Aug 20, 2026 Login

Good Morning India: इस्लामाबाद की हरकत पर भारत का 'जैसे को तैसा' जवाब,दिल्ली में पाक उच्चायोग के बाहर चला बुलडोजर,उत्तराखंड में बिगड़ा रहेगा मौसम,हल्द्वानी में बेखौफ बदमाशों का तांडव,गोरापड़ाव में जुए के अड्डे पर असलहों के दम पर लाखों की लूट,लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें 

Good Morning India: India’s 'tit-for-tat' response to Islamabad's move—bulldozers roll outside the Pakistan High Commission in Delhi; weather to remain inclement in Uttarakhand; brazen criminals run

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एकबार फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।

इस्लामाबाद की हरकत पर भारत का 'जैसे को तैसा' जवाब: दिल्ली में पाक उच्चायोग के बाहर चला बुलडोजर। 

भारत को घेरने की पाक-तुर्किये की नई चाल: 'इस्लामिक नाटो' में शामिल हो सकता है बांग्लादेश, 'थ्री-फ्रंट वॉर' की आहट। 

इकोनॉमिक डी-डे': ट्रंप ने दी ईरान को अभूतपूर्व आर्थिक युद्ध की धमकी, मददगार देशों को भी चेतावनी। 

त्योहारों से पहले सरकार का बड़ा फैसला: चीनी कारोबारियों के लिए 15 दिन के स्टॉक की सीमा तय, कीमतें नियंत्रित करने की कवायद। 

बदलेगा कश्मीर का नैरेटिव: अमेरिकी राजदूत का श्रीनगर दौरा, 'ट्रेवल एडवाइजरी' की समीक्षा से पाकिस्तान को बड़ा झटका। 

केन्या में सफारी के दौरान बड़ा हादसा: हेलीकॉप्टर क्रैश, 5 अमेरिकी पर्यटकों समेत 7 लोगों की मौत। 

सीएनजी सिलिंडरों में 'जुगाड़' से मंडराया बड़ा खतरा: टेस्टिंग में लापरवाही और ओवरफिलिंग बनी हादसों की वजह। 

बंदी सिखों की रिहाई के लिए 21 अगस्त को 'पंजाब बंद', कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान को एसजीपीसी का समर्थन। 

नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव: सीमावर्ती राज्यों के डीएम को मिला नागरिकता देने का अधिकार,ऑनलाइन आवेदन के साथ शपथ होगी अनिवार्य। 

पुणे में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को मिली मंजूरी, पुलिस ने आयोजकों के सामने रखीं 30 कड़ी शर्तें। 

उत्तराखंड में बिगड़ा रहेगा मौसम, मूसलाधार बारिश का अलर्ट,आज देहरादून में बंद रहेंगे 12वीं तक के स्कूल। 

भारत-नेपाल के शीर्ष अफसरों का देहरादून में जमावड़ा: सीमा विवाद और व्यापार पर चार दौर की होगी वार्ता। 

देहरादून में 'डिजिटल अरेस्ट' का सनसनीखेज मामला: फर्जी एनआईए चीफ ने बुजुर्ग को डराकर ठगे ₹35.5 लाख। 

उत्तराखंड में बदला मातृत्व का ट्रेंड: घटती प्रजनन दर के बीच युवाओं में बढ़ा 'एग फ्रीजिंग' का क्रेज। 

सेहत में सुधार के बाद एक्शन में हरीश रावत: संन्यास की अटकलों के बीच दिल्ली में सीडब्लूसी की बैठक में हुए शामिल। 

बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजी में ‘कौआ’ बना राष्ट्रीय पक्षी, पाकिस्तान को बताया सबसे लंबी सीमा वाला देश। 

बेखौफ बदमाशों का तांडव: गोरापड़ाव में जुए के अड्डे पर असलहों के दम पर लाखों की लूट,सोने की चेन और अंगूठियां भी छीनीं। 

हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ-नई दिल्ली। पाकिस्तान की ओर से इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर लगाए गए पार्किंग खंभे हटाने की कार्रवाई के कुछ दिन बाद भारत ने भी कड़ा जवाब दिया है। बुधवार को दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर अभियान चलाकर अनधिकृत ढांचों और अतिक्रमण को हटा दिया गया। कार्रवाई उच्चायोग के वीजा अनुभाग के पास निर्धारित सीमा से बाहर बने ढांचों पर की गई। अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित एजेंसियों ने अभियान के दौरान पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर मौजूद ऐसे निर्माण और अतिक्रमण साफ कर दिए, जो तय सीमा के अनुरूप नहीं थे। इसे पाकिस्तान की हालिया कार्रवाई के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण रिश्तों में इस तरह की जवाबी कार्रवाइयां पहले भी होती रही हैं। भारत और पाकिस्तान के संबंध पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। दोनों देशों के बीच औपचारिक कूटनीतिक संपर्क सीमित है, व्यापार निलंबित है और सीमा पर भी सख्त प्रतिबंध लागू हैं। वीजा नियम पहले की तुलना में काफी कड़े किए जा चुके हैं तथा दोनों देशों के उच्चायोग सीमित कर्मचारियों के साथ काम कर रहे हैं। भारत ने सिंधु जल संधि को भी तब तक स्थगित रखा है, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के समर्थन को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त नहीं करता। नई दिल्ली लगातार स्पष्ट कर चुका है कि सामान्य संबंधों के लिए पाकिस्तान को हिंसा और आतंकवाद का रास्ता छोड़ना होगा।

नई दिल्ली। दक्षिण एशिया में तेजी से बदलते रणनीतिक समीकरणों के बीच भारत की सुरक्षा को लेकर नई बहस छिड़ गई है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पाकिस्तान और तुर्किये मुस्लिम बहुल देशों के प्रस्तावित सैन्य गठजोड़ में बांग्लादेश को भी शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। इस संभावित कवायद को भारत के लिए पश्चिम और पूर्व, दोनों दिशाओं से रणनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। तुर्किये के मीडिया में आई रिपोर्टों के मुताबिक, बांग्लादेश इस प्रस्ताव पर विचार कर सकता है। इसी बीच बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल के पाकिस्तान दौरे और वहां सुरक्षा एवं खुफिया अधिकारियों से मुलाकात ने इन अटकलों को और हवा दी है। हालांकि, बांग्लादेश के इस गठजोड़ में शामिल होने को लेकर अभी कोई अंतिम आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। रणनीतिक विशेषज्ञों की चिंता मुख्य रूप से भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र और सिलीगुड़ी कॉरिडोर को लेकर है। यह संकरा भू-भाग देश के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है। बांग्लादेश के साथ पाकिस्तान और तुर्किये की सैन्य नजदीकी बढ़ने पर बंगाल की खाड़ी में भी रणनीतिक गतिविधियां बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। भारत अब तक पाकिस्तान और चीन से जुड़े दो-मोर्चे की चुनौती को ध्यान में रखकर अपनी सैन्य रणनीति बनाता रहा है। ऐसे में बांग्लादेश के किसी संभावित सैन्य गठजोड़ में शामिल होने पर पूर्वी मोर्चे की सुरक्षा का महत्व और बढ़ जाएगा। 

वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ अभूतपूर्व आर्थिक कार्रवाई की चेतावनी दी है। ट्रंप ने इसे ‘इकोनॉमिक डी-डे’ करार देते हुए कहा कि ईरान को अब तक की सबसे कठोर आर्थिक कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ने का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में ईरान पर समझौते के अवसरों का फायदा नहीं उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस्लामिक रिपब्लिक को बातचीत और समझौते का बड़ा मौका दिया, लेकिन ईरान उसका लाभ उठाने में विफल रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अब ईरान पर अभूतपूर्व आर्थिक दबाव डाला जाएगा। साथ ही उन्होंने अन्य देशों को भी ईरान की मदद से दूर रहने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ तेल की तस्करी, स्वैप लाइन, नकद हस्तांतरण, एक्सचेंज हाउस, जहाजों की रजिस्ट्री और फ्रंट कंपनियों जैसी गतिविधियों को तत्काल रोकना होगा। ट्रंप का संदेश साफ तौर पर उन देशों और संस्थाओं के लिए चेतावनी माना जा रहा है, जो ईरान के साथ आर्थिक लेनदेन या व्यापार में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वालों को भी गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सहयोगी देशों से ईरान से पैदा होने वाले खतरे को अलग-थलग करने और उसे कमजोर करने के लिए अमेरिका का साथ देने की अपील की। 

नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार ने स्टॉक सीमा को और सख्त कर दिया है। नए आदेश के तहत हर महीने 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी इस्तेमाल करने वाले डीलर अब 15 दिनों से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। यह व्यवस्था 1 सितंबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगी। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पिछले महीने चीनी की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और वे रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। इससे पहले डीलरों को अधिकतम 30 दिन का स्टॉक रखने की अनुमति थी। नई सीमा को घटाकर 15 दिन किए जाने से बाजार में जमाखोरी पर रोक लगाने और त्योहारों के दौरान पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश की गई है। अगस्त से नवंबर के बीच देश में चीनी की मांग तेजी से बढ़ती है। त्योहारों के अलावा बिस्किट, मिठाई और कन्फेक्शनरी कंपनियां भी पहले से बड़ी मात्रा में चीनी का भंडारण करती हैं। ऐसे में सरकार को आशंका है कि मांग बढ़ने पर कीमतों में और उछाल आ सकता है। चीनी की कीमतों पर दबाव का एक कारण गन्ने की फसल पर पड़ा असर भी माना जा रहा है। अनियमित बारिश और शुष्क मौसम ने उत्पादन को प्रभावित किया है। 

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर को लेकर अमेरिका की वर्षों पुरानी सुरक्षा धारणा में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। अमेरिकी राजदूत और दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए विशेष दूत सर्जियो गोर का श्रीनगर दौरा और अमेरिकी ट्रेवल एडवाइजरी की समीक्षा का संकेत केवल पर्यटन से जुड़ा कदम नहीं माना जा रहा। इसे कश्मीर की सुरक्षा स्थिति, भारत-अमेरिका संबंध और दक्षिण एशिया के बदलते रणनीतिक समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है। गोर ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी प्रशासन क्षेत्र को लेकर जारी ट्रेवल वार्निंग की समीक्षा करेगा। फिलहाल अमेरिकी विदेश विभाग की एडवाइजरी में जम्मू-कश्मीर लेवल-4 यानी ‘यात्रा न करें’ श्रेणी में है। इसमें आतंकवाद और नागरिक अशांति को प्रमुख खतरा बताया गया है। यदि अमेरिका एडवाइजरी में नरमी करता है तो इसका असर केवल अमेरिकी पर्यटकों तक सीमित नहीं रहेगा। अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों और निवेशकों के बीच भी जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश जाएगा। इससे कश्मीर को केवल आतंकवाद और संघर्ष के नजरिए से देखने वाला पुराना नैरेटिव कमजोर पड़ सकता है। गोर का श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताना भी कूटनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।

