Big Breaking: उत्तराखंड में आसमान से बरसी आफ़त! बादल फटने से मचा हाहाकार, तहस-नहस हुआ हाईवे
उत्तराखण्ड में मौसम के तल्ख अभी से डराने लगे हैं। मैदान में जहां आसमान से बरसती आग झुलसा रही है, वहीं पहाड़ों में बारिश आफ़त बनकर बरस रही है। आज बुधवार को पहाड़ों में कई जगहों पर बारिश का तांडव देखने को मिला। इस दौरान पौड़ी और उत्तरकाशी में मूसलधार वर्षा से बुधवार शाम आफत आ गई। दोनों जिलों में बादल फटने से कई एकड़ कृषि भूमि बह गई। पानी और मलबे की चपेट में आने से करीब दो दर्जन भवन व गोशाला क्षतिग्रस्त हो गए। इससे दो मवेशियों की मौत हो गई। इस दौरान सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, इसमें एक वीडियो क्वारब का बताया जा रहा है जिसमें पहाड़ से गिरता झरना सड़क को चीरता हुआ अंदर से निकल रहा है। खबरों के मुताबिक पौड़ी में कोटद्वार-बैजरो मोटर मार्ग का करीब 30 मीटर हिस्सा बह गया और वाहन मलबे में दब गए। इस दौरान ग्रामीणों ने सुरक्षित स्थानों पर जाकर जान बचाई। प्रशासन ने राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया है। शाम करीब पांच बजे पौड़ी के बीरोंखाल प्रखंड स्थित बैजरो और आसपास क्षेत्र में मूसलधार वर्षा हो रही थी। इसी दौरान कुणजोली गांव के पास बादल फट गया। इससे बरसाती गदेरे उफान पर आ गए। यह देखकर ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। पानी के साथ बहकर आए मलबे की चपेट में आने से कुणजोली गांव में भगत सिंह का मकान क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ दुकानों को भी नुकसान पहुंचा। सुकई गांव में 20 घरों में पानी घुस गया।
कुणजोली के समीप ही कोटद्वार-बैजरो मार्ग का करीब 30 मीटर हिस्सा बह गया और कई जगह मलबा आने से सड़क बंद हो गई। राइंका फरसाड़ी के खेल मैदान में भी मलबा भर गया। कुणजोली, फरसाड़ी, सुकई, जिवई, गुडियालखेत, सतघरिया आदि गांवों में कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचा है।
उधर, उत्तरकाशी में चिन्यालीसौड़ तहसील के सुदूरवर्ती गढ़वालगाड गांव में शाम साढ़े पांच बजे भारी वर्षा हुई। इस दौरान गांव के बौणी नामे तोक में बादल फटने से पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गांव के मध्य पहुंच गए। इससे गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर भागे।