देश के रेल इतिहास में नया स्वर्णिम अध्याय: आज दौड़ेगी पहली स्वदेशी 'हाइड्रोजन ट्रेन', जींद से पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी
चंडीगढ़। भारत आज रेल क्रांति के एक नए युग में प्रवेश करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से देश की पहली पर्यावरण अनुकूल 'हाइड्रोजन ट्रेन' को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक से निर्मित यह आधुनिक ट्रेन भारतीय रेलवे का भविष्य बदलने वाली साबित होगी। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान करीब 25,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। अकेले हरियाणा को 14,700 करोड़ रुपये की सौगात मिलेगी, जिसमें सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा और 75 अमृत भारत स्टेशनों का आधुनिकीकरण शामिल है। देश की यह पहली हाइड्रोजन ट्रेन न केवल प्रदूषण मुक्त होगी, बल्कि रफ्तार के मामले में भी बेजोड़ होगी। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर की दूरी को महज 2 घंटे में तय करेगी। इस पर्यावरण-अनुकूल ट्रेन में 10 अत्याधुनिक कोच लगाए गए हैं, जो यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव कराएंगे। इस ट्रेन का पूरा डिजाइन और निर्माण भारत में ही किया गया है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' का एक बड़ा उदाहरण है। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर जींद में सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद की गई है। सुरक्षा एजेंसियों (SPG) के निरीक्षण के बाद अंतिम समय में वीवीआईपी मूवमेंट रूट में बड़ा बदलाव किया गया है।
पहले प्रधानमंत्री का काफिला शहर के बीच गोहाना रोड से होकर गुजरना था, लेकिन संकरी और सिंगल सड़क होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से इसे अनुपयुक्त माना गया। अब प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर सीधे रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेलवे ग्राउंड में उतरेगा। यहां से वे पटियाला चौक और नरवाना चौक होते हुए जींद बाईपास से हुडा ग्राउंड (जनसभा स्थल) पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री का जींद में कुल कार्यक्रम लगभग 40 से 45 मिनट का रहने वाला है। सुबह 10:45 बजे जींद पहुंचने के बाद वे दोपहर करीब 11:30 बजे एकलव्य स्टेडियम में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस ऐतिहासिक पल और पीएम मोदी के स्वागत के लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं ने 51 क्विंटल लड्डू तैयार करवाए हैं। जींद के कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री सीधे चंडीगढ़ के लिए रवाना हो जाएंगे। प्रधानमंत्री के इस दौरे से पूरे उत्तर भारत, खासकर हरियाणा के बुनियादी ढांचे को एक नई गति मिलने जा रही है। ग्रीन एनर्जी की दिशा में भारत का यह कदम वैश्विक पटल पर भी देश की एक नई पहचान बनाएगा।