Sep 02, 2026 Login

ब्रेकिंग: पत्रकारिता की नैतिकता पर लगा दाग! 65 करोड़ की ब्लैकमेलिंग और रंगदारी के आरोप महिला न्यूज एंकर और पत्रकार हुए गिरफ्तार!

Breaking: Journalistic ethics tarnished! Female news anchor and journalist arrested on charges of blackmailing and extortion of Rs. 65 crores!

 दिल्ली से सटे नोएडा में सेक्टर 58 से दो पत्रकारों द्वारा ब्लैकमेलिंग और रंगदारी मांगने के गंभीर मामले में गिरफ्तार किया गया है। ये दो पत्रकार देश के जाने माने मीडिया संस्थानों में कार्यरत थे। 

मिली जानकारी के मुताबिक भारत 24 न्यूज चैनल की महिला न्यूज एंकर शाजिया निसार और  डिजिटल पत्रकार आदर्श झा पर चैनल के मालिक ने ब्लैकमेलिंग और रंगदारी के गंभीर आरोप लगाए हैं। नोएडा पुलिस ने 65 करोड़ रुपए की ब्लैकमेलिंग के आरोप में इन दोनों पत्रकारों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि इन दोनों पत्रकारों के द्वारा यौन उत्पीड़न से संबंधित एक झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पहले पांच करोड़ की मांग की गई थी,बाद में ये मांग बढ़ते बढ़ते 65 करोड़ तक जा पहुंची।इस मामले में पुलिस को ऑडियो वीडियो भी मिले है।

 

नोएडा पुलिस के अनुसार भारत 24 के मुख्य संपादक और सी.ई.ओ जगदीश चंद्रा ने इन दोनों पत्रकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में  जगदीश चंद्रा ने कहा कि शाजिया निसार 2022 से चैनल के साथ काम कर रही थीं। शाजिया ने उन्हें बलात्कार के झूठे मामले में फँसाने और ₹65 करोड़ न देने पर आत्महत्या करने की धमकी दी थी।उन्होंने ये आरोप लगाया कि पिछले एक साल में उन्हें चेक के जरिए ₹2.26 करोड़ दिए गए और उनके पास इस बात के समर्थन में रिकॉर्डिंग और सबूत भी हैं चंद्रा की एफआईआर में लिखा है, “30 वर्षीय शाजिया निसार 2022 से मेरे चैनल में बतौर एंकर काम कर रही है। वह मुझे झूठे बलात्कार के मामले में फँसाने और आत्महत्या करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रही है। वह मुझसे अवैध रूप से ₹60 करोड़ की माँग कर रही है। पिछले एक साल में उसने कई बार चेक के जरिए ₹2 करोड़ 26 लाख लिए हैं। मेरे पास इसके (लेनदेन के) सबूत हैं। आदर्श झा ब्लैकमेल करने में उसकी मदद कर रहा है।”

पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जब तलाशी की तो शाजिया के घर से तकरीबन 34 लाख 50 हजार रुपए कैश बरामद हुए हैं।पुलिस ने इन दोनों आरोपितों को नोएडा की गौतम बुद्ध नगर अदालत में पेश किया जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में शिकायतकर्ता चंद्रा का पक्ष रखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक चौहान के मुताबिक दोनों आरोपितों के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हुए हैं। वही पुलिस के मुताबिक मामले में और लोगों के भी शामिल होने की आशंका है इसके लिए जांच की जा रही है, कि इस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में और कौन कौन लोग लिप्त है। 

इस मामले के उजागर होते ही देशभर में मीडिया की नैतिकता और जवाबदेही पर कई सवाल खड़े हो गए है। जो मीडिया निष्पक्ष और ईमानदार होनी चाहिए वो आज कटघरे में खड़ी नजर आ रही हैं