नैनीताल:एक कार की दो कहानियां!कालाढूंगी से नैनीताल तक कहर बनकर दौड़ी यूपी नंबर की कार! ग्रामीणों का आरोप कई वाहनों और ग्रामीणों को मारी टक्कर,महिला यात्री की कहानी कुछ और!! लिंक में पढ़ें मामला
नैनीताल।
पर्यटन नगरी नैनीताल की ओर आ रही उत्तर प्रदेश नंबर की एक कार पर तेज रफ्तार में कई वाहनों को टक्कर मारने और ग्रामीणों को चोटिल करने का आरोप लगा है। दोनों पक्ष मल्लीताल कोतवाली पहुंचे और अपनी अपनी शिकायत दर्ज करवाई।

शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे हुई इस घटना के बाद बजून और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कार चालक ने कालाढूंगी से नैनीताल के बीच कई स्थानों पर खड़े वाहनों को टक्कर मारी और सड़क पर चल रहे लोगों को भी चोटिल किया।

प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के मुताबिक, कार ने सबसे पहले बजून चौराहे के आसपास पांच से छह वाहनों को टक्कर मारी। इस दौरान सड़क पर मौजूद कुछ ग्रामीण और बच्चे भी चोटिल हो गए। इसके बाद कार चालक वाटरफॉल होते हुए चारखेत की ओर पहुंचा, जहां खड़े टैक्सी वाहनों और अन्य गाड़ियों को भी टक्कर मारने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि कई वाहन स्थानीय टैक्सी चालकों के थे, जिन्हें नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद प्रभावित ग्रामीण और वाहन स्वामी एकत्र होकर अपनी शिकायत लेकर पहुंचे।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार चालक की रफ्तार बेहद तेज थी और वह लगातार वाहनों को टक्कर मारने के बावजूद नहीं रुका। कुछ लोगों ने चालक के नशे में होने की आशंका भी जताई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि घटना में बच्चों को भी चोटें आई हैं और पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वहीं, पर्यटक वाहन में सवार महिला यात्री ने इस घटना का अलग पक्ष सामने रखा है। महिला के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में प्रवेश करने के बाद एक सफेद कार लगातार उनके वाहन को ओवरटेक कर रही थी। महिला का आरोप है कि कार में पांच-छह युवक सवार थे, जिन्होंने पहले उन्हें मिडिल फिंगर दिखाई और फिर आगे जाकर उनका रास्ता रोक लिया। महिला के अनुसार आगे बजून में उसी कार से कई युवक बाहर निकले और उनके वाहन को चारों ओर से घेर लिया। उस समय कार में दो पुरुष, तीन महिलाएं और दो बच्चे मौजूद थे। महिला ने बताया कि परिवार के सदस्यों ने बच्चों को संभाला और पुलिस को फोन कर मदद मांगी। महिला का कहना है कि पीछे परिवार के सदस्यों और बच्चों की मौजूदगी के कारण उनका भाई घबरा गया और वहां से वाहन लेकर आगे निकल गया। रास्ते में नेटवर्क की समस्या के कारण भी पुलिस से संपर्क करने में परेशानी हुई। महिला के अनुसार, इसके बाद आगे भीड़ ने उनके वाहन को घेर लिया और मारपीट की स्थिति बन गई।

घटना के बाद दोनों पक्षों के आरोप अलग अलग सामने आने के कारण मामला पेचीदा हो गया है। एक ओर ग्रामीण कई वाहनों को टक्कर मारने और लोगों को चोटिल करने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पर्यटक परिवार ने रास्ता रोकने, अभद्रता और घेराव किए जाने की बात कही है।
वही खबर लिखे जाने तक पुलिस का कोई बयान सामने नहीं आया। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटनाओं का वास्तविक क्रम क्या था, किसकी क्या भूमिका रही और दुर्घटनाओं और कथित मारपीट के लिए कौन जिम्मेदार है।