नैरोबी। केन्या के उत्तरी हिस्से में बुधवार सुबह सफारी के दौरान एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में हेलीकॉप्टर में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में पांच अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। हादसा साम्बुरु काउंटी के इवासो न्यिरो इलाके में हुआ, जहां हेलीकॉप्टर उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होकर दुर्गम और ऊबड़-खाबड़ क्षेत्र में जा गिरा। केन्या नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, हेलीकॉप्टर में छह यात्री और एक पायलट सवार था। यह उड़ान सुबह करीब 9:13 बजे लॉइसाबा कंजरवेंसी से साम्बुरु की ओर जा रही थी। स्थानीय पुलिस कमांडर डेविड नकोरोई ने देर शाम सभी सात लोगों की मौत की पुष्टि की। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी पांच अमेरिकी नागरिकों की मौत की पुष्टि की है। अमेरिकी दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और मृतकों के परिजनों को आवश्यक कांसुलर सहायता उपलब्ध करा रहा है। फिलहाल मृतकों की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, हादसा माउंट ओलोलोक्वे की तलहटी के पास हुआ। दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर स्थानीय कंपनी लेडी लॉरी हेलीकॉप्टर्स का था और चार्टर उड़ान के तहत संचालित किया जा रहा था। यह उड़ान सफारी कंपनी एंडबियॉन्ड के साथ यात्रा कर रहे पर्यटकों के लिए थी। घटना के बाद बड़े पैमाने पर तलाश और राहत अभियान चलाया गया। ट्रॉपिक एयर केन्या ने दो हेलीकॉप्टर भेजे, जबकि केन्या रेड क्रॉस की आपातकालीन टीमें भी अभियान में शामिल हुईं। दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर यूरोकॉप्टर ईसी130 बी4 बताया गया है। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। 

नई दिल्ली। टीकरी मेट्रो स्टेशन के पास सीएनजी पंप पर हुए भीषण ब्लास्ट ने वाहनों में लगे सीएनजी सिलिंडरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच के बीच सामने आया है कि कई ट्रांसपोर्टर खर्च बचाने के लिए सिलिंडरों की समय पर हाइड्रो टेस्टिंग नहीं कराते। वहीं, कुछ कैंटर और ट्रकों में निर्धारित संख्या से अधिक सिलिंडर लगाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, सीएनजी सिलिंडर में खराबी, ओवरफिलिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी हादसों की बड़ी वजह बन सकती है। सिलिंडरों की निर्धारित वैधता करीब 15 से 20 वर्ष तक होती है, लेकिन हर तीन से पांच वर्ष में हाइड्रो टेस्ट जरूरी है। जंग लगे, क्षतिग्रस्त या टेस्ट में फेल सिलिंडर करीब 200-220 बार के दबाव में खतरनाक साबित हो सकते हैं। सबसे बड़ी चिंता वाहनों में किए जा रहे कथित ‘जुगाड़’ को लेकर है। आरोप हैं कि स्वीकृत संख्या से अधिक सिलिंडर लगाने के लिए स्थानीय मैकेनिक से वेल्डिंग, गैर-अधिकृत वाल्व और ढीले पाइप लगाए जाते हैं। इससे गैस रिसाव का खतरा बढ़ जाता है। पंपों पर भी लापरवाही खतरे को बढ़ा सकती है। गर्म सिलिंडर में गैस भरना, वाहन का इंजन चालू रखना, मोबाइल या सिगरेट का इस्तेमाल करना और नोजल को ठीक से लॉक न करना गंभीर जोखिम पैदा करता है। 

