बिग ब्रेकिंग:बनभूलपुरा दंगा केस में बड़ा मोड़! सरकार-आरोपी की दलीलों के बीच कोर्ट का आदेश,मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक को मिली जमानत

Big Breaking: Major Twist in the Banbhulpura Riots Case! Court Issues Order Amidst Arguments from the Government and the Accused; Key Accused Abdul Malik Granted Bail.

नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी के चर्चित बनभूलपुरा दंगा मामले में मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक को बड़ी राहत देते हुए जमानत दे दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज संबंधित मामलों में सुनवाई के बाद उन्हें जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए।
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और आरोपी पक्ष से यह स्पष्ट करने को कहा था कि अब्दुल मलिक के खिलाफ दर्ज अन्य मामलों की वर्तमान स्थिति क्या है। कोर्ट ने यह भी पूछा था कि किन मामलों में वह बरी हो चुके हैं और कितने मामले अभी विचाराधीन हैं।
गुरुवार को हुई सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जांच के दौरान अब्दुल मलिक के खिलाफ सात अन्य मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें से कुछ मामलों में वह बरी हो चुके हैं, जबकि कुछ मामलों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। मुकदमों की पूरी पुष्टि न हो पाने के कारण कोर्ट ने दंगा मामले में उन्हें जमानत देने का निर्णय लिया।
जानकारी के अनुसार, बनभूलपुरा दंगे से जुड़े अब्दुल मलिक के खिलाफ कुल चार मुकदमे दर्ज थे। इनमें से एक मामले में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी थी, जबकि शेष तीन मामलों में भी अब हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है।
मामले में अब्दुल मलिक पर राजकीय भूमि को अवैध तरीके से कब्जाने, कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर भूमि हड़पने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि उन्होंने नजूल भूमि पर कब्जा कर अवैध प्लॉटिंग और निर्माण कर उसे बेचा।
राज्य सरकार ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कोर्ट में दलील दी थी कि बनभूलपुरा कांड की शुरुआत अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुई थी। प्रशासन की टीम पर पथराव किया गया, जिसके बाद हालात बिगड़कर हिंसा में बदल गए। इस दौरान पुलिसकर्मी और आम लोग घायल हुए, जबकि कुछ लोगों की जान भी चली गई।
वहीं, आरोपी पक्ष का कहना है कि अब्दुल मलिक को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उनका दावा है कि एफआईआर में उनका नाम प्रारंभ में शामिल नहीं था और बाद में पुलिस ने उन्हें जबरन आरोपी बनाया।
गौरतलब है कि बनभूलपुरा दंगे से जुड़े मामलों में 100 से अधिक आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।