धामी कैबिनेट के बड़े फैसलेः ईंधन बचत के लिए ‘नो व्हीकल डे’ होगा लागू! मंत्रियों के काफिले आधे, 19 प्रस्तावों पर लगी मुहर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के विकास, ऊर्जा संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कुल 19 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बार की कैबिनेट बैठक की सबसे खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने ईंधन और ऊर्जा संरक्षण को लेकर कई बड़े निर्णय लिए हैं। कैबिनेट के फैसलों के अनुसार अब मुख्यमंत्री और मंत्रियों के फील्ड दौरों के दौरान चलने वाले वाहनों की संख्या को आधा किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ घोषित किया जाएगा, ताकि ईंधन की बचत हो सके और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले। सरकार का मानना है कि इससे न केवल ऊर्जा संसाधनों का संरक्षण होगा, बल्कि आमजन में भी जागरूकता बढ़ेगी और सार्वजनिक जीवन में सादगी का संदेश जाएगा। वहीं बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक/आशिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति को मंजूरी मिल गई है। हर जिले में 10 गांवों चयनित किया जाएगा। चकबंदी समिति का गठन किया जायेगा और 120 दिनों में आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके साथ ही राजस्व परिषद समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी संशोधन सेवा नियमावली 2026 को भी कैबिनेट में मंजूरी दी गई है। कैबिनेट में सगंध पौधा केन्द्र का नाम बदला गया है। इसे अब परफ्यूमरी एंड एरोमेटिक रिसर्च एवं डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट के नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही कैबिनेट बैठक में रजिस्टर न्यायालय और केस प्रबंधन के पद को मंजूरी दी गई है। साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज में संकाय सदस्यों की कमी को दूर करने के लिए संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति अब सचिव स्तर से की जा सकेगी। इस प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है, चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे को पुनर्गठित करने को मंजूरी दी गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में संविदा कर्मचारी/दैनिक वेतन के 277 कार्मिकों को समान कार्य समान वेतन देने को भी मंजूरी मिल गई है। लैब टेक्नीशियन के संवर्ग के ढांचे को आईएफएस मानकों के अनुरूप करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, लोहाघाट के संचालन को प्रधानाचार्य समेत 16 पदों को मंजूरी दी गई है।
कैबिनेट बैठक के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
लघु जल विद्युत परियोजना विकास नीति 2015 में किया गया संशोधन। परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को किया गया शून्य। डीपीआर की जगह प्री फिजीबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर डेवलपर को आवंटित होगा काम।
तीनों ऊर्जा निगमों के निदेशक की नियुक्ति को लेकर बनी नियमावली में किया गया संशोधन। निदेशक मंडल के बाहर का व्यक्ति भी बन सकेगा निदेशक।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम को लागू करने के लिए उत्तराखंड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान मान्यता नियमावली, 2026 को मिली मंजूरी।
पंचायत भवनों के निर्माण को मिलने वाले धनराशि को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख किया गया।
विधानसभा सत्र के सत्रावसान को मंत्रिमंडल की मिली मंजूरी।
फॉरेंसिक साइंस डिपार्टमेंट में 15 पदों के सृजन को मिली मंजूरी।
उत्तराखंड पर्यटन यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में किया गया संशोधन।
होम स्टे अब 8 कमरे तक संचालित कर सकेंगे। ऑनलाइन भुगतान पर ऑटोमेटिक होम स्टे का लाइसेंस रिन्यू हो जाएगा।
उत्तराखंड राज्य चकबंदी कार्मिक समायोजन नियमावली, 2026 को मिली मंजूरी।