बद्रीनाथ चढ़ावा विवाद:बहस की चुनौती देकर खुद नहीं पहुंचे बीकेटीसी अध्यक्ष द्विवेदी,गोदियाल का तीखा पलटवार

Badrinath offering dispute: BKTC Chairman Dwivedi fails to show up after challenging a debate; Godiyal hits back sharply.

बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे से जुड़े विवाद ने अब उत्तराखंड की सियासत में एक नया उबाल ला दिया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गणेश गोदियाल ने उन्हें खुली चुनौती दी थी। इस चुनौती के तहत गोदियाल बुधवार को दोपहर ठीक 12:30 बजे देहरादून प्रेस क्लब पहुंच गए, लेकिन आरोपों की झड़ी लगाने वाले बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी वहां नहीं पहुंचे। विरोधी की खाली कुर्सी को देखकर गोदियाल ने भाजपा सरकार और मंदिर समिति के प्रबंधन पर जमकर निशाना साधा।

प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गणेश गोदियाल ने हेमंत द्विवेदी पर गंभीर सवाल दागे। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम के चढ़ावे की चोरी में मुख्य आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को पूर्व में देहरादून कार्यालय में केवल वैयक्तिक सहायक के पद पर तैनात किया गया था। लेकिन बीकेटीसी अध्यक्ष द्विवेदी ने नियमों को ताक पर रखकर उसे निजी सचिव के रूप में सीधे बद्रीनाथ मंदिर में तैनात कर दिया। इतना ही नहीं, उसे मंदिर के चढ़ावे की गणना (गिनती) के अति संवेदनशील काम में भी लगा दिया गया। गोदियाल ने तीखे लहजे में कहा, "आरोपी को मंदिर के खजाने के पास बैठाने वाले अध्यक्ष अब केवल बेबुनियाद आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। बीकेटीसी अध्यक्ष के इस आरोप पर कि 'दागी कर्मचारी की नियुक्ति गोदियाल के कार्यकाल में हुई थी', पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने करारा जवाब दिया। गोदियाल ने कहा अगर कोई कर्मचारी अपने सेवाकाल के दौरान बाद में कोई अनियमितता या चोरी करता है, तो उसके लिए दशकों पहले उसकी नियुक्ति करने वाला व्यक्ति जिम्मेदार नहीं हो सकता। उन्होंने इस पर वर्तमान व्यवस्था को घेरते हुए सवाल किया, "आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी युवाओं को नियुक्ति पत्र बांट रहे हैं। भगवान न करे कि भविष्य में उनमें से कोई कर्मचारी भ्रष्टाचार या किसी गड़बड़ी में संलिप्त पाया जाए, तो क्या उसके लिए मुख्यमंत्री धामी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा? प्रेस क्लब में हेमंत द्विवेदी के न पहुंचने को कांग्रेस ने नैतिक हार बताया है। गोदियाल ने साफ किया कि बद्रीनाथ धाम की मर्यादा और श्रद्धालुओं के चढ़ावे की सुरक्षा से जुड़ा यह बेहद गंभीर मामला है। इस मामले में पर्दा डालने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वह जनता की अदालत में इस सच्चाई को लेकर जाते रहेंगे। अब देखना यह है कि कांग्रेस के इस तीखे प्रहार पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और सत्ता पक्ष की ओर से क्या सफाई आती है।