कोबरा गैंग पर बड़ा प्रहारः दिल्ली से दबोचा गया कोकीन तस्करी का मास्टरमाइंड! पार्टियों और कॉलेज छात्रों तक पहुंचा रहा था ड्रग्स का जाल, पूरा नेटवर्क खंगालने में जुटा उत्तराखण्ड पुलिस महकमा
देहरादून। राजधानी देहरादून में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। देहरादून पुलिस ने कथित रूप से कोबरा गैंग के मुख्य सरगना और कोकीन तस्करी के मास्टरमाइंड जॉन उर्फ जोसेफ उर्फ मॉरिस उर्फ एनडी ब्रदर को दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में फैले अपने नेटवर्क के जरिए कोकीन की आपूर्ति कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि देहरादून में आयोजित होने वाली हाई-प्रोफाइल पार्टियां और विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं इस नेटवर्क के प्रमुख निशाने पर थे। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब राजपुर थाना पुलिस ने नियमित चेकिंग अभियान के दौरान जोहड़ी रोड स्थित पुरानी मजार के पास एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान जावेद आलम के रूप में हुई, जिसके कब्जे से 11.77 ग्राम अवैध कोकीन बरामद की गई। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दौरान जावेद आलम ने कई अहम जानकारियां पुलिस को दीं, जिससे पूरे ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश होना शुरू हुआ। जावेद आलम ने पुलिस को बताया कि वह देहरादून में आयोजित होने वाली बड़ी पार्टियों और कॉलेजों में अध्ययनरत युवाओं को कोकीन की सप्लाई करता था। उसने खुलासा किया कि उसे यह कोकीन दिल्ली में रहने वाले जॉन उर्फ जोसेफ नामक व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराई जाती थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश में विशेष अभियान चलाया और मुखबिर की सटीक सूचना पर दिल्ली के मालवीय नगर इलाके से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अपनी असली पहचान छिपाने के लिए कई नामों का इस्तेमाल करता था। पूछताछ में उसने बताया कि वह पश्चिम अफ्रीकी देश कोट डी आइवर (आइवरी कोस्ट) का निवासी है और पिछले लगभग दो वर्षों से दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि उसका पासपोर्ट और वीजा दिसंबर 2025 में ही समाप्त हो चुका था, इसके बावजूद वह बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहा था। इस संबंध में भी पुलिस और संबंधित एजेंसियां कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी कोकीन की तस्करी से भारी आर्थिक लाभ कमाता था और उसने देश के विभिन्न हिस्सों में पैडलरों का एक नेटवर्क तैयार कर रखा था। इन्हीं माध्यमों से वह नशे की खेप अलग-अलग शहरों तक पहुंचाता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ दिन पूर्व उसने जावेद आलम को कोकीन उपलब्ध कराई थी, जिसे देहरादून में आयोजित पार्टियों और कॉलेज छात्रों के बीच बेचने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस को आशंका है कि आरोपी के नेटवर्क के तार कई राज्यों और बड़े शैक्षणिक संस्थानों तक जुड़े हो सकते हैं। पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि जावेद आलम के माध्यम से आरोपी पहले भी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में कई बार कोकीन की सप्लाई कर चुका है। यही कारण है कि अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य पैडलरों, सप्लायरों और ग्राहकों की पहचान करने में जुटी हुई है। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल माध्यमों की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर की जा रही है। आरोपी के संपर्कों, वित्तीय लेन-देन, ड्रग सप्लाई चेन और उसके साथ जुड़े अन्य व्यक्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने और नशा तस्करी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करना पुलिस की प्राथमिकता है।