Good Morning India: पीएम मोदी को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया फोन,अमेरिका में विदेशी कामगारों पर गहराया संकट,पाकिस्तान में लश्कर का एक और आका ढेर,हल्द्वानी की रेणु ने रचा इतिहास,8 फीट 10 इंच लंबे बालों के साथ बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड,लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें
नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एकबार फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।
होर्मुज में अमेरिका का सख्त रुख: 53 जहाजों के बदले मार्ग, तेल-गैस सप्लाई के लिए बनाया नया प्लान।
पाकिस्तान में लश्कर का एक और आका ढेर: इस्लामाबाद की मस्जिद में गिरा सीनियर कमांडर कारी सईद, आतंकियों में पसरा खौफ।
अमेरिका में विदेशी कामगारों पर गहराया संकट: नौकरी गई तो तुरंत छोड़ना होगा देश, 71% एच-1बी भारतीयों पर सीधा असर।
कनाडा में भारतीयों पर बड़ा एक्शन! 6 महीने में 3,323 नागरिक डिपोर्ट, क्या टूट रहा ‘विदेश जाने’ का सपना?
मानसून आज मचाएगा तबाही: 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, आईएमडी बोला- पहाड़ी शहरों में जाने से बचें।
महाराष्ट्र में नई सियासी हलचल! शरद पवार गुट के 8 सांसद पीएम मोदी से मांगेंगे वक्त, मुलाकात के मायने पर नजर।
पीएम मोदी को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया फोन: भारत-अमेरिका संबंधों पर हुई अहम चर्चा, दिए बधाई संदेश।
नेपाल में फिर तेज हुई हिंदू राष्ट्र की मांग: भारत सीमा से लगे 8 जिलों में आंदोलन, काठमांडो पर बढ़ा दबाव।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान मुक्ति की कारसेवा का शंखनाद आज, मथुरा में जुटा संतों का समागम,मथुरा पुलिस अलर्ट,भारी संख्या में लोगों के आने की भी संभावना।
साइबर ठगों का नया पैंतरा: पुलिस को चकमा देने के लिए अब मुख्य 'हैंडलर' खुद चला रहे म्यूल बैंक खाते।
हल्द्वानी की रेणु ने रचा इतिहास: 8 फीट 10 इंच लंबे बालों के साथ बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, 9 साल की मेहनत लाई रंग।
उत्तराखंड में आज से 3 दिन भारी बारिश का संकट: कई जिलों में ऑरेंज-येलो अलर्ट, प्रशासन पूरी तरह सतर्क।
हल्द्वानी में जनसभा के बाद रुद्रपुर में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की महाबैठक: 'मिशन 2027' का बना एक्शन प्लान, जेन जी के मुद्दों पर रहेगा जोर।
उत्तराखंड में ऋषभ पंत बने सबसे बड़े व्यक्तिगत इनकम टैक्सपेयर! जमा किए ₹23.84 करोड़, जमीन खरीद पर सीएम धामी का आया जवाब।
उत्तरखंड में 9 लाख से अधिक पेंशनभोगियों को बड़ी राहत: सीएम धामी ने जारी किए ₹146 करोड़, सीधे खातों में ट्रांसफर हुई राशि।
हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ-वॉशिंगटन। ईरान के खिलाफ अमेरिकी दबाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि 8 अगस्त तक अमेरिकी बलों ने 53 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदलवाया, जबकि दो जहाजों को निष्क्रिय किया गया और दो अन्य पर अमेरिकी बलों ने चढ़ाई की। हालांकि, मानवीय सहायता लेकर जा रहे 30 से अधिक जहाजों को नाकेबंदी से गुजरने की अनुमति दी गई है। सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि होर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक कार्रवाई लगातार जारी है। इससे पहले 2 अगस्त तक 35 वाणिज्यिक जहाजों के रूट बदले जाने की जानकारी दी गई थी। अमेरिकी नौसेना अपने विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात एफ/ए-18ई सुपर हॉर्नेट विमानों को भी मिशन के लिए तैयार रख रही है। अरब सागर से एफ-35सी स्टील्थ लड़ाकू विमान के उड़ान भरने का वीडियो भी साझा किया गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि वाशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक नया रास्ता बनाने पर काम कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में ईरान की ओर से वाणिज्यिक जहाजों पर हमला नहीं करने की प्रतिबद्धता शामिल हो सकती है। वेंस के अनुसार, ईरान ने अमेरिका को भरोसा दिलाया है कि वह होर्मुज से तेल की अधिकतम मात्रा के प्रवाह की अनुमति देगा, लेकिन वाशिंगटन को तेहरान के इस आश्वासन पर पूरी तरह भरोसा नहीं है। अमेरिका का लक्ष्य ईरान पर दबाव बनाए रखते हुए होर्मुज से तेल और गैस की आपूर्ति को अधिकतम करना है। इस बीच अमेरिका यह भी परख रहा है कि ईरान दोनों देशों के संबंधों में दीर्घकालिक बदलाव के लिए तैयार है या नहीं। फिलहाल होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी और सैन्य दबाव के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर नजरें टिकी हैं।