बड़ी खबरः राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर तीखा हमला! बोले- PM मोदी छात्रों को माफ न करें, उनसे खुद माफी मांगें, अजित डोभाल का Gen-Z को बड़ा संदेश- आजादी का मतलब मनमर्जी नहीं, राष्ट्रहित सर्वोपरि

Big News: Rahul Gandhi launches a scathing attack on the central government! He says PM Modi should not forgive the students but instead apologize to them himself. Ajit Doval’s major message to Gen-Z

नई दिल्ली। देश में परीक्षा व्यवस्था, युवाओं के भविष्य और राष्ट्रीय मूल्यों को लेकर शनिवार को दो अलग-अलग मंचों से महत्वपूर्ण संदेश सामने आए। एक ओर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक प्रकरण से जुड़े कथित आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों से मुलाकात कर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और आजादी का सही अर्थ समझने का आह्वान किया। 
राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक से प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि किसी भी माता-पिता के लिए अपने बच्चे को खोने से बड़ा दुख कोई नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि हर युवा की मौत के पीछे एक ऐसा परिवार होता है, जिसका दर्द जीवनभर समाप्त नहीं होता। राहुल गांधी ने कहा कि यह केवल कुछ परिवारों का दुख नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं, परीक्षाएं रद्द हो रही हैं और लाखों छात्रों की वर्षों की मेहनत एक झटके में बर्बाद हो जाती है। उन्होंने कहा कि छात्रों से ईमानदारी से मेहनत करने की उम्मीद की जाती है, लेकिन जिस व्यवस्था के भरोसे वे अपना भविष्य बना रहे हैं, वही व्यवस्था उनके साथ ईमानदार नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में छात्रों का विश्वास टूटना स्वाभाविक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री छात्रों को ‘माफ करने’ की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने अब तक उन माता-पिता से मुलाकात नहीं की, जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया, और न ही उन छात्रों के बीच पहुंचे, जिनके सपने पेपर लीक की वजह से टूट गए। राहुल गांधी ने कहा कि भारत के छात्रों को प्रधानमंत्री की माफी की आवश्यकता नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनका दर्द कभी खत्म नहीं हो सकता और सरकार को परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।

अजित डोभाल का Gen-Z को मैसेज

महाराष्ट्र के पुणे में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित एक विशेष समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को ‘लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026’ से सम्मानित किया। सम्मान स्वरूप उन्हें पारंपरिक पुणेरी पगड़ी, स्मृति चिह्न, सम्मान राशि तथा ‘गीता रहस्य’ की प्रति भेंट की गई। सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने संबोधन में अजित डोभाल ने युवाओं को आजादी का वास्तविक अर्थ समझने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आजादी का मतलब मनमर्जी करना या बिना जिम्मेदारी के व्यवहार करना नहीं है। सच्ची आजादी वही है, जिसमें व्यक्ति अपने अधिकारों के साथ-साथ राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को भी समझे। उन्होंने कहा कि युवाओं को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, जो राष्ट्रहित के विरुद्ध हो। अजित डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत इस समय आंतरिक और बाहरी दोनों तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसके बावजूद देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति से कई विरोधी ताकतें चिंतित हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर देशहित के बारे में सोचे। अपने संबोधन में डोभाल ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के जीवन और संघर्षों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शासन के दौर में जब अधिकांश लोग भय के कारण चुप रहते थे, तब तिलक ने निडर होकर स्वतंत्रता की आवाज बुलंद की। जेल जाने के बाद भी उन्होंने समाज और राष्ट्र की सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा। डोभाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे तिलक के विचारों और उनके संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लें तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।