Sep 28, 2026 Login

एशियन गेम्स 2026: 8वें दिन भारतीय एथलीटों ने मचाया गदर, एथलेटिक्स और स्क्वैश के दम पर झोली में आए 7 मेडल

Asian Games 2026: Indian athletes shine on Day 8,7 medals bagged thanks to athletics and squash.

जापान। आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 के आठवें दिन भारतीय एथलीटों ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए देश का मान बढ़ाया। रविवार को भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी छाप छोड़ते हुए कुल 7 पदक अपने नाम किए। मुख्य रूप से एथलेटिक्स, स्क्वैश और ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में भारतीय जांबाजों का दबदबा देखने को मिला। इसके साथ ही मुक्केबाजी, तीरंदाजी और वॉलीबॉल में भी भारत के लिए कई सकारात्मक खबरें आईं।

आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। रविवार, 27 सितंबर को प्रतियोगिता के आठवें दिन भारत ने सात पदक अपने नाम किए। स्क्वैश और एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों ने खास छाप छोड़ी, जबकि बॉक्सिंग में भी भारत के लिए पदक पक्के हुए। दिन का सबसे खास आकर्षण स्क्वैश में अभय सिंह और अनाहत सिंह के रजत पदक तथा एथलेटिक्स में हरिता भद्र, एन्सी सोजन, तेजस्विन शंकर, पारुल चौधरी और सर्वेश कुशारे के पदक रहे। स्क्वैश में भारत के लिए दिन की शुरुआत पदकों के साथ हुई। पुरुष एकल के फाइनल में अभय सिंह को मलेशिया के एनजी ईन यो ने 11-9, 11-5, 11-5 से हराया। अभय को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इसके बाद महिला एकल के फाइनल में 18 वर्षीय अनाहत सिंह का सामना मलेशिया की सुब्रमण्यम शिवसंगारी से हुआ। अनाहत ने मुकाबले में संघर्ष किया, लेकिन 11-4, 11-4, 11-7 से हारकर रजत पदक हासिल किया। इससे पहले जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार की मिश्रित डबल्स जोड़ी भी कांस्य पदक जीत चुकी है। इस तरह स्क्वैश में भारत की मौजूदगी पदक तालिका में मजबूती से दर्ज हुई। एथलेटिक्स भारतीय दल के लिए बेहद सफल रहा। हरिता भद्र ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में 23.20 सेकंड का समय निकालते हुए कांस्य पदक जीता। इसी स्पर्धा में भारत की उन्नति बोलैंड छठे स्थान पर रहीं। लॉन्ग जंप में एन्सी सोजन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। वहीं पुरुषों के डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर ने कांस्य पदक जीता। 1500 मीटर के अंतिम चरण में तेजस्विन ने शानदार प्रदर्शन किया और अपनी स्पर्धा में पहला स्थान हासिल किया, लेकिन ओवरऑल स्कोर के आधार पर उन्हें कांस्य से संतोष करना पड़ा। महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में पारुल चौधरी ने कांस्य पदक जीता। उन्होंने 9:08.67 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया। पुरुषों की हाई जंप में सर्वेश कुशारे ने भारत के लिए रजत पदक जीतकर एथलेटिक्स में एक और उपलब्धि जोड़ी। बॉक्सिंग रिंग से भी भारत के लिए अच्छी खबरें आईं। नरेंद्र बेरवाल ने पुरुषों के 90 किलोग्राम से अधिक वर्ग के क्वार्टर फाइनल में आरएससी के जरिए जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। उनके सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ भारत का एक और पदक सुनिश्चित हुआ। महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में परवीन हुड्डा ने नवबखोर खमीदोवा को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इससे भारत के लिए दूसरा पदक पक्का हुआ। वहीं अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के नेक्रूज सालिमोव को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इस जीत से अंकुश ने भी कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया। रिकर्व तीरंदाजी की पुरुष और महिला टीमों ने भी सेमीफाइनल में जगह बनाई। पुरुष टीम ने दूसरे दौर में चीन को 5-1 से हराया, जबकि महिला टीम ने चीनी ताइपे को 6-0 से शिकस्त देकर अगले दौर का टिकट हासिल किया। वहीं पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में अनिमेष कुजूर पांचवें स्थान पर रहे। उन्होंने 20.80 सेकंड का समय निकाला। पुरुषों की लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर और डेविड पट्टुराज ने फाइनल में प्रवेश किया। क्वालिफिकेशन में श्रीशंकर 7.84 मीटर की छलांग के साथ दूसरे और पट्टुराज 7.62 मीटर के साथ सातवें स्थान पर रहे। बैडमिंटन में भारत की चुनौती को झटका लगा। पीवी सिंधु को महिला एकल क्वार्टर फाइनल में चीन की चेन युफेई ने 21-11, 18-21, 10-21 से हराया। उन्नति हुड्डा भी जापान की अकाने यामागुची से 16-21, 21-14, 17-21 से हारकर बाहर हो गईं। घुड़सवारी में भी भारतीय चुनौती समाप्त हो गई। हालांकि वॉलीबॉल में भारतीय पुरुष टीम ने वियतनाम को सीधे सेटों में 25-23, 25-21, 25-20 से हराकर अभियान की सकारात्मक शुरुआत की। आठवें दिन के मुकाबलों के बाद भारत की पदक संख्या में लगातार इजाफा हुआ और एथलेटिक्स, स्क्वैश तथा बॉक्सिंग ने पदक तालिका को मजबूती दी।