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर कारी सईद अब्दुल अजीज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से आतंकी नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कारी सईद क्यूबा मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचा था। मस्जिद के प्रवेश द्वार पर बैग रखने के बाद वह बैठा और अचानक जमीन पर गिर पड़ा। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने के लिए सीपीआर देने की कोशिश की, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसकी मौत की आधिकारिक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। कारी सईद को लश्कर के वैचारिक और वित्तीय नेटवर्क से जुड़ा अहम कैडर बताया जा रहा है। उसकी संदिग्ध मौत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी कमांडरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ पाकिस्तानी रक्षा विशेषज्ञों ने टारगेटेड किलिंग या जहर दिए जाने की आशंका जताई है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में भारत विरोधी कई आतंकी रहस्यमय परिस्थितियों में मारे जा चुके हैं। रावलपिंडी में हिजबुल आतंकी बशीर अहमद पीर, लाहौर में खालिस्तान कमांडो फोर्स के परमजीत सिंह पंजवड़, रावलकोट में लश्कर के रियाज अहमद और कराची में मुफ्ती कैसर फारूक की हत्या के मामले चर्चा में रहे। अक्टूबर 2023 में जैश कमांडर शाहिद लतीफ की भी सियालकोट की मस्जिद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इन घटनाओं में हमलावरों का खुलासा कई मामलों में नहीं हो सका। कारी सईद की मौत के बाद पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क के भीतर डर और अनिश्चितता और बढ़ने की चर्चा है।
वॉशिंगटन। अमेरिका में नौकरी करने वाले विदेशी कामगारों, खासकर भारतीय पेशेवरों के लिए नई चिंता पैदा हो सकती है। अमेरिकी सरकार नौकरी गंवाने वाले गैर-आप्रवासी वीजा धारकों को मिलने वाली 60 दिन की अतिरिक्त अवधि खत्म करने के प्रस्ताव की समीक्षा कर रही है। प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है तो नौकरी जाने के बाद विदेशी कर्मचारियों को नई नौकरी तलाशने के लिए अमेरिका में रुकने का मौजूदा अवसर नहीं मिलेगा और उन्हें देश छोड़ना पड़ सकता है। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग का यह प्रस्ताव फिलहाल संघीय प्रबंधन एवं बजट कार्यालय के पास समीक्षा के लिए है। मौजूदा व्यवस्था के तहत कुछ प्रमुख गैर-आप्रवासी वीजा श्रेणियों के धारकों को नौकरी समाप्त होने के बाद 60 दिन तक अमेरिका में रहकर नया रोजगार तलाशने की अनुमति मिलती है। यह व्यवस्था 2017 में शुरू की गई थी। प्रस्ताव में बदलाव लागू होने पर एच-1बी, एच-1बी1, एल-1, ओ-1, ई-1, ई-2, ई-3 और टीएन जैसी वीजा श्रेणियों के विदेशी कर्मचारियों और उनके आश्रितों पर असर पड़ सकता है। नौकरी समाप्त होने के बाद उन्हें अमेरिका में अपनी स्थिति या नियोक्ता बदलने का मौका सीमित हो सकता है। भारतीय पेशेवर अमेरिका के एच-1बी कार्यक्रम के सबसे बड़े लाभार्थियों में शामिल हैं। वित्त वर्ष 2024 में सफल एच-1बी आवेदनों में भारतीय नागरिकों की हिस्सेदारी करीब 71 प्रतिशत रही थी। अमेरिका में भारतीय मूल की आबादी भी करीब 52 लाख बताई जाती है। हालांकि प्रस्ताव अभी अंतिम नियम नहीं है। मंजूरी मिलने और लागू होने के बाद ही इसके वास्तविक प्रभाव स्पष्ट होंगे। विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि अमेरिकी प्रशासन 60 दिन की सुरक्षा अवधि को लेकर क्या अंतिम फैसला करता है।
