एशियन गेम्स 2026: दिल थाम देने वाले सेमीफाइनल में भारत की 'रॉयल' जीत; पाकिस्तान को 4-3 से रौंदकर फाइनल में जमाया कब्जा
नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 के मेंस हॉकी सेमीफाइनल में चिरप्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान के बीच मैदान पर वह सब कुछ देखने को मिला, जिसकी उम्मीद दोनों देशों के प्रशंसक करते हैं आक्रामकता,उच्च स्तर का रोमांच, अंतिम क्षणों की अनिश्चितता और दिल की धड़कनें रोक देने वाला ड्रामा! दबाव और कड़े संघर्ष से भरे इस महामुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने अदम्य साहस और जुझारूपन का परिचय देते हुए पाकिस्तान को 4-3 के करीबी अंतर से शिकस्त दी और फाइनल का टिकट पक्का कर लिया।
एशियन गेम्स 2026 के सबसे हाई-वोल्टेज मुकाबलों में से एक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने आखिरी क्षणों में बाजी पलटते हुए पाकिस्तान को 4-3 से हरा दिया। गुरुवार को खेले गए सेमीफाइनल में भारत ने एक समय 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली थी, लेकिन पाकिस्तान ने जबरदस्त वापसी करते हुए स्कोर 3-3 कर दिया। मुकाबला निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका था, तभी खेल समाप्त होने से महज 49.2 सेकंड पहले अभिषेक ने गोल दागकर भारत को जीत और गोल्ड मेडल मुकाबले का टिकट दिला दिया। भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। लगातार पेनल्टी कॉर्नर हासिल करते हुए भारतीय टीम ने पाकिस्तान के डिफेंस पर दबाव बनाया। पांचवें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद 13वें मिनट में हरमनप्रीत ने एक और शानदार पेनल्टी कॉर्नर गोल करते हुए स्कोर 2-0 कर दिया। पहले क्वार्टर के अंत तक भारत ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय आक्रमण जारी रहा। 23वें मिनट में सुखजीत सिंह ने फील्ड गोल कर भारत की बढ़त 3-0 कर दी। तीन गोल की बढ़त के बाद भारतीय टीम मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण में दिखाई दे रही थी। लेकिन पाकिस्तान ने हार मानने के बजाय वापसी की कोशिश तेज कर दी। 30वें मिनट में अबु महमूद ने पाकिस्तान के लिए पहला गोल कर अंतर 3-1 कर दिया। हाफ टाइम तक भारत दो गोल की बढ़त के साथ आगे था। दूसरे हाफ में मुकाबले का रुख तेजी से बदला। पाकिस्तान ने भारतीय डिफेंस पर दबाव बढ़ाया और 45वें मिनट में हन्नान शाहिद ने गोल कर स्कोर 3-2 कर दिया। इसके बाद चौथे क्वार्टर में पाकिस्तान ने बराबरी का गोल कर भारतीय खेमे में दबाव बढ़ा दिया। 49वें मिनट में वहीद अशरफ राणा के गोल से स्कोर 3-3 हो गया। तीन गोल की बढ़त गंवाने के बाद भारतीय टीम के सामने अब केवल कुछ मिनटों में मुकाबला बचाने की चुनौती थी। इसके बाद दोनों टीमों के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। पाकिस्तान ने निर्णायक गोल के लिए दबाव बनाया, लेकिन भारतीय डिफेंस ने महत्वपूर्ण मौकों पर संयम बनाए रखा। मैच समाप्त होने में एक मिनट से भी कम समय बचा था और ऐसा लग रहा था कि मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ सकता है। तभी अभिषेक ने भारतीय उम्मीदों को जीत में बदल दिया। 49.2 सेकंड शेष रहते अभिषेक ने सर्किल के किनारे से गेंद को गोल की ओर भेजा। गेंद पाकिस्तान के खिलाड़ी की स्टिक से डिफ्लेक्ट होकर गोल में चली गई। इस गोल के साथ भारत 4-3 से आगे हो गया और अंतिम सीटी तक बढ़त कायम रखते हुए फाइनल में पहुंच गया। इस जीत ने भारत की गोल्ड मेडल की उम्मीदों को भी कायम रखा है। भारतीय पुरुष टीम अब 3 अक्टूबर को होने वाले स्वर्ण पदक मुकाबले में मलेशिया का सामना करेगी। मलेशिया ने दूसरे सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। भारत के लिए यह जीत इसलिए भी अहम रही क्योंकि टीम ने तीन गोल की बढ़त गंवाने के बाद अंतिम क्षणों में दबाव को झेलते हुए निर्णायक गोल किया। हरमनप्रीत सिंह के दो पेनल्टी कॉर्नर, सुखजीत सिंह का फील्ड गोल और अभिषेक का आखिरी मिनट का विजयी प्रयास भारत की जीत के प्रमुख क्षण रहे। हालांकि, 3-0 की बढ़त के बाद पाकिस्तान को 3-3 तक आने देना भारतीय टीम के लिए फाइनल से पहले आत्ममंथन का विषय भी रहेगा। अब भारतीय टीम के सामने खिताब बचाने की चुनौती है। पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक जीत ने फाइनल का रास्ता खोल दिया है, लेकिन गोल्ड मेडल के लिए 3 अक्टूबर को मलेशिया के खिलाफ एक और कड़ा मुकाबला इंतजार कर रहा है। एशियन गेम्स के इस मुकाबले ने एक बार फिर दिखाया कि हॉकी में आखिरी सीटी तक मुकाबला खत्म नहीं होता और भारत ने इस बार आखिरी 49 सेकंड में जीत अपने नाम लिख दी।