क्या आपको पता है कि फ्रांस की सरकार के लिए भारत में होती है वोटिंग?इस छोटे से शहर के लोग तय करते हैं फ्रांसीसी उम्मीदवारों की किस्मत! लिंक में पढ़ें ये दिलचस्प ख़बर

Did you know that voting for the French government takes place in India? The people of this small town decide the fate of French candidates! Read this interesting news in the link.

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क्या आप जानते हैं कि भारत में रहने वाले कुछ तेलुगू भाषी नागरिक आज भी फ्रांस के संसदीय और राष्ट्रपति चुनावों में मतदान करते हैं? सुनने में यह भले ही आश्चर्यजनक लगे, लेकिन यह पूरी तरह सच है। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के यनम क्षेत्र में आज भी ऐसे परिवार रहते हैं जिनके पास फ्रांस की नागरिकता है और वे फ्रांस के चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। 

यनम, जो भौगोलिक रूप से आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी क्षेत्र में स्थित है, प्रशासनिक रूप से केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी का हिस्सा है। यह क्षेत्र कभी फ्रांसीसी भारत (French India) का हिस्सा था और लगभग ढाई शताब्दियों तक फ्रांस के अधीन रहा। 

फ्रांसीसी शासन की शुरुआत 18वीं शताब्दी में हुई थी। यनम सहित पुडुचेरी, कराईकल और माहे फ्रांस के उपनिवेश थे। भारत को 1947 में स्वतंत्रता मिलने के बाद भी ये क्षेत्र कुछ वर्षों तक फ्रांसीसी नियंत्रण में बने रहे। अंततः 1954 में जनमत और राजनीतिक प्रक्रियाओं के बाद इन क्षेत्रों का प्रशासनिक नियंत्रण भारत को सौंप दिया गया, जबकि 1962 में फ्रांस ने कानूनी रूप से भी इन क्षेत्रों पर अपना अधिकार समाप्त कर दिया। 

इतिहासकारों के अनुसार, फ्रांस से भारत में विलय के दौरान स्थानीय लोगों को भारतीय या फ्रांसीसी नागरिकता चुनने का अवसर दिया गया था। अनेक परिवारों ने फ्रांसीसी नागरिकता बनाए रखी। यही कारण है कि आज भी यनम और पुडुचेरी के कुछ निवासी फ्रांस के नागरिक माने जाते हैं और फ्रांस के चुनावों में मतदान करने के पात्र हैं।

फ्रांसीसी नागरिकता रखने वाले इन लोगों के वोट कई बार चुनावी मुकाबलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यनम के अनेक परिवारों के सदस्य फ्रांस में बस चुके हैं, जबकि कुछ लोग आज भी भारत में रहते हुए फ्रांस के लोकतांत्रिक ढांचे का हिस्सा बने हुए हैं। फ्रांसीसी दूतावास और वाणिज्य दूतावास की व्यवस्थाओं के माध्यम से वे मतदान कर सकते हैं। 

यनम की पहचान केवल अपने अनूठे राजनीतिक इतिहास तक सीमित नहीं है। यहां आज भी फ्रांसीसी संस्कृति और प्रशासनिक विरासत की झलक देखने को मिलती है। पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश को विशेष प्रशासनिक दर्जा भी इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण प्राप्त है। 

यनम दुनिया के उन विरले क्षेत्रों में शामिल है जहां एक ही समुदाय के लोग भारतीय समाज और संस्कृति का हिस्सा होने के साथ-साथ दूसरे देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भी भागीदारी करते हैं। यही वजह है कि आंध्र प्रदेश के इस छोटे से तेलुगू भाषी इलाके की चर्चा समय-समय पर फ्रांस की राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंच जाती है। 

दिलचस्प तथ्य यह है कि भारत के लाखों लोगों के लिए यनम सिर्फ पुडुचेरी का एक छोटा सा क्षेत्र है, लेकिन फ्रांस की राजनीति में यह एक ऐसा नाम है जहां से पड़ने वाला हर वोट हजारों किलोमीटर दूर पेरिस की सत्ता की दिशा तय करने में योगदान देता है।