ऐतिहासिक पल का गवाह बनेगा ब्रिगेड ग्राउंड: बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार,मोदी-शाह की मौजूदगी में भव्य शपथ ग्रहण की तैयारी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का सूर्योदय होने जा रहा है। शनिवार को कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड उस पल का साक्षी बनेगा, जिसकी पार्टी ने दशकों से प्रतीक्षा की है। राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को एक विशाल सांस्कृतिक महाकुंभ के रूप में तब्दील किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होने वाले इस आयोजन में बंगाल की कला, परंपरा और स्वाद का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।
ब्रिगेड ग्राउंड में तैयार किया जा रहा विशाल मंच बंगाल की अस्मिता का दर्पण नजर आ रहा है। मंच पर एक भव्य दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई है, जो पार्टी के 'सोनार बांग्ला' के संकल्प को दर्शाती है। इसके साथ ही स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और ईश्वरचंद्र विद्यासागर जैसी बंगाल की महान विभूतियों के चित्रों से पूरे आयोजन स्थल को सजाया गया है। भाजपा नेताओं के अनुसार, यह आयोजन उन आलोचकों को जवाब है जो भाजपा को बंगाल की संस्कृति से अलग बताते थे। शपथ ग्रहण में आने वाले हजारों समर्थकों के लिए 'बंगाल के स्वाद' का खास इंतजाम किया गया है। मैदान में दर्जनों फूड स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जहां आने वाले मेहमानों को झालमुड़ी, रसोगुल्ला और संदेश जैसे पारंपरिक बंगाली व्यंजनों का लुत्फ उठाने को मिलेगा। भाजपा इसे केवल राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि बंगाली संस्कृति के उत्सव के रूप में पेश कर रही है। कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने खुद सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमान संभाल रखी है। 50 हजार से अधिक लोगों की भीड़ जुटने की उम्मीद है, जिसके लिए मैदान में 30 हजार कुर्सियां और तीन विशाल वाटरप्रूफ हैंगर लगाए जा रहे हैं। विशेष बात यह है कि शपथ ग्रहण के बाद नए मुख्यमंत्री का 'राइटर्स बिल्डिंग' जाने का कार्यक्रम है। साल 2013 के बाद से सत्ता का केंद्र 'नवान्न' (हावड़ा) स्थानांतरित हो गया था। ऐसे में नए मुख्यमंत्री का ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग जाना एक बड़े प्रतीकात्मक राजनीतिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है। तैयारियों के बीच सबसे बड़ी बाधा मौसम बना हुआ है। गुरुवार को हुई भारी बारिश के कारण मैदान में कीचड़ और पानी भर गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को भी बिजली कड़कने और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हालांकि, भाजपा के हौसले बुलंद हैं। एक वरिष्ठ नेता ने चुटकी लेते हुए कहा, "चिंता की बात नहीं है, हम वरुण देवता से भी समझौता कर लेंगे।" एहतियात के तौर पर 'नेताजी इंडोर स्टेडियम' को वैकल्पिक स्थल के रूप में तैयार रखा गया है, जिस पर अंतिम फैसला शुक्रवार दोपहर तक होगा। उल्लेखनीय है कि हालिया विधानसभा चुनावों में भाजपा ने 294 सीटों में से 207 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल कर ममता बनर्जी के 15 साल के शासन को उखाड़ फेंका है। इस ऐतिहासिक जनादेश को उत्सव में बदलने के लिए पूरी कोलकाता नगरी को भगवा रंग और बंगाली प्रतीकों से पाट दिया गया है। शनिवार का सूरज बंगाल के लिए सिर्फ एक नई सरकार नहीं, बल्कि एक नई राजनीतिक दिशा लेकर आने वाला है।