वीटीआर में खूनी संघर्ष: अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर उग्र भीड़ का हमला, जेसीबी फूंकी, रेंजर-कर्मियों सहित आधा दर्जन घायल

Violent clash in VTR: Angry mob attacks team arriving to remove encroachments; JCB set ablaze; half a dozen injured, including a ranger and staff members.

बिहार के इकलौते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार को वीटीआर के वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र अंतर्गत ठाड़ी गांव के पास धनहिया इलाके में वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने गई टीम पर स्थानीय ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया। देखते ही देखते विरोध ने उग्र और हिंसक रूप अख्तियार कर लिया। आक्रोशित भीड़ ने न सिर्फ वन कर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, बल्कि अतिक्रमण हटाने के कार्य में लगी एक जेसीबी मशीन को भी आग के हवाले कर दिया। इस भीषण झड़प में दोनों पक्षों से करीब आधा दर्जन लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की प्रारंभिक सूचना है।

जानकारी के अनुसार, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की बेशकीमती वन भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा जमाए लोगों के खिलाफ वन विभाग, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम एक सुनियोजित रणनीति के तहत अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने पहुंची थी। जैसे ही प्रशासनिक अमले ने जेसीबी के जरिए अवैध निर्माणों को ढहाना शुरू किया, वैसे ही स्थानीय लोग विरोध में उतर आए। देखते ही देखते मौके पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और महिलाएं लाठी-डंडों और पारंपरिक हथियारों के साथ वहां जुट गए। उग्र भीड़ ने वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को चारों तरफ से घेर लिया। सरकारी टीम ने जब लोगों को समझाने की कोशिश की, तो भीड़ और अधिक हिंसक हो गई। पथराव के बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने वहां खड़ी जेसीबी मशीन पर हमला बोल दिया और उसे आग के हवाले कर दिया। धू-धू कर जलती जेसीबी और मचे बवाल के बीच वन कर्मियों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। स्थिति पूरी तरह बेकाबू और हाथ से बाहर निकलते देख वाल्मीकिनगर थाना पुलिस ने तुरंत आला अधिकारियों को वायरलेस पर संदेश भेजा। घटना की संवेदनशीलता और वीटीआर जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र का मामला होने के कारण हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ निहार भूषण और सशस्त्र सीमा बल के कमांडेंट भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल और जवानों के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे।सुरक्षाबलों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए उग्र भीड़ को पीछे खदेड़ा और हिंसक हो रहे ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। कड़े प्रतिरोध और भारी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने चारों तरफ से घिरी वन विभाग की टीम और घायल कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे ठाड़ी और धनहिया इलाके में भारी तनाव व्याप्त है। एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल और वन कर्मियों की तैनाती कर दी गई है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो। एसडीपीओ ने साफ किया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की जा रही है। प्रशासन ने दोटूक लहजे में चेतावनी दी है कि वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगी। साथ ही, सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और सरकारी संपत्ति (जेसीबी) को फूंकने वाले उपद्रवियों को चिह्नित किया जा रहा है, और उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।