फैक्ट चेक:झूठी और भ्रामक खबरों के स्वयंभू पत्रकार मुकदमा दर्ज होने पर भी नही सुधरे टाइगर अटैक की फर्जी वीडियो की वायरल
बीते कुछ दिनो से सोशल मीडिया में एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिस पर कहा जा रहा है कि यह वीडियो हल्द्वानी रुद्रपुर टांडा रेंज का है जहां टाइगर के हमले में दो लोग घायल हो गए है घायलों के वीडियो के साथ टाइगर का वीडियो एडिट करके पब्लिक में साझा किया जा रहा है ।

और इस एडिट वीडियो की बिना तफ्तीश किये कई तथाकथित यू ट्यूबर और पत्रकार भी इसमें मिर्च मसाला लगाकर कर आम लोगों के बीच शेयर कर सनसनी पैदा कर रहे है जिससे आम लोगों के बीच टाइगर का भय व्याप्त हो गया है इस वीडियो के साझा होने के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है हल्द्वानी वन प्रभाग के अनुसार ऐसा कोई भी हमला टांडा रेंज में हुआ ही नही है और स्वास्थ्य विभाग ने भी इस तरह के किसी भी हमले में घायल हुए युवकों की पुष्टि नही की है अब वन विभाग फर्जी न्यूज़ चलाने और लोगों को भयभीत करने के लिए ऐसे समस्त यू ट्यूबर और न्यूज़ पोर्टल के खिलाफ कार्यवाही करने की बात कह रहा है ।

दरअसल यह वीडियो कहा का है अभी तक इसकी पुष्टि नही हो सकी है लेकिन 25 जुलाई को एक निजी पोर्टल ने नागपुर रोड का बता कर इसे वायरल किया था हमारे सूत्रों के अनुसार यह वीडियो नागपुर का भी नही है । वीडियो में हो रहे संवाद में साफ जाहिर हो रहा है कि यह दुर्घटना से प्रेरित है , और ऐसा वीडियो जिसमें दो युवक दुर्घटना के कारण घायल हुए हो उनके वीडियो के साथ टाइगर का वीडियो जोड़कर वायरल कर दिया गया । और ऐसा वीडियो जो दो अलग अलग मामले है उसे तथाकथित पत्रकार बिना पुष्टि के शेयर किए ही जा रहे है । दरअसल मीडिया मैं कुछ ऐसे असामाजिक तत्व घुस आए है जिन्हें न तो पत्रकारिता की समझ है और न ही नियम कानूनों की इसलिए जो मन में आया वो प्रकाशित करने लगते है और स्वयंभू पत्रकार बन जाते है ।
जिस यू ट्यूबर ने यह वीडियो टांडा रेंज का बताया है उसके ऊपर कुछ दिनों पहले अल्मोड़ा में भुवन जोशी हत्याकांड मामले में नाबालिग की पहचान उजागर करने के लिए पोक्सो एक्ट और जेजे एक्ट में मुकदमा पंजीकृत हुआ था इसी के साथ एक और न्यूज़ पोर्टल जो आप पार्टी के उत्तराखंड उपाध्यक्ष से संबंधित है उस पर भी कार्यवाही की गई थी ।