उत्तराखंड में गैस संकट:सप्लाई ठप,जनता परेशान,शादियों के सीजन में बढ़ी मुश्किलें,नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सरकार पर सवाल
नैनीताल/देहरादून।
उत्तराखंड में रसोई गैस आपूर्ति को लेकर हालात चिंताजनक बताए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से गैस सिलेंडर की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि शहरी क्षेत्रों में ही गैस की उपलब्धता प्रभावित है, ऐसे में ग्रामीण इलाकों की स्थिति और अधिक गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। खासकर शादी-ब्याह के सीजन के बीच गैस सिलेंडर के लिए लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन पर सीधा असर पड़ रहा है।
विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने सरकार के उस दावे पर सवाल उठाए हैं, जिसमें स्थिति को “सामान्य” बताया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का कहना है कि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है और आम परिवारों के सामने रसोई चलाने तक का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि यह केवल प्रशासनिक अव्यवस्था नहीं, बल्कि संवेदनहीनता को भी दर्शाता है।
उठी ये प्रमुख मांगें:
प्रदेश में गैस आपूर्ति की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।
संकट के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई हो।
कालाबाजारी और कृत्रिम कमी पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए।
प्रत्येक जिले में गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आपात योजना लागू की जाए।
इस बीच, आम जनता राहत की उम्मीद में सरकार की ओर देख रही है, जबकि प्रदेश में गैस संकट को लेकर सियासी माहौल भी गर्माता जा रहा है।