शिक्षकों, कर्मचारियों की क्षति का भुगतान करेगा निर्वाचन आयोग, उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गुरुकुल कांगड़ी विश्व विद्यालय के शिक्षकों/कर्मचारियों की हरिद्वार पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद मुख्य न्यायधीश विपिन सांघी व न्यायमुर्ति आरसी खुल्बे की खण्डपीठ ने निर्वाचन को निर्देश दिए हैं कि जिन कर्मचारियों/ शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी पर लगाया गया है और इससे जो भी क्षति विश्व विद्यालय या कर्मचारियों को हुई है उसकी भरपाई निवार्चन आयोग करें।
मामले के अनुसार गुरुकुल कांगड़ी के प्रोफेसर दीनदयाल ने उच्च न्यायालय में दायर याचिका में कहा है कि गुरुकुल कांगड़ी विश्व विद्यालय एक वित्त पोषित संस्थान है और ग्राम पंचायत एक्ट के अनुसार वित्त पोषित संस्थानो के कर्मचारियों की पंचायत चुनावों में डियूटी नही लगाया जा सकती। इसके बाद भी जिला प्रशासन द्वारा उनकी इलेक्शन ड्यूटी लगाई गयी है। इस संबंध में गुरुकुल विश्व विद्यालय प्रशासन द्वारा 2016 में भी याचिका दायर की गई थी जिसमे उच्च न्यायालय ने निर्देश दिए थे कि वित्त पोषित संस्थाओं के कर्मचारियों और शिक्षकों की पंचायतों के चुनावों में ड्यूटी न लगाई जाए। लेकिन वर्तमान में होने वाले पंचायत के चुनावों में कर्मचारियों और शिक्षकों को फिर से चुनाव ड्यूटी में लगा दिया गया।