महिला शिक्षा से जुड़ा अहम मामलाः उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सचिव उच्च शिक्षा को दिए निर्देश! भूमि छूट नीति पर आठ सप्ताह के भीतर लें निर्णय
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रदेश में महिलाओं के लिए खोले जाने वाले कालेजों को भूमि पर मिलने वाली 50 प्रतिशत छूट दिए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खण्डपीठ ने सचिव उच्च शिक्षा को निर्देश दिए हैं कि निदेशक उच्च शिक्षा ने इस सम्बंध जो पत्र पहले दिए थे उसपर आठ सप्ताह के भीतर निर्णय लें। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि पूर्व में निदेशक उच्च शिक्षा ने सचिव उच्च शिक्षा को दो बार पत्र भेजकर कहा था कि महिला कॉलेज खोलने के जो भूमि पर पचास प्रतिशत की छूट मिलती थी वह नही मिल रही है। जिसकी वजह से कालेज खोलने में दिक्कत आ रही है। जबकि ये नियमावली उत्तर प्रदेश सरकार से अधिकृत की गई थी। जिसमें कई संसोधन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक मिलने वाली छूट पर कोई विचार नही किया गया। उत्तर प्रदेश में यह नियम अभी भी लागू है। वहीं सरकार की तरफ से कहा गया कि यह यह मामला सरकार के पास विचाराधीन है। सरकार इस पर निर्णय ले रही है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए सचिव उच्च शिक्षा को निर्देश दिये हैं कि निदेशक उच्च शिक्षा के पत्र पर आठ सप्ताह के भीतर निर्णय लें। बता दें कि देहरादून निवासी शूरवीर सिंह ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि महिला कॉलेज खोलने के लिए कालेजों को भूमि पर मिलने वाली छूट नही मिल पा रही है। जबकि नियमावली उत्तर प्रदेश सरकार से अधिकृत की गई। नियमावली में कई बार संसोधन हो चुके हैं। लेकिन इस बिंदु पर कोई निर्णय नही लिया गया। जनहित याचिका में यह भी कहा गया कि यह छूट मिल रही है या नही इसे स्पष्ट किया जाय। क्योंकि कालेज खोलने में यह असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो रही है जिसकी वजह से कालेज नही खुल पा रहे हैं। इस सम्बंध में उनके द्वारा दिसम्बर 2025 को आरटीआई मांगी गई थी जो अभी तक उन्हें नही दी गयी है।