Oct 26, 2026 Login
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आस्था का नया कीर्तिमान: बाबा केदार के दरबार में उमड़ा आस्था का महासागर; 39 दिनों में 10 लाख का आंकड़ा पार, टूटा बरसों का रिकॉर्ड

A New Milestone of Faith: An Ocean of Devotion Swells at Baba Kedar's Shrine; Crossing the 1 Million Mark in Just 39 Days—Breaking a Record Held for Years.

रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध और 11वें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम की पावन यात्रा इस वर्ष सफलता और जनसैलाब के एक नए ऐतिहासिक शिखर को छू रही है। बाबा केदार के प्रति देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की अटूट आस्था, असीम श्रद्धा और विश्वास का ऐसा अद्भुत नज़ारा हिमालय की गोद में देखने को मिल रहा है कि यात्रा ने महज 39 दिनों के भीतर 10 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन करने का एक नया और अकल्पनीय कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के पूरे इतिहास में इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी संख्या में भक्तों का केदारनाथ पहुंचना अपने आप में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक रिकॉर्ड माना जा रहा है।

गौरतलब है कि बीते 22 अप्रैल को पूरी धार्मिक परंपराओं, वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य अनुष्ठानों के साथ भगवान केदारनाथ के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए थे। कपाट खुलने के पहले ही दिन से देश-विदेश के कोने-कोने से भक्तों का सैलाब बाबा के दरबार की ओर उमड़ पड़ा। देखते ही देखते यात्रा ने हर दिन नए आयाम स्थापित करने शुरू कर दिए। इन दिनों धाम में सुबह की पहली किरण से लेकर देर शाम की आरती तक, पूरा मंदिर परिसर "हर-हर महादेव", "बम-बम भोले" और "जय बाबा केदार" के गगनभेदी जयघोषों से गुंजायमान हो रहा है। बाबा के दर्शन के लिए श्रद्धालु घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं और दिव्य ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। गौरीकुंड से लेकर पूरी केदारपुरी तक के पैदल मार्ग पर सिर्फ और सिर्फ आस्था का जनसैलाब ही नजर आ रहा है। रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने यात्रा के आधिकारिक आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान केदारनाथ के चरणों में शीश नवा चुके हैं। धाम में प्रतिदिन औसतन 25 हजार से अधिक यात्री पहुंच रहे हैं, जबकि वीकेंड (शनिवार-रविवार) और त्योहारों की छुट्टियों के दिनों में यह संख्या अप्रत्याशित रूप से और ज्यादा बढ़ जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इतनी भारी भीड़ के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करना पुलिस और जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा मार्ग पर उत्तराखंड पुलिस, एसडीआरएफ , डीडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें चौबीसों घंटे पूरी मुस्तैदी के साथ मुस्तैद हैं। पुलिसकर्मी न केवल सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं, बल्कि बुजुर्गों, बीमारों और बच्चों की सहायता व आपातकालीन स्थितियों में देवदूत बनकर राहत कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यात्रा मार्ग या मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार का हुड़दंग, मारपीट, रील बनाने के नाम पर अश्लीलता या अराजक गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे यात्रा रूट की निगरानी सोशल मीडिया और हाई-टेक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही है। इसके साथ ही, यात्रा की शुचिता बनाए रखने के लिए अवैध शराब तस्करों के खिलाफ भी एक व्यापक धरपकड़ अभियान चलाया जा रहा है। अब तक पुलिस ने कई मामलों में लाखों रुपये मूल्य की अवैध शराब जब्त कर आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा है।

केदारनाथ यात्रा में रिकॉर्ड तोड़ संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं का सीधा और बेहद सकारात्मक असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल रहा है। इसका सीधा लाभ रुद्रप्रयाग जिले के स्थानीय छोटे-बड़े व्यापारियों, होटल व्यवसायियों, होमस्टे संचालकों, घोड़ा-खच्चर स्वामियों, डंडी-कंडी श्रमिकों, टैक्सी चालकों और गाइड आदि जैसे स्वरोजगार से जुड़े हजारों परिवारों को मिल रहा है। यात्रा ने पूरे जनपद की आर्थिकी को एक नई गति प्रदान की है, जिससे स्थानीय बाजारों में भारी रौनक है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, ठंडी हवाओं और पहाड़ों के चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह तनिक भी कम नहीं हो रहा है। यात्रा के शुरुआती 39 दिनों के इस दमदार ट्रेंड को देखते हुए विशेषज्ञ और प्रशासन यह अनुमान लगा रहे हैं कि इस वर्ष केदारनाथ यात्रा अपने पिछले सारे पुराने रिकॉर्ड पूरी तरह ध्वस्त कर देगी। इस रफ्तार को देखते हुए कपाट बंद होने तक यह आंकड़ा एक नया ऐतिहासिक इतिहास रच सकता है। प्रशासन, पुलिस और बदरी-केदार मंदिर समिति भी संभावित बढ़ती भीड़ को देखते हुए आने वाले दिनों के लिए अपनी व्यवस्थाओं को और अधिक चाक-चौबंद करने में जुट गई है।