ओटावा। कनाडा में पढ़ाई, नौकरी और बेहतर भविष्य का सपना देख रहे भारतीयों के लिए चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कनाडा ने 2026 के पहले छह महीनों में 3,323 भारतीय नागरिकों को निर्वासित (डिपोर्ट) किया है। यह संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है और बताती है कि कनाडा ने अपनी आव्रजन व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। कनाडा सीमा सेवा एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच डिपोर्ट किए गए भारतीय नागरिकों की संख्या 2025 में पूरे साल के दौरान निर्वासित किए गए 3,779 भारतीयों के करीब 88 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यदि यही रफ्तार आगे भी जारी रही तो साल के अंत तक यह आंकड़ा नया रिकॉर्ड बना सकता है। कनाडा की कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब ओटावा अपनी इमिग्रेशन प्रणाली में नियमों को सख्त कर रहा है। वीजा शर्तों के उल्लंघन, आव्रजन नियमों का पालन नहीं करने और अन्य मामलों में कार्रवाई बढ़ाई जा रही है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों से हर निर्वासन के व्यक्तिगत कारण स्पष्ट नहीं होते हैं।तुलना करें तो अमेरिका ने 2026 के सात महीनों में 1,273 भारतीय नागरिकों को वापस भेजा, यानी कनाडा का आंकड़ा इससे करीब तीन गुना है। इससे कनाडा में रह रहे और वहां जाने की तैयारी कर रहे भारतीयों के बीच चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। विशेषज्ञों का मानना है कि कनाडा की मौजूदा नीति का असर छात्रों, अस्थायी कर्मचारियों और अन्य विदेशी नागरिकों पर पड़ सकता है। ऐसे में कनाडा जाने वालों के लिए अब वीजा और आव्रजन नियमों का सख्ती से पालन करना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।
नई दिल्ली। देश के बड़े हिस्से में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखा रहा है। कई राज्यों में लगातार बारिश से नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 9 अगस्त को भी कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। सबसे ज्यादा असर पहाड़ी राज्यों में देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और सड़कें बाधित होने का खतरा बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी 9 और 10 अगस्त को बारिश की संभावना जताई गई है। बिहार और झारखंड में भी आफत की बारिश का दौर जारी है। आईएमडी के अनुसार बिहार में 9-10 अगस्त और झारखंड में 8-9 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में भी 9 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम करवट ले सकता है। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। दक्षिण भारत में भी बारिश का असर जारी है। केरल और कर्नाटक में हाल के दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। आईएमडी के मुताबिक 8 अगस्त को दिल्ली-हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा और केरल समेत कई क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश दर्ज हुई। मौसम विभाग ने लोगों से भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर न जाने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन संभावित मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) गुट के सभी आठ सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने की तैयारी में हैं। सांसदों ने 10 अगस्त को प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा है। अगर पीएमओ से समय तय होता है, तो यह बैठक दिल्ली में हो सकती है। एनसीपी (सीपी) सांसद सुप्रिया सुले ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए समय मांगे जाने की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, बैठक का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र से जुड़े विकास कार्यों और राज्य के अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा करना है। एनसीपी के लोकसभा और राज्यसभा में कुल आठ सांसद हैं और सभी के इस संभावित प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने की संभावना है। सांसद केंद्र सरकार के सहयोग से जुड़े विषयों और महाराष्ट्र के विकास से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों को प्रधानमंत्री के सामने रख सकते हैं। हालांकि, अभी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से मुलाकात के समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद सभी आठ सांसदों का एक साथ प्रधानमंत्री से मिलने का प्रस्ताव महाराष्ट्र की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है। सियासी मायने भी तलाशे जा रहे हैं। महाराष्ट्र में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच शरद पवार गुट के सांसदों की प्रधानमंत्री से संभावित मुलाकात को विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के नजरिए से देखा जा रहा है। हालांकि, सांसदों की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बैठक का एजेंडा राज्य का विकास और केंद्र से सहयोग है। अब नजर इस बात पर है कि पीएमओ से मुलाकात का समय कब मिलता है और बैठक में महाराष्ट्र से जुड़े किन मुद्दों पर चर्चा होती है। मुलाकात के बाद सामने आने वाले बयानों से इसके राजनीतिक संकेत और स्पष्ट हो सकते हैं।
