बड़ी खबरः गाजीपुर बॉर्डर पर गहमा-गहमी! पुलिस से भिड़े सांसद चंद्रशेखर आजाद, धक्का-मुक्की तक पहुंची बात
नई दिल्ली। यूपी के गाजियाबाद में गाजीपुर बॉर्डर पर आज उस समय गहमा-गहमी का माहौल बन गया, जब आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद को उत्तर प्रदेश में प्रवेश से पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद चंद्रशेखर आज़ाद ने पुलिस बैरिकेडिंग के बीच से भीड़ को चीरते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की और यूपी में प्रवेश का प्रयास किया। खबरों के मुताबिक चंद्रशेखर आज़ाद मेरठ जा रहे थे, जहां वह उस दलित परिवार से मुलाकात करने वाले हैं, जिसकी महिला की हाल ही में हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि महिला ने अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की थी, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी गई। जबकि बेटी के अपहरण की भी सूचना सामने आई है। यह मामला सामने आने के बाद से ही विपक्षी दल सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जैसे ही चंद्रशेखर आज़ाद का काफिला गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचा, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस का कहना था कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए फिलहाल उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती, लेकिन समर्थकों की भीड़ जुटने के बाद माहौल गरमा गया और चंद्रशेखर आज़ाद खुद आगे बढ़ते हुए बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास करने लगे। इस दौरान पुलिस अधिकारियों से उनकी तीखी बहस भी हो गई।
मेरठ में क्या हुआ था?
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड गांव में गुरुवार सुबह करीब आठ बजे एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी। एक महिला अपनी बेटी के साथ खेत की ओर जा रही थी, तभी आरोप है कि गांव के ही रहने वाले पारस ने अपने साथियों के साथ मिलकर हथियार के बल पर युवती का अपहरण कर लिया। जब मां ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। बाद में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई, जबकि आरोपी युवती को लेकर मौके से फरार हो गए। घटना की खबर फैलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों में भारी गुस्सा देखा गया। चंद्रशेखर इसी पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे।