चंपावत गैंगरेप केस: 50 लाख लो और समझौता करो! सोशल मीडिया पर वायरल पत्र ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, आखिर कहां है पीड़िता का परिवार?

Champawat gang rape case: Take 50 lakh rupees and settle! A viral letter on social media raises questions about police action. Where is the victim's family?

चंपावत। चंपावत के सल्ली क्षेत्र में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना से जहां प्रदेशभर में आक्रोश देखने को मिल रहा है। वहीं इस मामले को लेकर एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हांलाकि आवाज इंडिया इस वायरल पत्र की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन जिस प्रकार वायरल पत्र में आरोप लगाए गए हैं, वो बेहद गंभीर हैं। पुलिस अधीक्षक, चंपावत को सम्बोधित इस वायरल पत्र में लिखा गया है कि पुलिस द्वारा समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पत्र में लिखा गया है कि ‘मैं नवीन सिंह, निवासी हरतोला और पीड़िता का भाई हूं। मैं आपको अवगत कराना चाहता हूं मेरी बहन के साथ एक गंभीर अपराध पॉस्को गैंगरेप हुआ है। जिसका मामला दर्ज कराया गया था। दुर्भाग्यवश, पुलिस द्वारा हमपर दबाव बनाया जा रहा है कि हम मामले को समझौते के माध्यम से सुलझा लें। जिसकी जानकारी पीड़िता के पिता मेरे चाचा द्वारा दी गई है। चाचा ने मुझे बताया, जिसमें 50 लाख का ऑफर आरोपियों द्वारा दिया जा रहा है और हमें यह भी बताया जा रहा है कि हमारे परिजनों को पुलिस ने कल से अपनी हिरासत में रखा है और उनका कोई पता नहीं है। पत्र में आगे लिखा गया है, मैं आपसे निवेदन करता हूं कि कृपया इस मामले की जांच स्वतः करें और मेरे परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ उचित कार्यवाही करें। तथा मेरी बात मेरे चाचा श्री पदम सिंह से करवाई जाए।

इस पत्र के वायरल होने के बाद लोगों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है और लोग इसपर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मित्र पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वायरल पत्र में लगाए गए आरोप सही हैं। अगर ऐसा है तो इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। बता दें कि बुधवार को चंपावत कोतवाली में एक व्यक्ति ने तहरीर देकर तीन लोगों पर उसकी नाबालिग बेटी से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। तहरीर में पिता ने बताया कि वह बीमार रहतें हैं। उनका इलाज कराने के लिए उनकी बेटी उन्हें गांव से चंपावत लाई थी। उन्होंने बताया कि बीती पांच मई को उनकी नाबालिग बेटी शाम को घर नहीं लौटी। जब उन्होंने फोन कर पूछा तो उसने बताया दोपहर करीब 2ः30 बजे विनोद सिंह रावत उसे शादी में सल्ली ले गया है जो उससे पिछले कुछ समय से बात करता था। तहरीर में पिता ने बताया कि जब देर रात तक उनकी बेटी घर नहीं लौटी तो उसे फिर से फोन किया गया, लेकिन उसका फोन नहीं लगा। देर रात 1ः28 बजे उनकी बेटी ने उन्हें कॉल की, लेकिन इसके तुरंत बाद उसका फोन स्विच ऑफ आने लगा। बताया कि स्थानीय लोगों और पुलिस की खोजबीन के बाद तड़के करीब 4 बजे उनकी बेटी सल्ली क्षेत्र की एक डेयरी के पास कमरे में नग्न अवस्था में बंधी हुई मिली। पूछताछ में उनकी बेटी ने बताया सल्ली क्षेत्र के तीन लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि आरोपियों ने धारदार हथियार (चाकू और बसुला) बेटी के गले पर रखकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद तीनों आरोपियों ने उनकी बेटी को रस्सी से बांधकर नग्न अवस्था में कमरे में ताला लगा कर बंद कर दिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष पूरन सिंह रावत, विनोद सिंह रावत और नवीन सिंह रावत के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। 

इधर इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है। बुधवार को गुस्साए लोग कोतवाली पहुंच गए, जहां आरोपितों के साथ स्थानीय लोगों की झड़प भी हुई। इस दौरान कोतवाली में अफरा-तफरी मच गयी। हांलाकि बाद में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए मामला शांत कराया। वहीं इस मामले ने सोशल मीडिया पर भी बड़ी बहस छेड़ दी है। लोग मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी न होने पर आक्रोश जताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। हांलाकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस पत्र ने लोगों का आक्रोश और बढ़ा दिया है।