ई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच शनिवार को फोन पर अहम बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए फोन वार्ता की जानकारी साझा की। पीएम मोदी ने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में दोनों शीर्ष नेताओं के बीच यह बातचीत द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फोन वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस को बेटे के जन्म पर बधाई भी दी। उन्होंने वेंस और उनके पूरे परिवार के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार मजबूत हो रही है। दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क ऐसे समय जारी है, जब व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत से यह संकेत मिलता है कि भारत-अमेरिका रणनीतिक रिश्तों को नई गति देने की कोशिश जारी है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग से जुड़े फैसलों और उच्चस्तरीय संवाद पर नजर रहेगी।
काठमांडो। नेपाल को दोबारा वैदिक सनातन हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती दिख रही है। हिंदू संगठनों ने काठमांडो के साथ भारत की सीमा से लगे मोरंग, सुनसरी, सप्तरी, सिरहा, बारा, पर्सा और रौतहट समेत तराई-मधेश के कई इलाकों में आंदोलन चलाने का दावा किया है। संगठनों ने सरकार से तीन महीने के भीतर सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर चर्चा करने और आगे की प्रक्रिया के लिए समयसीमा तय करने की मांग की है। संयुक्त हिंदू मोर्चा ने हाल में गृह मंत्री सुदन गुरुंग को ज्ञापन सौंपकर नेपाल की संवैधानिक पहचान पर पुनर्विचार के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग रखी। नेपाल हिंदू स्वयंसेवक संघ से जुड़े प्रतिनिधियों के मुताबिक सरकार के साथ हुई बातचीत में धार्मिक सौहार्द, सुरक्षा और धार्मिक संस्थानों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। हालांकि, नेपाली अधिकारियों ने इस बैठक को किसी औपचारिक समझौते का संकेत मानने से इनकार किया है। अधिकारियों के अनुसार, संगठनों को अपनी मांगें सरकार के सामने रखने का अवसर दिया गया था। नेपाल वर्ष 2007 के बाद धर्मनिरपेक्ष गणराज्य बना। इसके बाद से हिंदू राष्ट्र की बहाली की मांग समय-समय पर उठती रही है। अब यह मुद्दा काठमांडो से आगे भारत की सीमा से लगे इलाकों तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। भारत-नेपाल के बीच खुली सीमा और गहरे सामाजिक-सांस्कृतिक संबंधों के कारण इस मांग के राजनीतिक प्रभाव को लेकर भी चर्चा बढ़ी है। सीमा क्षेत्र में फिलहाल जनजीवन सामान्य है, लेकिन संगठनों के आंदोलन के विस्तार की स्थिति में इसका असर नेपाल की राजनीति के साथ भारत-नेपाल संबंधों पर भी पड़ सकता है।विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि सरकार इस मांग को लेकर सर्वदलीय संवाद शुरू करती है या आंदोलन के राजनीतिक दबाव का सामना करती है।
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान की मुक्ति के लिए प्रस्तावित कारसेवा को लेकर मथुरा में हलचल तेज हो गई है। शनिवार सुबह गोवर्धन स्थित श्रीचित्रगुप्त पीठ में संत-महंतों की मौजूदगी में हवन-पूजन और शंखनाद किया जाएगा। आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से संतों के पहुंचने की बात कही गई है। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन भी सतर्क है। श्रीचित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर डॉ. स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने चार जुलाई को अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर कारसेवा का आह्वान किया था। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने भी इसका समर्थन करते हुए नौ अगस्त को कारसेवा की घोषणा की थी। हालांकि, कांवड़ यात्रा को देखते हुए कार्यक्रम की तारीख में बदलाव किया गया। इस बीच राजस्थान के भरतपुर से निर्माण कार्य के लिए शिलाएं मंगाए जाने के बाद प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई। शुक्रवार रात करीब 500 घन मीटर पत्थर पहुंचने की जानकारी सामने आई। इन पत्थरों को तराशने की तैयारी थी, लेकिन फिलहाल शिलापूजन कार्यक्रम रोक दिया गया है। स्वामी सच्चिदानंद के अनुसार, शनिवार सुबह नौ बजे से अयोध्या, मुंबई, हरिद्वार, दिल्ली और वृंदावन से पहुंचे संतों की अगुवाई में हवन-पूजन और शंखनाद होगा। इसका उद्देश्य श्रीकृष्ण जन्मस्थान को जल्द मुक्त कराने की कामना जताना है। प्रशासन की नजर अब आयोजन में जुटने वाली भीड़ और कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था पर है। संतों की सहमति के बाद श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर वास्तविक कारसेवा की अगली तारीख तय किए जाने की बात कही गई है।
ग्वालियर। साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस की बढ़ती कार्रवाई के बीच ठगों ने अपना तरीका बदल दिया है। अब वे केवल म्यूल यानी किराये के बैंक खातों पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि पूरे नेटवर्क को संचालित करने के लिए तकनीकी रूप से दक्ष हैंडलर तैनात कर रहे हैं। ये हैंडलर दूसरे राज्यों में बैठकर बैंक खातों और ठगी की रकम को ऑपरेट करते हैं, जिससे पुलिस के लिए असली मास्टरमाइंड तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। मध्य प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी 21.05 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की जांच में इस नए नेटवर्क का खुलासा हुआ। ग्वालियर के चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय से हुई ठगी की जांच के दौरान पुलिस ने हैंडलर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ीं और अंकित वर्मा नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, उसने शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य और भाजपा नेता जगदीश कुमार मालवीय के खाते को हैंडल किया था। ठगी के 50 लाख रुपये खाते में आते ही उन्हें दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। जांच में सामने आया कि म्यूल खाताधारक के पास सामान्य तौर पर एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक रहती है, जबकि तकनीकी संचालन हैंडलर करते हैं। आरोपी एपीके फाइल और स्क्रीन-शेयरिंग एप के जरिये मोबाइल तक पहुंच बनाने की कोशिश करते हैं, जिससे ओटीपी और लेन-देन की जानकारी उनके हाथ लग जाती है। ठगी की रकम खाते में आते ही उसे कई अन्य खातों में तेजी से भेज दिया जाता है। इसके बाद खाताधारक को तय कमीशन दिया जाता है। पुलिस के सामने अब चुनौती सिर्फ म्यूल खाताधारकों तक पहुंचने की नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों में बैठे इन तकनीकी हैंडलरों और पूरे नेटवर्क के संचालकों तक पहुंचने की है। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे मामलों में संदिग्ध एपीके फाइल या अनजान स्क्रीन-शेयरिंग एप से बचना बेहद जरूरी है।
आइए अब नज़र डालते हैं उत्तराखंड की ख़बरों पर-हल्द्वानी। अगर जुनून के साथ धैर्य और मेहनत जुड़ जाए तो असंभव लगने वाला लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। हल्द्वानी की रेणु धरियाल ने अपने इसी जुनून के दम पर दुनिया में खास पहचान बनाई है। उनके 271.50 सेंटीमीटर यानी 8 फीट 10 इंच लंबे बालों को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने जीवित महिला के सबसे लंबे बालों के रूप में दर्ज किया है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने अप्रैल में हल्द्वानी पहुंचकर रेणु के बालों की जांच और माप की। इसके बाद उनके रिकॉर्ड की पुष्टि की गई। रेणु ने यूक्रेन की आलिया नासिरोवा का 257.33 सेंटीमीटर लंबे बालों का पिछला रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। खास बात यह है कि रेणु के बालों की लंबाई दुनिया के सबसे लंबे व्यक्ति रहे रॉबर्ट वाडलो की 272 सेंटीमीटर ऊंचाई से महज कुछ सेंटीमीटर कम है। रेणु ने वर्ष 2015 से बाल कटवाना बंद कर दिया था। शुरुआत में यह उनका व्यक्तिगत शौक था, लेकिन समय के साथ यही शौक जुनून में बदल गया और विश्व रिकॉर्ड तक पहुंच गया। इतने लंबे बालों को संभालना आसान नहीं है। उन्हें जमीन से दूर रखने के लिए रेणु विशेष तरीके से चोटी बनाती हैं। बाल धोने और सुलझाने में कई घंटे लग जाते हैं। रेणु की खासियत यह भी है कि उन्होंने महंगे सैलून ट्रीटमेंट या केमिकल उत्पादों के बजाय घरेलू और प्राकृतिक तरीकों को प्राथमिकता दी। वह घर पर प्राकृतिक सामग्री से तेल और हर्बल शैंपू तैयार करती हैं। बालों की देखभाल के लिए मेथी दाना, कलौंजी और अदरक से बने होममेड सीरम का इस्तेमाल करती हैं। नौ साल के धैर्य और लगातार देखभाल ने रेणु के शौक को दुनिया के प्रतिष्ठित रिकॉर्ड में बदल दिया है।
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 9 से 11 अगस्त के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को सतर्क रहने और जरूरी संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 9 अगस्त को चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत में येलो अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भी तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना है। 10 अगस्त को देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और चंपावत में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, चमोली, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में तेज बारिश और गरज-चमक का येलो अलर्ट है। 11 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल में येलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश से भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने के कारण सड़कें और पुल बाधित हो सकते हैं। नदियों, गदेरों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। आपदा प्रबंधन विभाग ने अधिकारियों को आवश्यक उपकरण और संसाधन तैयार रखने, सड़क बंद होने पर तत्काल खोलने और किसी भी घटना की सूचना तुरंत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को देने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और कमजोर पुलों से दूर रहें तथा भूस्खलन संभावित मार्गों पर विशेष सावधानी बरतें।
रुद्रपुर। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस ने संगठन को सक्रिय करने की कवायद तेज कर दी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में जनसभा के बाद रुद्रपुर पहुंचकर पार्टी के विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में चुनावी रणनीति, संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने पर विस्तार से मंथन हुआ। बैठक में नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की राजनीतिक स्थिति और संगठन की गतिविधियों की जानकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने रखी। साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव में जनता के बीच उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर भी चर्चा हुई। पार्टी नेताओं के मुताबिक, भाजपा सरकार की कार्यशैली, प्रदेश के मौजूदा हालात और कांग्रेस की भावी रणनीति बैठक के प्रमुख विषय रहे। खड़गे ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरने का आह्वान किया। उन्होंने संगठन को बूथ और जमीनी स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और समय रहते चुनावी तैयारियों को गति देने पर जोर दिया। बैठक में युवा और जेन-जी से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठे। कांग्रेस नेताओं ने शिक्षा, रोजगार, युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों को चुनावी विमर्श का हिस्सा बनाने की बात कही। उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा ने कहा कि युवाओं के सवालों को कांग्रेस लगातार जनता के बीच उठा रही है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा और आरएसएस पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप भी लगाया। वहीं पार्टी ने लोकतांत्रिक मूल्यों और विभिन्न वर्गों के अधिकारों की रक्षा को अपना प्रमुख मुद्दा बताया। रुद्रपुर में रात्रि विश्राम के बाद प्रदेशभर के कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक प्रस्तावित है। इसमें संगठन की स्थिति और 2027 के चुनावी रोडमैप को लेकर आगे की दिशा तय किए जाने की उम्मीद है।
