Oct 23, 2026 Login
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बड़ी खबरः फ्रांस हिंसा पर विदेशी नेताओं के बयानों पर भड़के राष्ट्रपति मैक्रों! बोले- राजनीतिक लाभ के लिए फैलाया जा रहा झूठ, AI तस्वीरों से रची जा रही फर्जी कहानी

Big News: President Macron lashes out at foreign leaders over their statements regarding the violence in France! He says lies are being spread for political gain, and a false narrative is being conco

नई दिल्ली। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश में हाल ही में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों को लेकर विदेशी नेताओं द्वारा की जा रही बयानबाजी पर कड़ा ऐतराज जताया है। कतर की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए मैक्रों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुछ विदेशी राजनेता फ्रांस के आंतरिक हालातों का इस्तेमाल अपने निजी राजनीतिक एजेंडे और चुनावी अभियानों को साधने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने इन टिप्पणियों को "अस्वीकार्य और मूर्खतापूर्ण" करार दिया। मैक्रों ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान गलत सूचनाओं (फेक न्यूज) और दुष्प्रचार के बढ़ते प्रसार पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार ऐसी फर्जी तस्वीरें और वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं, जो वास्तव में कभी घटी ही नहीं थीं। उन्होंने कहा, कुछ लोगों ने यह मनगढ़ंत दावा किया कि प्रवासियों और इस्लामवादियों की भारी भीड़ ने फ्रांस पर हमला कर दिया है, जबकि जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है और यह सरासर झूठ है।" हालांकि उन्होंने किसी बाहरी देश के सीधे हस्तक्षेप के दावों को खारिज किया, लेकिन तकनीकी माध्यमों से फैलाई जा रही अफवाहों को खतरनाक बताया। बता दें कि अभी हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कुछ अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने फ्रांस में हुई हिंसा के लिए प्रवासियों को जिम्मेदार ठहराया था। मैक्रों ने बिना किसी का सीधा नाम लिए इस तरह के आकलनों को खारिज करते हुए कहा कि विदेशी नेताओं को अन्य देशों के आंतरिक मामलों में बिना तथ्यों के बयानबाजी करने से बचना चाहिए। गौरतलब है कि फ्रांस में 17 अक्टूबर को बढ़ती महंगाई, जीवनयापन की अत्यधिक लागत और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन शुरू हुए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान कई बड़े शहरों में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई थीं। मैक्रों ने साफ किया कि सरकार इन समस्याओं से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इस सामाजिक मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर तोड़-मरोड़ कर पेश करना पूरी तरह अनुचित है।