Oct 15, 2026 Login
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उत्तराखंड सीमा पर चीन की बढ़ती हवाई गतिविधियों से भारतीय ऐजेंसियों की बढ़ायी चिंता

China's increasing air activities on Uttarakhand border increased concern of Indian agencies

लद्दाक के साथ साथ उत्तराखंड से सटी एलएसी पर चीन की बढ़ती हवाई गतिविधियों ने सुरक्षा ऐजेंसियों के कान खड़े कर दिये हैं। सूत्रों के अनुसार यहाँ बाड़ाहोती सीमा के पास चीन ने कई मानव रहित हवाई विमान लेकर आया है । इन विमानों की उड़ान पर भारतीय ऐजेंसी कड़ी नज़र रख रही हैं।


भारतीय सेना की चीन पर सबसे अधिक एडवांटेज है तो वह है ऐयरफोर्स की ताकत। और इस ताकत में इजाफा करता है चीन के मुक़ाबले भारत में हवाई अड्डों की सीमा से अधिक नजदीकी। चीनी लड़ाकू विमानों को सीमा पर पहुँचने के लिए कम से कम 400 किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ती है। यही वजह है कि वह लद्दाक के शीनयांग प्रांत में बड़ा ऐयर बेस तैयार कर रहा है जिसके चलते उसके विमानों की चहलकदमी एलएसी पर बढ़ी है।

चूंकि लद्दाक में किसी भी तरह के संघर्ष की स्थिति में भारत के लिए उत्तराखंड से सटी सीमा से कम दूरी के चलते जोरदार हवाई हमले करना बेहद आसान है। भारत के पास यहां एलएसी के साथ अपेक्षाकृत कम दूरी में कई हवाई क्षेत्र हैं। यही वजह है कि रूस से आयातित एस 400 वायु रक्षा प्रणालियों की तैनाती के साथ क्षेत्र में ऐअर डिफेंस को और मजबूत करने की दिशा में चीन ने काफी काम किया है। जबाब में भारत ने भी चीनी लड़ाकू विमान बेड़े पर नजर रखने के लिए बड़ी संख्या में सिस्टम तैनात किए है। लेकिन बाराहेती में अपनी पोजीशन मजबूत करने के लिए वह कई दिनों से लगातार यहाँ बड़ी संख्या में मानवरहित विमानों को यहा लाया है और इस हवाई छेत्र में इन्हें उड़ाया जा रहा है। चीनी वायुसेना ने भारतीय क्षेत्रों के पास हाल की गर्मियों में अभ्यास भी किया। जिसमें उनके द्वारा होगन, काशगर और गार गुनसा हवाई क्षेत्रों से सीमा पर उड़ानें भरी गईं। भारतीय सेना इस अभ्यास के मद्देनजर तभी से तैयारियों में भी जुट गया था।

हालांकि विशेषज्ञों के अनुशार उत्तराखंड सीमा पर भारत हवाई ताकत और भौगोलिक परिस्थितियों के चलते चीन पर भारी है। यही वजह है कि चीन ने 1962 में यहाँ किसी बड़े हमले का प्रयास भी नहीं क्या था। ऐसे में चीन की यहाँ हो रही हवाई कयावद सिर्फ अपना डिफेंस मजबूत करने की है। वावजूद इसके भारत चीन की मक्कार नीति को देखते हुए बढ़ते चीनी डिफेंस की तुलना में अपनी यहाँ से आक्रमण की पोजीशन को और अधिक मजबूत करने में जुट गया है।