Oct 14, 2026 Login
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नीला ड्रम केसः महाभारत का जिक्र कर कोर्ट ने कहा- दंड भी धर्म है! सजा सुनते ही फूट-फूटकर रोने लगे मुस्कान और साहिल, अदालत के सवाल पर रहे मौन

'Blue Drum' Case: Invoking the Mahabharata, the court remarked, "Punishment, too, is *Dharma*." Muskan and Sahil burst into tears upon hearing the sentence and remained silent when questioned by the

मेरठ। मेरठ में चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में जिला अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई। दोनों को मार्च 2025 में मर्चेंट नेवी कर्मी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। अदालत ने 30 सितंबर 2026 को दोनों को दोषी करार दिया था, जिसके बाद बुधवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी करते हुए अंतिम फैसला सुनाया गया। सजा सुनाने के दौरान अदालत की टिप्पणी भी चर्चा का विषय बनी रही। मीडिया में सामने आई जानकारी के अनुसार, फैसला सुनाने से पहले न्यायाधीश ने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘दंड भी धर्म है।’ अदालत की टिप्पणी का आशय था कि अपराध करने वाले को दंड देना भी धर्म का हिस्सा है। इस दौरान न्यायाधीश ने अपराधियों को सजा देने के महत्व पर जोर दिया। फैसले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता केके चौबे ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने महाभारत का उदाहरण देते हुए अपराधियों को दंड देने को धर्म से जोड़ा। उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला समाज के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। उनके मुताबिक, लालच या किसी अन्य कारण से करीबी रिश्तों में हत्या जैसे गंभीर अपराध करने वालों को कानून के तहत कठोर दंड मिलना चाहिए। मामले में मुस्कान और साहिल की अदालत में वर्चुअल पेशी हुई। सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों की प्रतिक्रिया को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ रिपोर्टों में दोनों के रोने की बात कही गई, जबकि अन्य विवरणों में उन्हें चुपचाप बैठे रहने का उल्लेख है। हालांकि, सजा सुनाए जाने के बाद उनकी भावनात्मक प्रतिक्रिया को लेकर एक जैसी जानकारी सामने नहीं आई है। अदालत में फैसला सुनाए जाने के दौरान ‘भारत माता की जय’ के नारे लगने की बात भी अधिवक्ता केके चौबे ने कही। इस मामले में अदालत के फैसले को लेकर लोगों के बीच चर्चा बनी हुई है। मेरठ का यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था। मर्चेंट नेवी में कार्यरत सौरभ राजपूत की हत्या का आरोप उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला पर लगा था। जांच के दौरान सामने आए विवरण के अनुसार, हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से बंद कर दिया गया था। इसी वजह से यह मामला देशभर में ‘नीले ड्रम हत्याकांड’ के नाम से चर्चित हुआ। जांच और अदालती सुनवाई के बाद जिला अदालत ने 30 सितंबर 2026 को मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया। बुधवार को दोनों को मृत्युदंड सुनाया गया।