आधी रात आई तबाही, सुबह दिखा बर्बादी का भयावह मंजर: डोडा में फ्लैश फ्लड का कहर,संभलने तक का नहीं मिला मौका
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से कुदरत के कहर की एक बेहद खौफनाक तस्वीर सामने आई है। डोडा के ठठरी कस्बे में मंगलवार तड़के मूसलाधार बारिश के बाद अचानक आए फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) ने भारी तबाही मचाई है। रात के घने अंधेरे और सोते समय आई इस प्राकृतिक आपदा ने स्थानीय लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। पहाड़ियों से भारी मात्रा में आया मलबा, कीचड़ और विशालकाय चट्टानें तेज बहाव के साथ रिहायशी इलाके में घुस गईं, जिससे कई मकान, दुकानें और वाहन मलबे के नीचे दफन हो गए। जब सुबह लोगों की आंखें खुलीं, तो नजारा बेहद डरावना था। सड़कों पर सिर्फ कीचड़ और पत्थरों का साम्राज्य था। हालांकि, इस भीषण तबाही के बीच गनीमत यह रही कि जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पानी और मलबे का बहाव इतना तेज था कि घरों के बाहर खड़े वाहन तिनके की तरह बह गए। कई गाड़ियां मलबे और पत्थरों के नीचे पूरी तरह दब चुकी हैं, जबकि कुछ वाहन बहकर सीधे चिनाब नदी में समा गए। इस फ्लैश फ्लड के कारण डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग ठठरी के पास पूरी तरह ब्लॉक हो गया। सड़क पर मलबा और बोल्डर आ जाने से दोनों जिलों के बीच का संपर्क पूरी तरह कट गया और कड़ा जाम लग गया। आपदा की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। बंद पड़े राष्ट्रीय राजमार्ग को खोलने और मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनों (जेसीबी) को काम पर लगाया गया है। डोडा के डिप्टी कमिश्नर कृष्ण लाल ने स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में पिछले कुछ घंटों से हो रही अत्यधिक भारी बारिश के कारण पहाड़ियों से मलबा खिसककर सड़कों और रिहायशी इलाकों में आ गया था। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित मुख्य मार्गों को साफ करा दिया है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा यह घटना क्लाउडबर्स्ट (बादल फटने) की नहीं है, बल्कि भारी बारिश के कारण आई अचानक बाढ़ है। लोग सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी आपातकालीन सूचना या मदद के लिए सीधे जिला प्रशासन या आधिकारिक कंट्रोल रूम से ही संपर्क करें। मौसम के बदले मिजाज ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पिछले महज दो दिनों के भीतर डोडा और किश्तवाड़ जिलों में फ्लैश फ्लड की यह तीसरी बड़ी घटना है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पूरी चेनाब घाटी के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और चट्टानें खिसकने का खतरा चरम पर पहुंच गया है। मौसम विभाग और प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर स्थानीय निवासियों और यात्रियों को बेहद सतर्क रहने और नदी-नालों के पास न जाने की सख्त सलाह दी है।