बड़ी खबरः सुप्रीम कोर्ट पहुंचा एपस्टीन फाइल्स केस! दायर पत्र-याचिका में भारतीय हस्तियों के नामों के दावों की न्यायिक निगरानी में जांच की मांग

Big news: Epstein Files case reaches Supreme Court! Letter-petition seeks judicially monitored investigation into claims involving Indian celebrities

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित एपस्टीन फाइल्स केस अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। एक पत्र-याचिका के माध्यम से शीर्ष अदालत से इस पूरे प्रकरण की न्यायिक निगरानी में जांच कराने का अनुरोध किया गया है। याचिका में दावा किया गया है कि दिवंगत कारोबारी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में कुछ भारतीय सार्वजनिक हस्तियों के नाम कथित रूप से सामने आए हैं। याचिका के अनुसार जिन दस्तावेजों का हवाला दिया जा रहा है, उनमें ईमेल संवाद, संपर्क सूचियां, उड़ान लॉग और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड शामिल बताए गए हैं। इन रिकॉर्ड्स में कुछ भारतीय नामों के उल्लेख का दावा किया गया है। हालांकि याचिका में स्पष्ट किया गया है कि ये बातें फिलहाल आरोपों और दावों के रूप में हैं और इनकी स्वतंत्र जांच आवश्यक है। याचिकाकर्ता ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32, 129 और 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की मांग की है। साथ ही अनुरोध किया गया है कि अदालत की निगरानी में एक उच्चस्तरीय या विशेष जांच समिति गठित की जाए। सुझाव दिया गया है कि इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाए, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सके। याचिका में यह भी मांग की गई है कि कथित बैठकों, संपर्कों और अन्य आधिकारिक संवादों से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं, ताकि सच्चाई सामने आ सके। विशेष रूप से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के संदर्भ में प्रशासनिक कार्रवाई पर भी अदालत से निर्देश देने की अपील की गई है। हालांकि यह भी दोहराया गया है कि किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले तथ्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक नैतिकता, संस्थागत पारदर्शिता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न भी है। इसलिए एक स्वतंत्र जांच लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। अब यह देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस पत्र.याचिका पर क्या रुख अपनाता है और आगे किस तरह की कार्रवाई होती है।