परीक्षा सुधारों पर आज संसद में निर्णायक बहस: 6 घंटे होगी चर्चा, पेलेट गन विवाद से पेपर लीक कानून तक सरकार-विपक्ष आमने-सामने

Crucial debate on exam reforms in Parliament today: A six-hour discussion is scheduled, with the government and opposition set to clash on issues ranging from the pellet gun controversy to the paper

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में पिछले एक सप्ताह से जारी गतिरोध समाप्त होने के बाद मंगलवार को लोकसभा में परीक्षा सुधारों और एंटी पेपर लीक कानून पर अहम बहस होगी। लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए छह घंटे का समय तय किया गया है। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आवश्यकता पड़ने पर चर्चा की अवधि बढ़ाने का भी आश्वासन दिया है। बहस के बाद विधेयक पर मतदान कराया जाएगा। आज की चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि देशभर में 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन, पेपर लीक विवाद और उसके बाद हुए राजनीतिक घटनाक्रम ने परीक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है। सरकार का दावा है कि नया संशोधन कानून पेपर लीक माफिया पर शिकंजा कसने और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

इस बीच कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्र प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि निहत्थे छात्र प्रदर्शनकारियों पर रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) द्वारा कथित रूप से पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिसमें 80 से अधिक लोग घायल हुए। विपक्ष चाहता है कि इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार सदन में जवाब दे। छात्र आंदोलन के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने इस पूरे मुद्दे को और अधिक संवेदनशील बना दिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नंदन निलेकणि की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया। सरकार का कहना है कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए तकनीकी और कानूनी स्तर पर व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। 20 जुलाई को छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंस्टाग्राम वीडियो के जरिए आंदोलनकारी युवाओं से संवाद किया था। उन्होंने छात्रों को "फ्रेंड्स" कहकर संबोधित करते हुए भरोसा दिलाया था कि सरकार उनकी चिंताओं से पूरी तरह अवगत है और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। सोमवार को संसद का माहौल काफी हंगामेदार रहा। विपक्ष ने दोनों सदनों में छात्रों पर कथित पुलिस बल प्रयोग का मुद्दा उठाते हुए कार्यवाही स्थगित कर पहले चर्चा कराने की मांग की। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से माफी और केंद्रीय गृह मंत्री के बयान की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। विपक्ष ने विधेयक पेश करने के लिए निर्धारित एक घंटे के दौरान 92 संशोधन प्रस्ताव भी दिए, लेकिन चर्चा के लिए सहमत नहीं हुआ। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संकेत दिया कि यदि बहस नहीं हुई तो सरकार विधेयक पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों के नेताओं से बातचीत कर गतिरोध समाप्त कराया और चर्चा पर सहमति बनवाई। आज की बहस में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। एनडीए की ओर से बांसुरी स्वराज समेत कई युवा सांसद सरकार का पक्ष रखेंगे, जबकि विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सरकार को घेरेंगे। समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा भी चर्चा में भाग लेंगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बहस केवल एंटी पेपर लीक कानून तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के अधिकार, सरकारी जवाबदेही और परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे व्यापक मुद्दों पर भी केंद्रित होगी। ऐसे में आज का दिन संसद के साथ-साथ देश के करोड़ों छात्रों और अभिभावकों के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है।