बड़ा फैसलाः उत्तराखंड में लागू हुआ नकलरोधी कानून! सीएम धामी के अनुमोदन पर राज्यपाल ने 24 घंटे के भीतर अध्यादेश पर लगाई मुहर
देहरादून। उत्तराखण्ड में पेपर लीक प्रकरण को लेकर राजभवन ने नकलरोधी कानून के अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने विगत दिवस शुक्रवार को अध्यादेश पर मुहर लगा दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन पर राज्यपाल ने 24 घंटे के भीतर यह कदम उठाया है। इस कानून के तहत अगर कोई प्रिटिंग प्रेस, कोचिंग इंस्टीट्यूट या मैनेजमेंट सिस्टम नकल कराने पर दोषी पाया जाता है, तो उसे उम्र कैद और 10 करोड़ रुपए जुर्माना भरना पड़ेगा।
12 फरवरी को होने जा रही पटवारी-लेखपाल परीक्षा व अन्य सभी भर्ती परीक्षाएं नए कानून के तहत ही आयोजित होंगी। देर शाम सरकार ने जारी बयान में कहा कि बेरोजगार संघ की मांगों पर सहमति बन गई है। सरकार ने कहा सीबीआई जांच की मांग को उत्तराखंड हाईकोर्ट अस्वीकार कर चुका है।
हाईकोर्ट कह चुका है कि जांच सही दिशा में चल रही है, इसलिए इस प्रकरण की सीबीआई जांच नहीं कराई जा सकती। कहा गया कि आंदोलनकारी युवाओं की मांग थी कि पटवारी भर्ती का प्रश्नपत्र बदला जाए। आयोग पहले ही पुराने प्रश्नपत्र रद्द कर नए प्रश्नपत्र तैयार कर चुका है। नकलरोधी कानून भी लागू हो गया है और परीक्षा नियंत्रक को भी हटाया जा चुका है। इसलिए अब आंदोलन का कोई औचित्य नहीं।