हैवानियत: रूह कंपाने वाली घटना,अनाथ बच्चों पर चाची का कहर! मम्मी-पापा मर गए,अब चाची मारती है' बोलकर बिलख पड़े मासूम
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर के महाराजपुर इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ माता-पिता के साये से महरूम चार मासूम भाई-बहनों पर उनकी ही सगी चाची ने जुल्मों की इंतहा कर दी। बच्चों का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्हें भूख लगी थी और उन्होंने खाना मांग लिया। आरोप है कि निर्दयी चाची ने मासूमों को गर्म हीटर से दाग दिया और बेल्ट से उनकी बर्बर पिटाई की। गुरुवार शाम जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो बच्चों के शरीर पर घाव देखकर कठोर दिल पुलिसकर्मियों की भी रूह कांप गई।
घटना का खुलासा गुरुवार शाम 5:25 बजे हुआ, जब यूपी 112 कंट्रोल रूम में एक 14 वर्षीय किशोर की कांपती हुई आवाज गूंजी- "हैलो पुलिस... जल्दी आओ, हमारी बहन को चाची हीटर से जला रही है।" फोन कटते ही पीआरवी (PRV) स्टाफ अमरदीप और सुमित कुमार सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। वहाँ का मंजर देख पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए। चार मासूम बच्चे, जिनमें सबसे छोटा महज 4 साल का है, कोने में दुबके रो रहे थे। जब पुलिस ने बच्चों को दिलासा दिया, तो उन्होंने अपनी शर्ट उतारकर पीठ, हाथ, हथेली और जांघों पर मौजूद नीले निशान और जलने के घाव दिखाए। बच्चों ने रोते हुए बताया, "मम्मी-पापा के गुजर जाने के बाद हम चाचा-चाची के पास रहते हैं। चाची खाना मांगने पर बेल्ट से मारती हैं और हीटर से जला देती हैं। जब पुलिस ने आरोपित महिला को बुलाकर फटकार लगाई, तो उसने बड़ी ढिठाई से बच्चों पर ही चोरी का आरोप मढ़ दिया। महिला का कहना था कि बच्चे स्कूल नहीं जाते और दुकान से चोरी करते हैं, इसलिए उन्हें 'अनुशासन' सिखाने के लिए पीटा गया। हालांकि, पुलिस ने उसे कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "जेल चली जाओगी, कोई अपनों को इस तरह मारता है क्या?पुलिस की मौजूदगी देख गांव वाले भी इकट्ठा हो गए। उन्होंने दबी जुबान में स्वीकार किया कि बच्चों के साथ अक्सर मारपीट होती है, लेकिन परिवार के झगड़े के डर से कोई बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। बच्चों को भूखा देख पुलिसकर्मियों का दिल पसीज गया। उन्होंने तुरंत अपनी जेब से पैसे निकालकर दुकान से बिस्किट, फल और राशन खरीदा और बच्चों को खिलाया। देर शाम महाराजपुर थाना प्रभारी राजेश सिंह ने गांव पहुंचकर मामले की तफ्तीश की। पुलिस ने चाचा-चाची को सख्त हिदायत दी है कि बच्चों के साथ दोबारा ऐसी हरकत हुई तो सीधे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इस घटना ने समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 14 साल का बड़ा भाई, 11 और 4 साल के दो भाई और 9 साल की बहन अब खौफ के साये में जी रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि इन बच्चों को किसी सुरक्षित स्थान या बाल संरक्षण गृह भेजा जाए, ताकि उन्हें इस नर्क जैसी जिंदगी से आजादी मिल सके। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।