बिग ब्रेकिंग:मल्लिकार्जुन खड़गे बने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष!उत्तराखंड के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने दी शुभकामनाएं,लिंक में पढ़िए मल्लिकार्जुन खड़गे का राजनीतिक करियर
भारत:19/10/2022
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुने जाने पर मल्लिकार्जुन खड़गे को उत्तराखंड के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस डेलीगेट्स ने मिलकर कांग्रेस के आंतरिक लोकतंत्र को जिंदा रखते हुए अध्यक्ष का चुनाव किया है।इनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी नए आयामो को प्राप्त करेगी ऐसा विश्वास है।
आपको बता दें कि कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए मुख्य मुकाबला पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर बीच में ही रहा।मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्तावकों में अशोक गहलोत, दिग्विजय सिंह, ए के एंटनी, अंबिका सोनी, मुकुल वासनिक शामिल रहे। इसके अलावा उनके प्रस्तावकों में आनंद शर्मा, पृथ्वीराज चव्हाण, मनीष तिवारी और भूपेंद्र हुड्डा जैसे नेता भी हैं जो पार्टी में बदलाव की मांग उठाने वाले नेताओं के समूह जी-23 में शामिल थे। वहीं थरूर के समर्थकों में कार्ति चिदंबरम, मोहम्मद जावेद और प्रद्युत बोरदोलोई आदि कुछ नेता थे।
खड़गे 50 साल से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय हैं। उन्होंने अपना सियासी सफर गृह जिले गुलबर्ग (कलबुर्गी) में एक यूनियन नेता के रूप में किया। वर्ष 1969 में वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए और गुलबर्ग शहरी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने। चुनावी मैदान में खड़गे अजेय रहे और वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कर्नाटक (खासकर हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र)को अपने चपेट में लेने वाली नरेंद्र मोदी लहर के बावजूद गुलबर्ग से 74 हजार मतों के अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव के मैदान में कूदने से पहले गुरुमितकल विधानसभा चुनाव से नौ बार जीत दर्ज की। खड़गे ने कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने के अलावा वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में केपीसीसी प्रमुख के रूप में काम किया। लोकसभा में वर्ष 2014 से 2019 तक खड़गे कांग्रेस पार्टी के नेता रहे, हालांकि वह लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता नहीं बन सके क्योंकि कांग्रेस सांसदों की संख्या सदन की कुल संख्या की 10 प्रतिशत से कम थी। मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में खड़गे ने केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के रूप में श्रम एवं रोजगार, रेलवे और सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग संभाला। जून, 2020 में उन्हें कर्नाटक से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित किया गया और वह फिलहाल उच्च सदन में विपक्ष के 17वें नेता हैं,