नैनीताल झील में अचानक उतरा 6 वर्षीय मूक बधिर बच्चा! पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से बची जान, विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने पेश की इंसानियत की मिसाल
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में एक नाबालिग झील में कूद गया, जिसे पर्यटकों समेत स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला। इस दौरान मॉर्निंग वॉल्क पर निकले जज ने कपड़े मंगाकर बच्चे के कपड़े बदले। वहीं बच्चे को परिजनों के आने तक तल्लीताल कोतवाली में बैठाया गया। नैनीताल की मॉलरोड स्थित कैनेडी पार्क से एक नाबालिग बोट स्टैंड की जैटी में उतरा और फिर झील में उतर गया। बताया जा रहा है कि वहां मौजूद कुछ पर्यटकों ने इस घटना को देखा और हल्ला मच गया। हल्ला सुनकर वहां मौजूद टैक्सी ड्राइवर, बोट चालक और होटल गाइड मौके पर पहुंच गए। उन्होंने, तत्काल नाबालिग को झील से बाहर निकाला। गीले कपड़ों के साथ नाबालिग को सड़क में लाया गया, तो वहां मॉर्निंग वॉक कर रहे राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मैम्बर सचिव प्रदीपमणि त्रिपाठी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पारुल थपलियाल को सूचित किया और आवश्यक कार्यवाही के लिए कहा। इस दौरान मैम्बर सचिव प्रदीपमणि ने गाड़ी भेजकर नाबालिग के लिए अपने घर से कपड़े मंगवाए और कार्यालय के यशवंत कुमार को बच्चे के परिजनों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी। जानकारी के अनुसार नाबालिग लगभग 7ः45 बजे अलका बोट स्टैंड की जेटी पर पहुंचा और पानी मे उतर गया। उसे वहां मौजूद लोगों ने रैस्क्यू कर तल्लीताल थाने को संपर्क किया। सूचना पर पुलिस ने बच्चे को कब्जे में लेकर पहचान शुरू कराई। बूचड़खाने निवासी नवाब ने बताया कि लगभग 6 वर्षीय मूक बधिर बच्चे की पहचान के लिए हरीनगर, बूचड़खाने, वैष्णो देवी मंदिर ले जाया गया। लगभग दस बजे, बच्चे के लखनऊ निवासी परिजन उसे तलाशते हुए तल्लीताल कोतवाली पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके गहरी नींद में होने के दौरान बच्चा कमरे से निकलकर बाहर निकल गया। नीद खुलने पर उसकी गुमशुदगी का पता चला।