Oct 11, 2026 Login
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2016 से बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की 45.33 एकड़ जमीन उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित, मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केंद्र ने राज्य को दी सौगात   

45.33 acres of HMT factory, which was closed since 2016, transferred to the Uttarakhand government, on the request of the Chief Minister, the Center gave a gift to the state

हल्द्वानी। केंद्र ने नैनीताल जिले में बंद पड़ी एचएमटी फैक्ट्री की 45.33 एकड़ जमीन उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित कर दी है। इस संबंध में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है जिसमें कहा गया है कि रानीबाग और हल्द्वानी स्थित एचएमटी की 45.33 एकङ भूमि उत्तराखंड सरकार को 72 करोड़ 02 लाख 10 हजार रूपये की आरक्षी मूल्य पर हस्तांतरित कर दी गयी है ।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 'मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय का आभार व्यक्त करता हूं। मैंने उनसे राज्य सरकार को भूमि हस्तांतरित करने का अनुरोध किया था। इस भूमि का प्रदेश हित में विकास के लिए उपयोग किया जाएगा।' 

सेवा व पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्योग लगेंगे
एचएमटी की भूमि पर राज्य सरकार मिनी सिडकुल का निर्माण कर सकती है। राज्य में बड़ी संख्या में उद्यमी निवेश करने के इच्छुक हैं। लेकिन सरकार के सामने उद्योगों के लिए भूमि की व्यवस्था करना बहुत बड़ी चुनौती है। एचएमटी की भूमि मिलने के बाद अब सरकार को राहत मिली है। अब वह सेवा और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए प्रेरित कर सकती है। सरकार को लैंड बैंक के लिए भूमि मिल गई है।

 

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क्या है एचएमटी की इस फैक्ट्री का इतिहास?  

यह फैक्ट्री कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी के रानीबाग में स्थापित हुई थी। 1982 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इसे स्वीकृति दी। उद्योग मंत्री नारायण दत्त तिवारी ने शिलान्यास किया और 1985 में प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने इसका उद्घाटन किया था। विकास पुरुष एनडी का यह एक ऐसा ड्रीम प्रोजेक्ट था, जिसने हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार दिया। उत्तराखंड की शान समझी जाने वाली फैक्ट्री में 2016 से ताला लटक गया। फैक्ट्री व आवासीय कालोनियां अब खंडहर हो चुकी हैं।