चंडीगढ़। बंदी सिखों की रिहाई समेत अन्य मांगों को लेकर मोहाली में आंदोलन कर रहे कौमी इंसाफ मोर्चा ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया है। बंद को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) और अकाली दल वारिस पंजाब दे ने समर्थन दिया है। एसजीपीसी ने भी 21 अगस्त को अपने मुख्य कार्यालय समेत सभी संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया है। एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि एसजीपीसी की अंतरिम कमेटी की 21 अगस्त को प्रस्तावित बैठक अब 22 अगस्त को सुबह 11 बजे होगी। उन्होंने कहा कि बंदी सिखों की रिहाई को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस आंदोलन को लेकर हाल में मोहाली और चंडीगढ़ में पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ा था। 15 अगस्त को कौमी इंसाफ मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ में राज्यपाल आवास का घेराव करने का प्रयास किया था, जिसे पुलिस ने रोक दिया। वाईपीएस चौक के पास प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की दो स्तर की बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस के मुताबिक, झड़प के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए। प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत विभिन्न धाराओं में शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान, लक्खा सिधाना समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। ईमान सिंह मान समेत 21 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने नागरिकता से जुड़े नियमों में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। अब कुछ सीमावर्ती राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जिलाधिकारियों को पात्र आवेदकों को भारतीय नागरिकता देने का अधिकार मिलेगा। यह व्यवस्था गुजरात, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में लागू होगी। हालांकि असम और त्रिपुरा के जनजातीय क्षेत्रों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। नए नियमों के तहत जिलाधिकारी नागरिकता के लिए प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों को स्वीकार करने, दस्तावेजों की जांच करने और जरूरत पड़ने पर आवेदक से संबंधित जानकारी का सत्यापन करने के लिए अधिकृत होंगे। जांच में आवेदक को पात्र और उपयुक्त पाए जाने पर DM नागरिकता प्रदान करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे सकेंगे। पहले ऐसे मामलों में सशक्त समितियां और नामित अधिकारी निर्णय लेते थे। अब उनकी जगह जिलाधिकारियों को सक्षम प्राधिकारी बनाया गया है। पहले से लंबित आवेदनों को भी संबंधित जिलाधिकारियों के पास भेजा जाएगा। हालांकि नागरिकता पाने के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन पर्याप्त नहीं होगा। आवेदक को दस्तावेजों के सत्यापन के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर आवेदन पर हस्ताक्षर करना और भारत के प्रति निष्ठा की शपथ लेना जरूरी होगा। उचित अवसर दिए जाने के बाद भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने पर जिलाधिकारी आवेदन खारिज कर सकते हैं। 

पुणे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 22 अगस्त को पुणे के आरटीओ चौक के पास स्थित एसएसपीएमएस कॉलेज मैदान में आयोजित होगा। कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने शाम 4:30 बजे से रात 9:30 बजे तक अनुमति दी है। करीब 8,000 से 10,000 लोगों के पहुंचने का अनुमान है। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने आयोजकों के सामने कुल 30 शर्तें रखी हैं। कार्यक्रम खास तौर पर छात्राओं के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसमें शिक्षा, सुरक्षा, समानता, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर के अवसर जैसे मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम में किसी भी आपत्तिजनक तस्वीर, पोस्टर या बैनर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। आयोजकों को कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग इंतजाम करने होंगे। प्रवेश और निकास के पर्याप्त द्वार, पेयजल, शौचालय, अग्निशमन उपकरण और पार्किंग की व्यवस्था भी अनिवार्य होगी। निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों, खासकर महिला स्वयंसेवकों की मौजूदगी सुनिश्चित करनी होगी। पुलिस ने पूरे कार्यक्रम स्थल को कवर करने वाले सीसीटीवी कैमरे चौबीसों घंटे चालू रखने का निर्देश दिया है। कार्यक्रम की अनुमति यातायात विभाग से एनओसी मिलने की शर्त पर भी निर्भर है। 

आइए अब नज़र डालते हैं उत्तराखंड की ख़बरों पर-देहरादून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। पर्वतीय क्षेत्रों में आज मूसलाधार बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने और गर्जन के साथ भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में भी तेज बारिश के दौर होने की संभावना जताई गई है। प्रदेश में 25 अगस्त तक मौसम का मिजाज इसी तरह बने रहने का अनुमान है। लगातार बारिश को देखते हुए देहरादून में आज कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है। बुधवार को दिन में मौसम ने अचानक राहत दी और दून में तेज धूप खिली। इससे अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 33.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि शाम होते ही मौसम फिर बदला और बारिश शुरू हो गई। इससे तापमान गिरा और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली।बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, भूस्खलन के चलते प्रदेश में बुधवार को भी 107 सड़कें बंद रहीं। इनमें 78 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। चमोली में सबसे अधिक 20 सड़कें बंद हैं। नैनीताल में 17, पिथौरागढ़ में 17, देहरादून में 10, बागेश्वर में 10, पौड़ी में 10, रुद्रप्रयाग में नौ, टिहरी में सात और उत्तरकाशी में पांच सड़कें बंद हैं। 

