अमरावती काण्डः 350 वीडियो, 180 लड़कियां और सोशल मीडिया पर फैलाया गया कंटेंट! मुख्य आरोपी अयान अहमद के बाद दूसरी गिरफ्तारी, संगठित नेटवर्क की आशंका! जांच में हो रहे हैरान करने वाले खुलासे, जानें क्या है पूरा मामला?

Amravati scandal: 350 videos, 180 girls, and content spread on social media! Second arrest after main accused Ayan Ahmed, suspicion of an organized network! The investigation reveals shocking revelat

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा में सामने आया कथित वीडियो कांड अब एक गंभीर और बहुस्तरीय आपराधिक मामले का रूप ले चुका है। शुरुआत में इसे कुछ वायरल वीडियो क्लिप्स तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले की गहराई और व्यापकता सामने आती जा रही है। अब यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसके पीछे संभावित बड़े नेटवर्क की आशंका भी जताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए उजेर खान इकबाल खान को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि उजेर खान ने मुख्य आरोपी अयान अहमद के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक वीडियो डाउनलोड किए और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया। पुलिस के अनुसार आरोपी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है और उसे अदालत में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान यह स्पष्ट हो सकता है कि ये वीडियो कहां बनाए गए, किन-किन लोगों तक पहुंचाए गए और क्या इस पूरे मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।

मुख्य आरोपी पहले से हिरासत में
मुख्य आरोपी अयान अहमद को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने उसे 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं, जिनकी तकनीकी जांच जारी है। अब तक इस मामले में आठ पीड़िताओं की पहचान की जा चुकी है, जबकि अन्य की पहचान का कार्य जारी है। पुलिस इस पूरे मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए पीड़िताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रख रही है। महिला पुलिस अधिकारियों की टीम को इस कार्य में लगाया गया है ताकि पीड़िताएं बिना किसी दबाव के अपनी बात रख सकें।

डिलीट किए गए डेटा की रिकवरी में जुटी साइबर टीम
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ महत्वपूर्ण डिजिटल डेटा डिलीट किया गया था। पुलिस की साइबर टीम अब उस डेटा को रिकवर करने में जुटी है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से कई अहम सुराग मिल सकते हैं, जो पूरे मामले की सच्चाई उजागर करने में मदद करेंगे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि इस मामले से जुड़े किसी भी वीडियो या फोटो को सोशल मीडिया पर साझा न करें। ऐसा करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि इससे पीड़ितों को मानसिक और सामाजिक नुकसान भी हो सकता है।

स्थानीय आक्रोश और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कई स्थानों पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। कुछ संगठनों द्वारा बंद का आह्वान भी किया गया है, जिसके चलते प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

राजनीतिक रंग भी चढ़ा मामला
यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि पुलिस ने मामले के सामने आते ही तुरंत कार्रवाई की। इस बीच आरोपी के कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ नेताओं ने आरोप लगाया है कि आरोपी एक राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ था। हालांकि संबंधित दल के स्थानीय पदाधिकारियों ने इन आरोपों से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि आरोपी को संगठन से हटा दिया गया है।

उच्च स्तरीय जांच की मांग
अचलपुर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। कुछ नेताओं ने एसआईटी के गठन की भी बात कही है, ताकि निष्पक्ष और व्यापक जांच सुनिश्चित की जा सके। परतवाड़ा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी भी पीड़िता ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन उनसे संपर्क किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पीड़िताएं किसी भी थाने में ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज करा सकती हैं और उनकी पहचान पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी।

आगे की जांच पर टिकी नजरें
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस कस्टडी रिमांड को सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह भी स्पष्ट हो सकता है कि मामला व्यक्तिगत स्तर का था या इसके पीछे कोई संगठित तंत्र सक्रिय था।