दन्या हत्याकांडः जम्मू-कश्मीर के कटरा से गिरफ्तार हुए बेटी-दामाद! एक माह से बना रहे थे हत्या की योजना, अल्मोड़ा आने के लिए बेचे थे अंगूठी, मंगलसूत्र और झुमके

Danya Murder Case: Daughter and son-in-law arrested in Katra, Jammu & Kashmir! They had been plotting the murder for a month and sold a ring, *mangalsutra*, and earrings to fund their trip to Almora.

अल्मोड़ा।  दन्या थाना क्षेत्र के सैली गांव में हुए चर्चित हत्याकांड में अल्मोड़ा पुलिस ने फरार चल रहे मृतक की बेटी जानकी पांडे और दामाद धर्मवीर शर्मा को जम्मू-कश्मीर के कटरा से गिरफ्तार किया है। गठित तीन पुलिस टीमों ने कई राज्यों में तलाश अभियान चलाकर, 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, सर्विलांस और तकनीकी जानकारी के आधार पर दोनों आरोपियों तक पहुंच बनाई। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर अल्मोड़ा लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार ग्राम सैली निवासी नारायण दत्त ने 22 जून को थाना दन्या में तहरीर देकर बताया कि 20 जून की रात उनके पुत्र चन्द्रशेखर पर उसकी पुत्री जानकी पांडे, दामाद धर्मवीर शर्मा और पत्नी खष्टी देवी ने मिलकर दरांती से जानलेवा हमला किया। गंभीर रूप से घायल चन्द्रशेखर की 21 जून को हल्द्वानी में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस पर पुलिस ने हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने सीओ अल्मोड़ा को मौके पर भेजा, जबकि फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी सबूत जुटाए। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन अलग-अलग पुलिस टीमें बनाई गईं। टीमों ने दिल्ली, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में लगातार तलाश की। इस दौरान होटल, ढाबों और अन्य संभावित ठिकानों की जांच की गई। 23 जून को वारदात में इस्तेमाल एचआर-21टी-0835 फ्रॉन्क्स कार हिसार (हरियाणा) से बरामद कर ली गई। लगातार तलाश और तकनीकी जानकारी के आधार पर 25 जून को पुलिस को दोनों आरोपियों के जम्मू-कश्मीर के कटरा में छिपे होने की सूचना मिली। इसके बाद कटरा पुलिस के सहयोग से 26 जून को दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। कटरा न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद 27 जून को दोनों को थाना दन्या लाया गया। 

शादी से पहले अत्याचार, रंजिश और हत्या
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतक चन्द्रशेखर अपनी पुत्री जानकी पाण्डे की शादी से पहले उसके साथ अत्याचार करता था। जिससे मृतक की पुत्री जानकी पाण्डे व दामाद धर्मवीर शर्मा मृतक चन्द्रशेखर से रंजिश रखते थे। पूछताछ में यह भी पता चला है कि दोनों आरोपी करीब एक माह से हत्या की योजना बना रहे थे। अल्मोड़ा आने के लिए पैसे जुटाने को धर्मवीर शर्मा ने अपनी सोने की अंगूठी बेच दी, जबकि जानकी पांडे ने अपना मंगलसूत्र और कान के झुमके बेच दिए। 20 जून की रात दोनों कार से सैली पहुंचे और चन्द्रशेखर पर दरांती से कई वार किए। उसे मृत समझकर दोनों वहां से फरार हो गए और लगातार अपने ठिकाने बदलते रहे। आखिर में कटरा में छिपे, जहां से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने सौधारा बैंड के पास से हत्या में इस्तेमाल दरांती और धर्मवीर शर्मा की खून से सनी कमीज बरामद कर ली है। जांच के दौरान गवाहों और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने पाया कि मृतक की पत्नी खष्टी देवी की घटना में कोई भूमिका नहीं थी। इसके बाद उन्हें मामले से अलग कर दिया गया। पुलिस के अनुसार धर्मवीर शर्मा के खिलाफ हरियाणा में पहले से लूट, मारपीट, दुष्कर्म के प्रयास समेत कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके अन्य आपराधिक मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।