देहरादून। भारत और नेपाल के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों को सुलझाने और द्विपक्षीय रिश्तों को नई मजबूती देने के लिए उच्चस्तरीय वार्ता का मंच देहरादून बन गया है। दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी बुधवार रात देहरादून पहुंच गए। औपचारिक बातचीत से पहले अधिकारियों ने रात्रिभोज में मुलाकात कर आपसी संवाद की शुरुआत की। भारत की ओर से गृह मंत्रालय की बॉर्डर मैनेजमेंट डिवीजन से जुड़ी वरिष्ठ अधिकारी पौसमी बसु वार्ता का नेतृत्व कर रही हैं। उनके साथ गृह मंत्रालय के करीब छह अधिकारी पहुंचे हैं। इसके अलावा भारत-नेपाल सीमा से जुड़े मामलों के विशेषज्ञ और आईटीबीपी व सशस्त्र सीमा बल के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं। नेपाल की ओर से करीब एक दर्जन अधिकारियों का दल बातचीत के लिए देहरादून पहुंचा है। नेपाल में तैनात भारतीय अधिकारी भी बैठक में भाग लेंगे। सूत्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों के बीच चार दौर में वार्ता प्रस्तावित है। बैठक में सबसे अहम मुद्दा सीमा प्रबंधन और सीमा संबंधी विवाद रहेगा। इसके अलावा लिपुलेख दर्रे के रास्ते भारत और चीन के बीच शुरू हुए व्यापार को लेकर नेपाल की आपत्ति पर भी चर्चा होने की संभावना है। दोनों पक्ष संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की कोशिश करेंगे। भारत और नेपाल के बीच हाल के वर्षों में कुछ सीमा मुद्दों को लेकर तनाव देखने को मिला है। ऐसे में यह वार्ता रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत सांस्कृतिक और जनस्तरीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है, जबकि नेपाल अपनी आर्थिक और सुरक्षा जरूरतों के लिए भारत के साथ बेहतर रिश्ते चाहता है।

देहरादून। साइबर ठगों ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी बनकर पंडितवाड़ी निवासी एक बुजुर्ग को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाया और करीब 35.50 लाख रुपये ठग लिए। आरोपितों ने बुजुर्ग को मनी लॉन्ड्रिंग और दिल्ली बम धमाके से जोड़कर गिरफ्तारी की धमकी दी। कई दिनों तक वीडियो कॉल पर निगरानी और पूछताछ का डर दिखाकर रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई गई। शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित राजेंद्र प्रसाद पंडितवाड़ी में आदित्य डिपार्टमेंटल स्टोर चलाते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि तीन अगस्त को उनके पास फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को देहरादून पुलिस मुख्यालय का इंस्पेक्टर बताया और एक नंबर देकर कथित एनआईए अधिकारी से बात करने को कहा। दूसरे नंबर पर संपर्क करने पर ठग ने खुद को एनआईए चीफ बताया। उसने आरोप लगाया कि बुजुर्ग मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल हैं और दिल्ली बम धमाके में उनकी भूमिका की जांच चल रही है। ठगों ने यह भी दावा किया कि उनकी पहचान का इस्तेमाल कर बैंक से दो करोड़ रुपये का लोन लिया गया है और गैर-जमानती वारंट जारी हो चुका है। चार अगस्त को आरोपितों ने वर्दी पहनकर वीडियो कॉल की और कहा कि जांच पूरी होने तक रकम ‘आरबीआई के विशेष खाते’ में जमा करनी होगी। विश्वास में आए पीड़ित ने पहले 8.50 लाख रुपये जमा कराए। पांच से 10 अगस्त तक लगातार वीडियो कॉल पर पूछताछ और निगरानी का नाटक चलता रहा। 11 अगस्त को उनसे दोबारा 27 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। इसके बाद ठगों ने संपर्क बंद कर दिया। पीड़ित ने कई बार फोन और मैसेज किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

देहरादून। शिक्षा, रोजगार और करियर को प्राथमिकता देने के साथ उत्तराखंड में युवाओं के बीच विवाह और मातृत्व की योजना में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। घटती प्रजनन दर के बीच भविष्य में मां बनने की संभावना सुरक्षित रखने के लिए ‘एग फ्रीजिंग’ यानी अंडाणुओं को संरक्षित करने की तकनीक अब राज्य में भी चर्चा और इस्तेमाल का विकल्प बन रही है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक उत्तराखंड में कुल प्रजनन दर 2.1 से घटकर 1.9 बच्चे प्रति महिला रह गई है। 20-24 वर्ष आयु वर्ग में भी प्रजनन दर 0.175 से घटकर 0.143 हुई है। विशेषज्ञ इसके पीछे शिक्षा, रोजगार और करियर के कारण विवाह व मातृत्व की योजना में देरी को प्रमुख कारणों में गिनते हैं। उत्तराखंड में 25 सहायक प्रजनन तकनीक केंद्र पंजीकृत हैं। इनमें देहरादून के तीन और हरिद्वार के एक केंद्र में एग फ्रीजिंग की सुविधा उपलब्ध है। हल्द्वानी के एक केंद्र में भी यह तकनीक दी जा रही है। चिकित्सकीय भाषा में इसे ओसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन कहा जाता है। इसमें महिला के अंडाणुओं को बेहद कम तापमान पर सुरक्षित रखा जाता है। भविष्य में गर्भधारण की योजना बनने पर इन्हें शुक्राणु से निषेचित कर भ्रूण तैयार किया जा सकता है और आईवीएफ के माध्यम से गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार एग फ्रीजिंग में महिला की उम्र अहम भूमिका निभाती है। उम्र बढ़ने के साथ अंडाणुओं की संख्या और गुणवत्ता में कमी आती है, इसलिए अपेक्षाकृत कम उम्र में संरक्षित किए गए अंडाणुओं से बेहतर परिणाम की संभावना रहती है। हालांकि विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि एग फ्रीजिंग मातृत्व की गारंटी नहीं है। 

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत एक बार फिर राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय नजर आए हैं। स्वास्थ्य कारणों से कुछ समय आराम करने के बाद रावत ने दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में हिस्सा लिया। उनके बैठक में शामिल होने से उत्तराखंड कांग्रेस की सियासत में भी हलचल बढ़ गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में हुई बैठक में पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। हरीश रावत ने सोशल मीडिया के माध्यम से बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि देश के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य पर गंभीर चर्चा हुई। साथ ही पार्टी की आगे की रणनीति और आगामी कार्ययोजना पर भी विचार-विमर्श किया गया। रावत हाल में तबीयत खराब होने के बाद देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती हुए थे। चिकित्सकों की सलाह पर उन्होंने कुछ दिन आराम किया और इसके बाद दिल्ली स्थित आवास पर स्वास्थ्य लाभ लिया। अब पार्टी की अहम बैठक में उनकी मौजूदगी से साफ है कि उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों से दूरी नहीं बनाई है। इधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के मुताबिक दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बैठक हो चुकी है। इसमें विधानसभा स्तर पर स्थिति, संगठनात्मक कमियों को दूर करने, नई समितियों के गठन और आगामी चुनावों के लिए कैंपेनिंग रणनीति पर चर्चा हुई है।हरीश रावत के राजनीतिक संन्यास को लेकर समय-समय पर अटकलें लगती रही हैं, लेकिन वह कई मौकों पर स्पष्ट कर चुके हैं कि फिलहाल उनका राजनीति से संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है। 

अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की ओर से पहली बार आयोजित उत्तराखंड संयुक्त बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजी ने परीक्षार्थियों को हैरान कर दिया। 16 अगस्त को हुई परीक्षा के बाद 17 अगस्त को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी उत्तर कुंजी में कई सवालों के बेतुके और गलत जवाब दर्ज मिले। इससे परीक्षा में शामिल 5,352 छात्र-छात्राओं में नाराजगी फैल गई। उत्तर कुंजी के एक सेक्शन में भारत का राष्ट्रीय पक्षी कौआ बताया गया, जबकि सही उत्तर मोर है। इसी तरह एफआरआई का मुख्यालय हल्द्वानी बताया गया, जबकि वह देहरादून में है। उत्तराखंड से राज्यसभा की कुल सीटें दो दर्ज की गईं, जबकि राज्य में तीन राज्यसभा सीटें हैं। सबसे चौंकाने वाली गलती भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े सवाल में सामने आई। उत्तर कुंजी में भारत के साथ सबसे लंबी सीमा साझा करने वाला देश पाकिस्तान बताया गया, जबकि सही उत्तर बांग्लादेश है। वहीं पिथौरागढ़ को तिब्बत से जोड़ने वाले दर्रे के सवाल में लिपुलेख की जगह जोजीला दर्ज कर दिया गया। गलत उत्तर सामने आने के बाद परीक्षार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत की। मामले ने तूल पकड़ा तो विश्वविद्यालय ने पुरानी उत्तर कुंजी वेबसाइट से हटा दी और संशोधित उत्तर कुंजी अपलोड कर दी। एसएसजे विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. डीएस बिष्ट ने सफाई दी कि तकनीकी खामी के कारण कंप्यूटर में जंबलिंग होने से कुछ सेक्शन के उत्तर गलत अपलोड हो गए थे। उनके अनुसार सेक्शन ए के सभी उत्तर सही थे और गलती सामने आने के बाद पुरानी उत्तर कुंजी तत्काल हटा दी गई। 

हल्द्वानी। गोरापड़ाव क्षेत्र में बुधवार रात हथियारबंद बदमाशों ने जुए के अड्डे पर धावा बोलकर लाखों रुपये लूट लिए। बदमाशों ने असलहों के बल पर वहां मौजूद लोगों को बंधक बनाकर नकदी लूटी और उनकी सोने की चेन व अंगूठियां भी उतरवा लीं। वारदात के बाद बदमाश दो वाहनों में सवार होकर फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी सिटी, सीओ और कोतवाल मौके पर पहुंचे और पीड़ितों से जानकारी जुटाई। पुलिस के मुताबिक गोरापड़ाव क्षेत्र में कुछ माह पहले पुरानी कारों की बिक्री से संबंधित एक कार्यालय खोला गया था। बुधवार रात करीब साढ़े सात बजे यहां करीब दस लोग ताश खेल रहे थे। इसी दौरान स्कॉर्पियो और सफेद रंग की कार से आठ-दस हथियारबंद बदमाश वहां पहुंचे और अचानक अंदर घुस गए। बदमाशों ने असलहे निकालकर सभी को काबू में कर लिया। इसके बाद उन्होंने फड़ पर रखी नकदी कब्जे में लेने के साथ लोगों की जेबें भी खंगालीं। इतना ही नहीं, धमकी देकर उनके गले से सोने की चेन और अंगुलियों से अंगूठियां तक उतरवा लीं। बदमाश जान से मारने की धमकी देते हुए दोनों वाहनों से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि लूट का शिकार होने वालों में कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है और आसपास के थानों को भी अलर्ट किया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि हाईवे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे वारदात के पर्दाफाश में अहम सुराग देंगे। 

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