नैनीताल के मंगोली में महिलाओं की जीत! शराब की दुकान का प्रस्ताव रद्द, जनआंदोलन के आगे झुका शासन

Women's victory in Mangoli, Nainital! Liquor shop proposal cancelled, government bows to public protest

नैनीताल। नैनीताल जिले के मंगोली क्षेत्र में प्रस्तावित शराब की दुकान को लेकर चल रहा ग्रामीणों का विरोध आखिरकार रंग ले आया है। लगातार आंदोलन और जनभावनाओं के दबाव के चलते शासन को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। जैसे ही यह खबर गांव तक पहुंची, खासकर महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई और पूरे क्षेत्र में जश्न जैसा माहौल बन गया। दरअसल, मंगोली और बजून क्षेत्र में शराब की दुकान खोले जाने के प्रस्ताव के खिलाफ ग्रामीण महिलाएं पिछले कई दिनों से सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रही थीं। महिलाएं दिन-रात धरने पर डटी रहीं और अपने गांव की सामाजिक संरचना को बचाने की मांग करती रहीं। बीते दिनों आंदोलन ने उस वक्त और उग्र रूप ले लिया, जब महिलाओं ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और प्रशासन पर दबाव काफी बढ़ गया।

प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी थी कि जब तक शराब की दुकान का प्रस्ताव पूरी तरह निरस्त नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। लगातार बढ़ते जनआक्रोश और विरोध के बीच आखिरकार शासन को झुकना पड़ा और प्रस्तावित शराब की दुकान खोलने का निर्णय वापस ले लिया गया। इस फैसले के बाद धरना स्थल पर मौजूद महिलाओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और इसे अपनी एकजुटता और संघर्ष की बड़ी जीत बताया। आंदोलन में शामिल महिलाओं ने कहा कि यह सिर्फ शराब की दुकान का विरोध नहीं था, बल्कि गांव के सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण को बचाने की लड़ाई थी। उनका मानना था कि यदि यहां शराब की दुकान खुलती, तो इसका सीधा असर युवाओं और परिवारों पर पड़ता। इस पूरे आंदोलन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया और एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की। यही एकता इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई। अब शासन के फैसले के बाद क्षेत्र में शांति का माहौल है और लोग इसे जनशक्ति की जीत के रूप में देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब जनता एकजुट होकर अपनी बात रखती है, तो बड़े से बड़ा निर्णय भी बदला जा सकता है।