सरायकेला में बालू माफिया पर वज्रपात: ईचागढ़ और चौका में छापेमारी, 48,300 घनफीट बालू जब्त

Crackdown on sand mafia in Seraikela: Raids conducted in Ichagarh and Chauka; 48,300 cubic feet of sand seized.

सरायकेला-खरसावां जिले में प्राकृतिक संसाधनों की लूट मचाने वाले बालू और पत्थर माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ा हंटर चलाया है। उपायुक्त (डीसी) नीतीश कुमार सिंह के कड़े निर्देश पर गुरुवार को ईचागढ़ और चौका थाना क्षेत्र में अवैध खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ एक व्यापक और सघन अभियान चलाया गया। इस औचक कार्रवाई से पूरे जिले के खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की संयुक्त टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर कुल 48,300 घनफीट अवैध बालू जब्त किया है, साथ ही बिना वैध चालान के पत्थर ले जाते एक वाहन को भी सीज किया गया है।

जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में ईचागढ़ थाना पुलिस के साथ मिलकर एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया था। टीम ने अचानक ईचागढ़ थाना क्षेत्र के सोड़ो, जारागोडीह और वीरडीह बालू घाटों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न जीआर स्थलों पर भारी मात्रा में अवैध रूप से डंप कर रखा गया करीब 38,100 घनफीट बालू पाया गया, जिसे प्रशासन ने तुरंत जब्त कर लिया। इसके ठीक बाद टीम ने चौका थाना क्षेत्र के चांदुडीह में दबिश दी, जहां से भी विभिन्न जीआर स्थलों से 10,200 घनफीट अवैध रूप से भंडारित बालू को जब्त किया गया। बालू घाटों पर कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस और खनन विभाग की टीम सड़कों पर भी मुस्तैद दिखी। अभियान के दौरान चौका-पातकुम मुख्य सड़क पर सघन चेकिंग चलाई जा रही थी। इसी बीच पत्थर खनिज से लदा एक वाहन वहां से गुजरा। जब अधिकारियों ने वाहन को रोककर जांच की, तो चालक पत्थर परिवहन से जुड़ा कोई भी वैध चालान (माइनिंग चालान) पेश नहीं कर सका। प्रशासन ने बिना देर किए वाहन को जब्त कर लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उसे चौका थाना के सुपुर्द कर दिया। जिला प्रशासन की ओर से आधिकारिक तौर पर बताया गया है कि ईचागढ़ और चौका थाना क्षेत्रों से जब्त किए गए कुल 48,300 घनफीट अवैध बालू के भंडारण को लेकर अब सरकारी स्तर पर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नियमानुसार इस पूरी बालू की ई-ऑक्शन (ऑनलाइन नीलामी) की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जा रही है, ताकि इससे मिलने वाली राशि सीधे सरकारी खजाने में राजस्व के रूप में जमा हो सके। प्रशासन के इस कड़े रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में अवैध माइनिंग करने वालों की खैर नहीं है।