जगन्नाथपुर रथ यात्रा में शामिल होंगे सीएम हेमंत सोरेन,मंदिर न्यास समिति का आमंत्रण सहर्ष स्वीकार,16 जुलाई से शुरू होगा महोत्सव

CM Hemant Soren to participate in the Jagannathpur Rath Yatra; he has gladly accepted the invitation from the Temple Trust Committee, and the festival will begin on July 16.

राँची। झारखंड की राजधानी राँची के ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र जगन्नाथपुर में आगामी 16 जुलाई से शुरू होने जा रहे भव्य 'जगन्नाथपुर रथ यात्रा महोत्सव' को लेकर तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। इसी कड़ी में, राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस वर्ष के रथ यात्रा महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण सहर्ष स्वीकार कर लिया है। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार मुलाकात की और उन्हें इस पावन महोत्सव का औपचारिक निमंत्रण पत्र सौंपा। 

मुलाकात के दौरान न्यास समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को रथ यात्रा की भव्यता, सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय श्रद्धालुओं की अगाध आस्था एवं जनभावनाओं से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। समिति ने मुख्यमंत्री से विशेष आग्रह किया कि वे उद्घाटन समारोह के पावन अवसर पर उपस्थित रहकर इस भव्य आयोजन की गरिमा बढ़ाएं। प्रतिनिधिमंडल के आमंत्रण का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जगन्नाथपुर रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत का एक बेहद अटूट व महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने महोत्सव के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए मंदिर समिति और राज्य के तमाम नागरिकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। इस बार 16 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले इस रथ मेला महोत्सव को लेकर पूरे राँची क्षेत्र में भारी उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे इस विशेष प्रतिनिधिमंडल में मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष एन. एन. पांडे, प्रथम सेवक (सेवायत) ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव, सचिव प्रसन्न कुमार, सदस्य गोपाल उपाध्याय, नीतू देवी, कमल ठाकुर तथा सहयोगी अमरदीप कौशल प्रमुख रूप से शामिल रहे। प्रशासन और न्यास समिति मिलकर इस बात को सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री के आगमन की पुष्टि के बाद अब आयोजन स्थल पर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक चाक-चौबंद किया जा रहा है।