाली हैं। सामने आया है कि इमारत में एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर चल रहा था और यहां गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े सॉफ्टवेयर डेवलप करने की ट्रेनिंग दी जाती थी। आग लगने से पूरी बिल्डिंग ही खाक हो गई है। आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि कई लोग इमारत से बाहर निकलने के लिए छज्जों और अन्य हिस्सों का सहारा लेते नजर आए। एक शख्स ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उधर राजधानी दिल्ली में एक बार फिर आग की घटना सामने आई है। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के पीछे, तकिया काले खान इलाके की बाल्मीकि बस्ती की झुग्गियों में भीषण आग लग गई। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की 24 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद अब आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है। राहत की बात ये है कि इस हादसे में फिलहाल किसी के हताहत होने या किसी की जान जाने की कोई खबर नहीं है। फायर ब्रिगेड अधिकारी ने बताया कि उन्हें 11 बजकर 22 मिनट पर आग की जानकारी मिली थी। आग की गंभीरता देखते हुए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बढ़ाई गईं और मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। घटना के एक चश्मदीद ने मीडिया को बताया कि रात के पौने 11 बज रहे थे। हम सामने बैठे थे और हमने आग की लपटें उठती हुई देखीं। तो हम इधर की तरफ भागकर आए तो देखा कि आग लग गई थी और आग ऐसी थी कि बुझाए नहीं बुझ रही थी। हम अंदर जा रहे थे तो उसकी लपटें हमारे ऊपर आ रही थीं। चश्मदीद ने आगे बताया कि एक बिल्डिंग में  8 लोग फंसे हुए थे, जिन्हें अंडरग्राउंड रास्ते से उन्हें निकाला गया। उनके बाहर आते ही सिलेंडर फटने लगे और आग बढ़ती चली गई। फिर फोन करने के 5 मिनट बाद ही एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड आ गईं। जब हम बाहर निकल रहे थे, तब तक आग बेकाबू हो चुकी थी। फिर बिजली के खंभों में आग लगने लगी और आग बढ़ते.बढ़ते चारों तरफ फैल गई। 

इधर वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर गंगा के बीच भाजपा पार्षद के नाव पर चिकन बनने और शराब पार्टी करने का मामला सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और नाव को भी सीज कर दिया। बता दें कि इससे पहले रमजान के दौरान मुस्लिम युवकों द्वारा वाराणसी के पंचगंगा घाट के पास बीच गंगा की लहरों पर नाव पर सवार होकर बिरयानी पार्टी की गई थी, जिसमें पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। वाराणसी में सोमवार शाम होते-होते तेजी से लगभग 1 मिनट 15 सेकंड का वीडियो वायरल हो गया। वीडियो के साथ वायरल संदेश में दावा किया गया कि बीजेपी के मनोनित पार्षद अगस्तकुंडा क्षेत्र के सत्यनारायण साहनी उर्फ तन्ना के नाव पर पवित्र गंगा की लहरों पर न केवल मांस पकाया जा रहा है, बल्कि शराब पार्टी चल रही है। तन्ना वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मंडल के उपाध्यक्ष भी हैं। वायरल वीडियो पर पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखते हुए गिरफ्तार कर लिया। जिन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है उनमें दीपक कुमार, अजय साहनी, अरुण कुमार साहनी, अनुराग निषाद और राहुल साहनी शामिल है। गिरफ्तार हुए सभी आरोपियों की उम्र 25 से 32 वर्ष के बीच है।

उधर मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी टीम ने सोमवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चार राज्यों में वांटेड 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसकी फायरिंग से एक सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही भी घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, 19 जून को तितावी क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण की रिपोर्ट थाना सिविल लाइन में दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने 10 टीमों का गठन किया था। करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को आरोपी की गतिविधियों की जानकारी मिली। सोमवार रात बामनहेड़ी.रुड़की रोड पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध ओरा कार को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख कार सवार बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में बदमाश घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी सिटी अमृत जैन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सतपाल उर्फ सत्तू निवासी चंडीगढ़ है, जो हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार, गैंगरेप और रंगदारी समेत दो दर्जन से अधिक मामलों में वांछित है। वह फरवरी 2026 में लुधियाना जेल से फरार हो गया था और पिछले चार महीनों में कई राज्यों में नाबालिग लड़कियों के अपहरण और दुष्कर्म की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।

इधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान वॉशिंगटन के साथ हुए समझौते का पालन नहीं करता है, तो वह जो करना होगा, वह करेंगे। पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान अपने समझौते से पीछे हटता है या उसका व्यवहार ठीक नहीं रहता, तो मैं वही करूंगा जो मुझे करना होगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल ही में स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच पश्चिम एशिया में शांति कायम करने के लिए वार्ता का पहला दौर पूरा हुआ है। बीते हफ्ते ही ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पिछले सप्ताह एक अंतरिम अमेरिका.ईरान समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के जिन वित्तीय संसाधनों पर से प्रतिबंध हटाया जा रहा है, उनका इस्तेमाल केवल अमेरिका से खाद्य सामग्री खरीदने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सारा पैसा खाद्य खरीद के रूप में वापस आएगा, जिसकी उन्हें बेहद जरूरत है। वहां 9.1 करोड़ लोग हैं और वे उन्हें भोजन नहीं करा पा रहे हैं। इसलिए जिन पैसों को हम मुक्त कर रहे हैं, उसका फायदा हमारे किसानों को मिलेगा।

उधर देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है, लेकिन मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। जम्मू.कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर के हिमालयी राज्यों और पूर्वी और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। वहीं पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश और झारखंड समेत कई राज्यों में आंधी-तूफान कहर बरपा रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में आसमान से आग बरस रही है और ज्यादातर जगहों पर पारा 40 डिग्री के पार चल रहा है। सोमवार को देश में सबसे अधिक तापमान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। इन राज्यों में अगले चार.पांच दिन गर्मी का सितम जारी रहने का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों रोहतांग दर्रा समेत पांगी की ऊंची चोटियों पर सोमवार को बर्फबारी हुई। कुल्लू और चंबा जिलों के निचले इलाकों में जमकर बारिश हुई। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे। पश्चिमी राजस्थान सहित राज्य के कई इलाकों में मौसम अचानक बिगड़ सकता है। मौसम विभाग ने 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर इनकी गति 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंचने की चेतावनी दी है। 

इधर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने चेतावनी दी है कि अगर महाराष्ट्र सरकार ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) नियमों में किए गए संशोधनों को तुरंत वापस नहीं लिया, तो वह अहिल्यानगर जिले के रालेगण सिद्धि गांव में पांच जुलाई से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे पत्र में, अन्ना ने लिखा कि महाराष्ट्र सूचना का अधिकार नियम, 2026 से आरटीआई कानून की असरदार क्षमता कम हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि 12 जून को किए गए बदलाव आरटीआई कानून की मूल भावना का उल्लंघन करते हैं और पारदर्शिता को कमज़ोर करते हैं। अन्ना ने आरटीआई आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी और एक विषय, एक आवेदन के नियम समेत कई बदलावों पर आपत्ति जताई है। पत्र में अन्ना ने लिखा, अगर संशोधनों को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो मैं पांच जुलाई को रालेगण सिद्धि के यादव बाबा मंदिर में अनशन शुरू करूंगा, भले ही इसके लिए मुझे अपनी जान ही क्यों न देनी पड़े।

अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, नगरासू स्थित दमदमा साहिब गुरुद्वारे में तीन दिन से चल रहा गतिरोध धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ता दिख रहा है। गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर डटे सात निहंगों में से तीन नीचे उतर आए हैं। इनमें से दो को पुलिस प्रशासन ने उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया, जबकि चार निहंग अब भी छत पर मौजूद हैं। जानकारी के अनुसार रविवार देर रात प्रशासन के समझाने के बाद एक निहंग नीचे उतर आया था। सोमवार सुबह दो अन्य निहंग भोजन लेने के लिए लंगर स्थल तक पहुंचे। एक निहंग भोजन लेकर वापस चला गया, लेकिन दूसरे को पुलिस ने मौके पर ही रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस दौरान छत पर मौजूद निहंगों ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए पत्थरबाजी भी की। वहीं एक निहंग तलवार लहराते हुए आगे बढ़ा लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रबंधक बाबा बेअंत सिंह ने बताया कि छत पर मौजूद निहंग लगातार तोड़फोड़ कर रहे हैं। उनके अनुसार तीसरी और चौथी मंजिल की दीवारों और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तोड़ी गई सामग्री को निहंग अपने बचाव के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

इधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में सोमवार को कांग्रेस ने प्रदेश मुख्यालय से सचिवालय के लिए कूच किया। राजपुर रोड से नारेबाजी करते हुए कांग्रेसी जैसे ही सुभाष रोड पर सचिवालय के नजदीक पहुंचे पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। इस पर गणेश गोदियाल व अन्य कांग्रेसी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और नारेबाजी की। कुछ देर बाद वह सड़क पर धरना देकर बैठ गए। पुलिस ने धरना समाप्त करने के लिए कहा तो जबरदस्त नोक-झोंक और धक्कामुक्की हुई। बाद में पुलिस प्रदेश अध्यक्ष सहित कई कांग्रेसियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन पहुंची जहां से सभी को रिहा कर दिया गया। गणेश गोदियाल ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में राज्य में भूमि संबंधी अनेक ऐसे प्रकरण सामने आए हैं, जिन्होंने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली और सरकारी संसाधनों के संरक्षण पर गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।

उधर पर्यटन नगरी मसूरी में उस समय हड़कंप मच गया जब नगर पालिका परिषद मसूरी और एसडीएम कार्यालय को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ। कथित तौर पर खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजे गए इस मेल में नगर पालिका कार्यालय समेत उत्तराखंड और दिल्ली के कई महत्वपूर्ण स्थलों पर बम विस्फोट की धमकी दी गई है। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं। नगर पालिका परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया है। मसूरी के कोतवाल देवेंद्र चौहान ने बताया कि धमकी भरे ई-मेल की सत्यता और उसके स्रोत की जांच की जा रही है। ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति या संगठन की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस आईपी एड्रेस, सर्वर डिटेल और अन्य डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध वस्तु अथवा व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी खतरे को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं।

इधर अल्मोड़ा के धौलादेवी ब्लॉक के सेली गांव में हरियाणा से आए एक दामाद ने अपनी सास और पत्नी के साथ मिलकर अपने ससुर की धारदार हथियार से हत्या कर दी। हत्या के बाद से वो अपनी पत्नी के साथ फरार हो गया। इसकी रिपोर्ट मृतक के पिता नारायण दत्त पांडे ने दन्या थाने में कराई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक बीती अप्रैल 2026 में चंद्रशेखर पांडे (मृतक) ने अपनी बड़ी बेटी जानकी का विवाह हरियाणा के हांसी निवासी धर्मवीर के साथ किया था। कुछ दिन पहले चंद्रशेखर अपने गांव सेली आ गया था और वहीं खेती-बाड़ी कर रहा था। बीती 20 जून शनिवार को उनकी बड़ी बेटी जानकी पांडे और दामाद धर्मवीर दोनों अचानक सेली गांव आ गए। आरोप है कि रविवार 21 जून को उनके दामाद धर्मवीर उसकी पत्नी जानकी और उसकी सास खष्टी देवी ने मिलकर चंद्रशेखर पांडे पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान दामाद धर्मवीर ने धारदार हथियार से उन्हें लहूलुहान कर दिया। इस हमले में ससुर पर एक दर्जन से ज्यादा बार वार किए, जिससे उनके हाथ-पैर की हड्डियां टूट गईं और सिर पर गंभीर चोटें आ गई। रविवार रात को जब ग्रामीणों को जानकारी मिली, तो उन्होंने मरणासन्न अवस्था में पड़े चंद्रशेखर को बंद कमरे से मुक्त करा तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौलादेवी पहुंचाया। जहां उनका प्राथमिक उपचार करने के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हल्द्वानी रेफर कर दिया। हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया।