गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केसः कमरे में जलती आर्टिफिशियल एलईडी लाइटें और फर्श पर बिखरी तस्वीरें! दीवारों पर बने थे क्रॉस के निशान, स्केच से लिखी बातें! अंदर का नजारा देख हैरान रह गई पुलिस की खास टीम

Ghaziabad triple suicide case: Artificial LED lights burned in the room, and photographs were scattered across the floor! Cross marks were drawn on the walls, and words were written in sketches! The

नई दिल्ली। यूपी के गाजियाबाद में मंगलवार देर रात तीन बहनों द्वारा एक साथ 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने के मामले में लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। मामले की जांच में जुटी पुलिस की फील्ड यूनिट टीम जब कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई, तब वह भी हैरान रह गई। कमरे में जलती आर्टिफिशियल एलईडी लाइटें और फर्श पर कई तस्वीरें बिछी हुई थीं। फोटो तीनों बहनों के बचपन की थीं, किसी में पिता के साथ तो कई परिवार के अन्य सदस्यों के साथ की फोटो थीं। यह कमरा घर का पूजा कक्ष था। आमतौर पर बच्चों से लेकर बड़ों तक का इस कमरे में आना था। कमरे की दीवारों पर बने क्रॉस के निशान और स्केच से लिखी हुईं बातें एक अलग ही मानसिकता और मनौवैज्ञानिक पहलू की तरफ इशारा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आमतौर पर बच्चे जब मानसिक स्तर पर किसी सोच में डूबते हैं तब इस तरह की चीजें करते हैं। कोरियन कल्चर से दूरी और इसे लेकर पिता की डांट शायद बच्चों के मन पर गहरा असर कर गईं। हालांकि दीवारों पर बने क्रॉस की फोटो फॉरेंसिक टीम ने एकत्र कर विशेषज्ञों को भेजी है, ताकि इसके पीछे छिपे राज को सामने लाया जा सके। वहीं पुलिस को किशोरियों के कमरे से आठ पेज का एक सुसाइड नोट मिला है।

हालांकि पुलिस ने पूरी डायरी अपने कब्जे में ले ली है। वहीं कमरे की दीवार पर मेक मी ए हार्ट ऑफ अलोन लिखा हुआ मिला है। कमरे से मिले सुसाइड नोट में किशोरियों ने पापा से माफी मांगी है। साथ ही एक डायरी का जिक्र भी किया है। नोट में लिखा है कि इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, वो सब पढ़ लो क्योंकि ये सब सच है। आई एम सॉरी, पापा। सुसाइड नोट में एक इमोजी भी बना है, जिसमें एक लड़की रोते हुए दिखाई गई है। हालांकि नोट में जिस डायरी का जिक्र उन्होंने किया गया है, उसकी पूरी डिटेल अभी तक सामने नहीं आ पाई हैं। जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद के टीला मोड थाना क्षेत्र की भारत सिटी सोसायटी में सुसाइड करने वाली तीनों लड़कियां बीती रात करीब दो बजे 9वें फ्लोर से कूदकर अपनी जान दे दीं। तीनों बहनें एक ऑनलाइन टास्क बेस्ड कोरियन लवर गेम खेला करती थी। तीन बहनों ने सामूहिक खुदकुशी की है। लड़कियों ने नाम निशिका, प्राची और पाखी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस एक ऑनलाइन कोरियन गेम की लत संबंधी पहलू की भी जांच कर रही है। सहायक पुलिस आयुक्त (शालीमार गार्डन) अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि ये बहनें ऑनलाइन कोरियन गेम की आदी थीं और बच्चियों के माता-पिता उनके बहुत ज़्यादा गेम खेलने पर आपत्ति जताते थे। पुलिस के मुताबिक बहनें कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन गेम की आदी हो गई थीं और अक्सर लगातार कोरियन गेम खेला करती थीं। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और घटना के कारणों की जांच कर रही है। ​​​​​​​