देहरादून। भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत ने उत्तराखंड के सबसे बड़े निजी आयकरदाता बनकर राज्य में अपनी आर्थिक योगदान की बड़ी मिसाल पेश की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंत ने 23.84 करोड़ रुपये आयकर जमा किया। आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के शीर्ष नॉन-कॉरपोरेट करदाताओं में पंत चौथे स्थान पर रहे, लेकिन निजी व्यक्तियों में वह सबसे आगे रहे। नॉन-कॉरपोरेट श्रेणी में सिग्नेचर फाइटोकेमिकल्स इंडस्ट्रीज ने 54 करोड़, कैलाश रिवर बेड मिनरल ने 40.74 करोड़ और उत्तरांचल ग्रामीण बैंक ने 28.95 करोड़ रुपये आयकर जमा किया। वहीं कॉरपोरेट श्रेणी में ओएनजीसी 13,564 करोड़ रुपये के आयकर योगदान के साथ प्रदेश में सबसे ऊपर रही। पंत लगातार दूसरे वर्ष उत्तराखंड के सबसे बड़े निजी आयकरदाता बने हैं। इसी बीच उनका उत्तराखंड में स्थायी बेस बनाने का मुद्दा भी चर्चा में है। पंत ने सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए बताया कि वह दिल्ली से अपना बेस उत्तराखंड शिफ्ट करना चाहते हैं और यहां जमीन खरीदकर अपना घर बनाना चाहते हैं, लेकिन पिछले करीब तीन वर्षों से उन्हें उपयुक्त जमीन नहीं मिल पा रही है। पंत ने स्पष्ट किया कि वह सरकार से मुफ्त जमीन या किसी विशेष रियायत की मांग नहीं कर रहे, बल्कि सरकारी नियमों और दरों के अनुसार जमीन खरीदना चाहते हैं। उन्होंने प्रक्रिया में मदद की अपील की। पंत की पोस्ट पर मुख्यमंत्री धामी ने जवाब देते हुए उन्हें उत्तराखंड का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि पंत के उठाए मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं और वे जल्द उनसे संपर्क कर नियमानुसार हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे। अब नजर इस बात पर है कि पंत के उत्तराखंड में अपना घर बनाने के सपने को प्रशासनिक स्तर पर कितनी जल्दी मंजूरी और समाधान मिलता है।
देहरादून। उत्तराखंड के बुजुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगों और अन्य पेंशन लाभार्थियों के लिए राहत की खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जुलाई 2026 की पेंशन किस्त के रूप में 9 लाख 87 हजार 17 लाभार्थियों के खातों में 146 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पेंशन राशि जारी की गई। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पेंशन का भुगतान समय पर और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है, ताकि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मिल सके। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांगों को पेंशन के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यही सरकार का लक्ष्य है। समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने बताया कि जुलाई की किस्त में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के करीब 2.15 लाख पेंशनर भी शामिल हैं। इन्हें एसएनए स्पर्श प्रणाली के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है। वही समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने बताया कि जुलाई 2026 की पेंशन किस्त का भुगतान किया गया है। इसमें राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के 2.15 लाख पेंशनर भी शामिल हैं। इन्हें एसएनए स्पर्श नाम की नई प्रणाली से भुगतान मिल रहा है। जुलाई 2026 में कुल 9,87,017 लाभार्थियों को पेंशन का लाभ मिला। कार्यक्रम में श्रीधर बाबू अद्दांकी, निदेशक संजय टोलिया, निदेशक संजय कुमार, सुंदर लाल सेमवाल, योगेंद्र रावत आदि मौजूद रहे। किस पेंशन के लिए कितनी धनराशि हुई जारी वृद्धावस्था पेंशन के 6,15,628 लाभार्थियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से 92.34 करोड़ रुपये दिए गए। विधवा पेंशन के 2,36,983 लाभार्थियों को 1,500 रुपये प्रतिमाह की दर से 35.54 करोड़ रुपये की धनराशि मिली। दिव्यांग पेंशन के 89,128 लाभार्थियों को 1,500 रुपये की दर से 13.36 करोड़ रुपये वितरित किए गए। किसान पेंशन के 27,288 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से 3.2 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। परित्यक्ता पेंशन के 8,284 लाभार्थियों को 1,200 रुपये की दर से करीब 99 लाख रुपये मिले। भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली पेंशन और बौना पेंशन के लाभार्थियों को भी राशि वितरित की गई।
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