बिग ब्रेकिंगः CJP का कल देशव्यापी प्रदर्शन, छात्रों से बड़ी संख्या में जुटने की अपील! बातचीत पर अड़ा संगठन, कहा- जंतर-मंतर आएं सरकार! हिंसा करने वालों पर पासपोर्ट रद्द करने की चेतावनी

Big Breaking: CJP to hold nationwide protest tomorrow; students urged to gather in large numbers! The organization remains firm on its stance, demanding that the government come to Jantar Mantar! War

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर पेपर लीक और छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 24 जुलाई को देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने छात्रों और युवाओं से बड़ी संख्या में शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। CJP की ओर से डिजिटल पंफलेट जारी कर देश के हर जिले में एक दिन के लिए प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया गया है। संगठन का कहना है कि यह प्रदर्शन पेपर लीक मामलों, छात्रों की मांगों और आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई का सामना करने वाले प्रदर्शनकारियों के समर्थन में किया जाएगा। CJP ने अपने अभियान के लिए ‘Every District. One Day. One Demand.’ का संदेश दिया है। संगठन ने छात्र संगठनों और सामाजिक संगठनों से स्थानीय स्तर पर आवश्यक अनुमति और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की अपील की है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों की मांगों को सार्वजनिक रूप से पढ़ने और आंदोलन से जुड़े लोगों के प्रति एकजुटता जताने का भी आह्वान किया गया है। संगठन के मुताबिक, प्रदर्शन से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP), प्रचार सामग्री और ज्ञापन का प्रारूप उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है।

इधर, CJP और केंद्र सरकार के बीच बातचीत को लेकर भी गतिरोध बना हुआ है। संगठन के नेता आशुतोष रांका ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के कार्यालय या आवास पर बैठक करने से इनकार करते हुए कहा है कि यदि सरकार बातचीत करना चाहती है तो बैठक जंतर-मंतर या किसी बीच की जगह पर होनी चाहिए। उनका कहना है कि बातचीत केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि छात्रों की मांगों पर ठोस चर्चा होनी चाहिए। संगठन ने सरकार से मांगों को स्वीकार करने या उन्हें पूरा करने की समयसीमा स्पष्ट करने की अपेक्षा जताई है।

दूसरी ओर, दिल्ली में जारी प्रदर्शन के बीच पुलिस ने भी सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हिंसा या दंगा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हिंसा में शामिल पाए जाने वाले लोगों के पासपोर्ट को रद्द कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। हालांकि, इस तरह की कार्रवाई संबंधित कानूनी प्रक्रिया और नियमों के तहत ही होगी।

यह सख्ती ऐसे समय में सामने आई है, जब 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई थी। इसके बाद भी जंतर-मंतर पर छात्रों का धरना जारी है। अब 24 जुलाई को प्रस्तावित देशव्यापी प्रदर्शन के ऐलान ने आंदोलन को और व्यापक रूप देने के संकेत दिए हैं। वहीं, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का रास्ता निकलता है या आंदोलन और तेज होता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।